himalayee song – Research Diary https://researchdiary.in Research Diary Fri, 01 May 2026 02:00:22 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 https://i0.wp.com/researchdiary.in/wp-content/uploads/2023/07/cropped-Research-Diary-Logo.jpeg?fit=32%2C32&ssl=1 himalayee song – Research Diary https://researchdiary.in 32 32 230867523 पहाड़ी छाँ हाम, उप्रेती सिस्टर का यह बेहद खूबसूरत गीत यूट्यूब पर खूब पसंद किया जा रहा है। https://researchdiary.in/pahadi-song-upreti-sistar/ https://researchdiary.in/pahadi-song-upreti-sistar/#respond Fri, 01 May 2026 02:00:22 +0000 https://researchdiary.in/?p=21471

By – Prem Pancholi

अभी मात्र एक सप्ताह ही हुआ इस गीत को आये हुए और यह गीत लगातार लोगो के दिलों में जगह बनाता जा रहा है। एक सप्ताह में इस गीत ने 67 हजार लोगों तक पहुंच बना दी है, हो भी क्यों न।

उत्तराखंड की वह आवाज जो एक पहचान की आवाज है। सम्मान की आवाज है। अतः उप्रेती सिस्टर जब और जहां गाती है तो मालूम हो जाता है कि उत्तराखंड गा रहा है। यह कटु सत्य है कि इन “विदुषी बहनों” के कंठ में साक्षात सरस्वती बसती है। हिमालय सा जैसा अडिग विश्वास से ओतप्रोत यह बहने हिमालय से बहने वाली “सुर सरिता” की जीती जागती तस्वीर है।


अभी हाल ही में ओहो रेडियो और FM Box द्वारा संयुक्त रूप से प्रस्तुत यह पहला गीत होगा जो माणा से मंगलौर, मोरी से मुनस्यारी तक की सैर करवाता है। गीत के ही बोल हैं जो क्षेत्रवाद जैसी सरहद को समाप्त करता है। पहाड़ी है पहाड़ी रहने वाले, हिमालय से बुग्याल, मैदान, झरने, नदी, ताल और तमाम प्राकृतिक सौंदर्य का साक्षात बोध भी आपको इस गीत को सुनने व देखने से मिलता है। कितना भावो से भरा है यह गीत की – पाख का पाथर, बार माह के त्यौहार, नाना नाना गांव यख नाना नाना घार, अर्थात भांति भांति के गाँव घर है यहां प्रकृति को समेटे हुए।

उप्रेती बहने जिस क्षेत्र के बोल गीत में गा रही होती है उसी क्षेत्र के परिधान भी आप इनकी प्रस्तुति में देख पाएंगे। शब्दों की बानगी देखिए कि हर शब्द उत्तराखंड का भान करवा रहा है। जबकि गीत को ऐसा बुना गया जैसे कोई भी मनुष्य अपने सपनों का घर बनाता है, ठीक उसी प्रकार इस गीत के एक एक शब्द जोड़े गए है। मात्र तीन अंतरा में गीत की लेंथ सात मिनट की हो गई। मगर आपको महसूस नहीं होगा कि गीत की लेंथ बड़ी है। इसलिए कि उप्रेती बहने “विदुषी” है। बता दें कि गीत रचने में गीत की स्थाई पंक्ति, और टेक की पंक्तियां बहुत महत्वपूर्ण होती है। स्थाई यानी बुनियाद और टेक यानी उसकी मजबूती।

अतएव इस गीत का शिल्प भी इसी तरह का अपने आप में बेहद खूबसूरत है, रसीला है और बहुत कुछ। गीत जैसे आरंभ होता है एक बारगी सुनने वाले के पांव रुक जाते है। गीत आगे बढ़ता है तो श्रोता और दर्शक मन ही मन थिरकने के साथ साथ प्रफुल्लित हो उठता है। ऐसा तब होता है जब आपके मन का पसंद आपके आँखो के सामने हो और कान में गूंज रहा हो। ऐसा कमाल करके दिखाया है “उप्रेती सिस्टर” ने।


दरअसल ये बहने उत्तराखंड की शान और पहचान है। इनके हरेक गीत के पीछे उत्तराखंड का रहस्य है। इनके गीत कभी भी क्षेत्रवाद में नहीं बंध पाए। यही वजह है कि उप्रेती सिस्टर “उत्तराखण्डी संगीत” की स्थापित नाम है। इस गीत को सुनने के लिए आपको उप्रेती सिस्टर यूट्यूब पर जाना होगा।

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