dr. Pachauri – Research Diary https://researchdiary.in Research Diary Tue, 02 Dec 2025 04:22:36 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 https://i0.wp.com/researchdiary.in/wp-content/uploads/2023/07/cropped-Research-Diary-Logo.jpeg?fit=32%2C32&ssl=1 dr. Pachauri – Research Diary https://researchdiary.in 32 32 230867523 गढ़वाल विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस, हुए विभिन्न कार्यक्रम। प्रथम छात्र संघ अध्यक्ष रहे मुख्य अतिथि। https://researchdiary.in/hnb-shrinagar-garhwal/ https://researchdiary.in/hnb-shrinagar-garhwal/#respond Tue, 02 Dec 2025 04:05:20 +0000 https://researchdiary.in/?p=20770

हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय (अब केंद्रीय विश्व विद्यालय) श्रीनगर गढ़वाल का 52वां स्थापना दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि गढ़वाल विवि श्रीनगर के प्रथम छात्र संघ अध्यक्ष व विवि स्थापना आंदोलन समिति के सदस्य एवं आईडीपीएल ऋषिकेश के प्रभारी महाप्रबंधक पद से सेवानिवृत्त विक्रम सिंह चौहान उपस्थित रहें। बिड़ला परिसर के एसीएल सभागार में कार्यक्रम की शुरूवात स्वामी मनमथन जी के चित्र पर माल्यापर्ण कर दीप प्रज्वलन के बाद की गई।

इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि विक्रम सिंह चौहान ने खुलासा करते हुए कहा कि तत्कालीन प्रदेश सरकार ने पर्वतीय क्षेत्रों में एक विश्वविद्यालय खोलने की अनुमति प्रदान कर दी थी, उस समय बिड़ला परिसर आगरा विश्वविद्यालय के अधीन संचालित किया जाता था। पर्वतीय क्षेत्र में विश्वविद्यालय नैनीताल में खोले जाने की चर्चाएं जोरां पर थी, लेकिन जनता को श्रीनगर में ही विश्वविद्यालय चाहिए था। बताया कि विश्वविद्यालय निर्माण में स्वामी मनमंथन के साथ स्थानीय जनता व महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

स्थानीय जनता के आंदोलन को देखते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा को चलते  सरकार द्वारा पर्वतीय क्षेत्रों में दो विश्वविद्यालय खोलने की अनुमति दी गई। जिसके परिणाम स्वरूप 1 दिसंबर 1973 को गढ़वाल विश्वविद्यालय अस्तित्व में आया। उन्होने आंदोलन के दौरान कई घटनाक्रमों को छात्रों एवं शिक्षकों के समक्ष साझा किया। कार्यक्रम का संचलन करते हुए मुख्य छात्रावास अधीक्षक डॉ. एसएस बिष्ट ने गढ़वाल विश्वविद्यालय के निर्माण से लेकर स्वरामी मनमंथन के योगदान व उनके जीवन संघर्ष पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम की अध्यक्षता गढ़वाल विवि के प्रभारी कुलपति प्रो. एमएमएस रौथाण ने की। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. ओपी गुसांई ने अपने संबोधन में मुख्य अतिथि का जीवन वृतांत का परिचय दिया। मौके पर प्रभारी कुलसचिव अनीस उज जमान, जन संपर्क अधिकारी आशुतोष बहुगुणा सहित विवि के संकायध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, छात्र प्रतिनिधि एवं कर्मचारी प्रतिनिधि मौजूद रहें। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी।

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