folk singar narendra singh negi – Research Diary https://researchdiary.in Research Diary Fri, 16 Jan 2026 13:49:55 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 https://i0.wp.com/researchdiary.in/wp-content/uploads/2023/07/cropped-Research-Diary-Logo.jpeg?fit=32%2C32&ssl=1 folk singar narendra singh negi – Research Diary https://researchdiary.in 32 32 230867523 स्व.अंजली देवी स्मृति सम्मान और “कल्यो” पुस्तक का लोकार्पण। https://researchdiary.in/anjali-devi-memorial/ https://researchdiary.in/anjali-devi-memorial/#respond Thu, 15 Jan 2026 17:42:33 +0000 https://researchdiary.in/?p=20943

स्व.अंजली देवी स्मृति सम्मान और “कल्यो” पुस्तक का लोकार्पण।

 

@Aashi Dobhal

 

देहरादून स्थित कुकरेजा इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट के ऑडिटोरियम में गढ़रत्न गढ़ गौरव नरेंद्र सिंह नेगी के मुख्यातिथ्य में स्व० अंजली देवी स्मृति सम्मान 2026 और उनकी स्मृति में आशा ममगाई द्वारा लिखी गई पुस्तक “कल्यो” का भी लोकार्पण संपन्न हुआ है।

ज्ञात हो कि इस वर्ष का “स्व० अंजली देवी स्मृति सम्मान” एक विशेष थीम पर दिया गया है यानी लेखन, साहित्य और समाजसेवा के क्षेत्र में योगदान देने वाले व्यक्तित्व को सम्मानित किया गया है। जिसमें क्रमशः ग्राम-खोला विकासखंड भिलंगना टिहरी गढ़वाल के ग्राम प्रधान कैलाश प्रसाद ममगाईं को उनके सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर दिया गया है। जबकि श्रीमती बीना बेंजवाल को उनके साहित्य सृजन में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा सांस्कृतिकर्मी डॉ० कुसुम भट्ट, साहित्यकार दिनेश रावत, डॉ० नीता कुकरेती को भी स्व० अंजली देवी स्मृति सम्मान से नवाजा गया है।

दूसरी तरफ कार्यक्रम में नरेंद्र सिंह नेगी के साथ-साथ बीना बेंजवाल, डॉ० कुसुम भट्ट, साहित्यकार दिनेश रावत, डॉ नीता कुकरेती की उपस्थिति में गढ़वाली कथा संकलन “कल्यो” का भी लोकार्पण किया गया।

कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि अगले वर्ष भी यह सम्मान समाज में विशेष योगदान देने वालों को दिया जाएगा। जिसमें मुख्यतः लोक कला, संस्कृति संरक्षण, उधमिता, स्वास्थ्य और स्वरोजगार जैसी थीम पर कार्य करने वाले व्यक्तित्वों को स्व० अंजली देवी सम्मान से नवाजा जाएगा। जिसके लिए प्रस्ताव मांगे गए है। इस दौरान “कल्यो” पुस्तक पर डॉ० कुसुम भट्ट ने अपने विचार व्यक्त किए। श्रीमती भट्ट ने कहा कि इस कथा संकलन में लोक जीवन की उन कहानियों का समावेश है जो रोजमर्रा हर किसी के जीवन में घटती हुई घटना का होना होता है। कहा कि जिस तरह पुस्तक में लोक और सामान्य लोक जीवन में गढ़वाली भाषा का प्रचलन है उसी बोली भाषा को शब्दों में पिरोकर आशा ममगाई ने कहानीयो का रूप दिया है। जो निश्चित ही पठनीय है और संदेशपरक भी है।

कार्यक्रम का सफल संचालन कवि डॉ० साधना जोशी और शिक्षक एवं लेखक राघवेंद्र उनियाल ने संयुक्त रूप से किया है। इस दौरान गौरव नौटियाल, ओम प्रकाश नौटियाल, ममता रावत, कल्पना असवाल, मोनिका भंडारी और प्रभव साहित्य संगीत कला मंच उत्तरकाशी से जुड़े लोग उपस्थित रहे है।

@गढ़वाली कथा संकलन कल्यो –

इस कथा संग्रह में सात कथाएं है। जो पहाड़ के जन जीवन पर आधारित है। “कल्यो” आंचलिक भाषा गढ़वाली में लिखी गई है। शीर्षक शब्द से ही मालूम हो रहा है कि यह कहानी संकलन लोक परंपरा की जीती तस्वीर है। दरअसल “कल्यो” पहाड़ की महिला को मायके पक्ष से एक समौण के रूप में दिया जाता है। जिसे वह अपने ससुराल पक्ष में जाकर बांटती है। इस संकलन में “कल्यो” के पीछे की लंबी दास्तान के बारे में पढ़ने को मिलेगी।

 

@अंजली देवी स्मृति सम्मान –

अंजली देवी भिलंगना विकासखंड के दूरस्थ गांव भिगुन निवासी स्व० गणेश राम नौटियाल और श्रीमति गीता देवी की पुत्री थी। अंजली बचपन से ही प्रतिभा की धनी रही है। अंजली ने अल्पायु में ही इस मायावी दुनिया को अलविदा कह दिया। इस घटना ने छोटी बहन आशा को मानसिक रूप से बहुत ही पीड़ा दी है। अब आशा ममगाई ने अपनी दीदी की स्मृति में हर वर्ष स्व० अंजली देवी सम्मान आरंभ किया है। इस सम्मान के मार्फत प्रतिभाशाली महिलाओं को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।

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