kundan singh chauhan – Research Diary https://researchdiary.in Research Diary Sun, 02 Aug 2026 15:01:25 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 https://i0.wp.com/researchdiary.in/wp-content/uploads/2023/07/cropped-Research-Diary-Logo.jpeg?fit=32%2C32&ssl=1 kundan singh chauhan – Research Diary https://researchdiary.in 32 32 230867523 अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में होगा “ठोउड़ा महोत्सव” 2026. https://researchdiary.in/thouda-mahitasaw/ https://researchdiary.in/thouda-mahitasaw/#respond Sun, 02 Aug 2026 15:01:25 +0000 https://researchdiary.in/?p=21747

अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में होगा “ठोउड़ा महोत्सव” 2026.

By – Prem Pancholi

विगत वर्षों से आयोजित जौनसार बावर क्षेत्र का एक खास नृत्य ठोउड़ा के नाम से राजधानी में “ठोउड़ा महोत्सव” आयोजित होते आया है। आज इसी विषय को लेकर आयोजकों की अहम बैठक हुई है और तय किया गया कि अक्टूबर माह के अंतिम सप्ताह में तीन दिवसीय “ठोउड़ा महोत्सव” आयोजित किया जाएगा।

“ठोउड़ा महोत्सव” को सफल बनाने के लिए प्रमुख आयोजक कुंदन सिंह चौहान ने सभी से सहयोग की अपील की है। जबकि बैठक की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार बलदेव चंद्र भट्ट ने कहा कि यह ऐतिहासिक आयोजन है। इसके लिए सभी को एक साथ आना होगा। उन्होंने कहा कि “ठोउड़ा महोत्सव” को सफल बनाने बावत सभी कार्यकर्ताओं को अपने अपने स्तर से आर्थिक संसाधन भी जोड़ने होंगे। कहा कि जल्दी रणनीतिक बैठक आहूत होगी जिसमें सभी की उपस्थिति अनिवार्य है।

इस दौरान सभी ने “ठोउड़ा महोत्सव” को सफल बनाने बावत अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किए है। इस अवसर पर विपिन, नरेश सिंह, निकेश वर्मा, हरीश धामी ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। यह संकल्प लिया गया कि सभी के सहयोग एवं सहभागिता से इस वर्ष का “ठोउड़ा महोत्सव” भव्य, सुव्यवस्थित एवं ऐतिहासिक बनाया जाएगा। सभी उपस्थित जनों ने आयोजन की तैयारियों में पूर्ण सहयोग देने का भी भरोसा दिया है।

बैठक में प्रमुख रूप से आचार्य विमल पांडे, चंदन सिंह, गंगा बिष्ट, ज्योति रजवार, वैशाली रावत, ललित कुमार आर्य, मीरा आर्य, बबली चौहान, शिवप्रसाद सिंह मनराल, महत्व सिंह चौहान, मीना बिष्ट, शेखर सिंह नेगी, विशाल गोसाईं, प्रेम पंचोली, लक्ष्मण सिंह बिष्ट, राजेंद्र सिंह बिष्ट, प्रताप सिंह बिष्ट, सुरेंद्र सिंह बिष्ट, रिया नैथानी, प्रह्लाद सिंह बिष्ट, हंसा धामी, सोनी, विपिन, नरेंद्र रोथान, हेमचंद्र जोशी, बसंत वल्लभ जोशी, विक्रम सिंह नेगी, कुंदन सिंह चौहान, वरिष्ठ पत्रकार बलदेव चंद्र भट्ट, नरेश सिंह, निकेश वर्मा, सुंदर भाई हरीश धामी एवं ज्योति राजभर सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे हैं।

]]>
https://researchdiary.in/thouda-mahitasaw/feed/ 0 21747
देहरादून जनपद के लोक कलाकार मिले, सहायक निदेशक व जिला सूचना अधिकारी श्री नेगी से। https://researchdiary.in/soochana-vibhag/ https://researchdiary.in/soochana-vibhag/#respond Mon, 16 Mar 2026 14:43:18 +0000 https://researchdiary.in/?p=21268

देहरादून जनपद के लोक कलाकार मिले, सहायक निदेशक व जिला सूचना अधिकारी श्री नेगी से।

By – Prem Pancholi

 

देहरादून जनपद के स्थानीय कलाकारों ने जिला सूचना अधिकारी से भेंट कर कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही जनोन्मुखी विकास कार्यों को जन जन तक पहुंचाने के लिए उन्हें अन्य जनजागरुकता कार्यक्रम से भी जोड़ा जाए। इस दौरान जिला सूचना अधिकारी बद्रीचंद नेगी ने कहा कि वे हमेशा लोक कलाकारों के हित की बात करते है। कहा कि लोक कलाकार ही सच्चे सिफाही हैं जो बिना स्वार्थ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच जाते है।

उल्लेखनीय यह है कि लोक कलाकार सूचना अधिकारी के मार्फत सरकार से मांग कर रहे हैं कि भविष्य में जनजागरुकता के कार्यक्रमों में भी बजट की बढ़ोतरी होनी चाहिए।मुलाकात करने वालो में हेमंत बुटोला, कुंदन सिंह चौहान, अंकित सेमवाल, मुकेश घलवान, सुरेंद्र राणा, गुड्डू भाई, अरविंद राणा, बच्चन सिंह राणा, गिरीश सनवाल आदि लोगों ने कहा कि जनजागरण के कार्यक्रमों में नुक्कड़ नाटक बहुत कारगर विधा है। इस पर सूचना अधिकारी ने लोक कलाकारों के कार्यक्रमों की सराहना की और भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं। इस दौरान जिला सूचना अधिकारी ने कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपरा और लोक कला को जीवित रखने में स्थानीय कलाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि पहाड़ की संस्कृति, लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक वाद्य यंत्र हमारी पहचान हैं और इन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने का काम कलाकार ही करते हैं।

इस दौरान कलाकारों ने भी अपनी सांस्कृतिक गतिविधियों और कार्यक्रमों के अनुभव साझा किए। कई कलाकारों ने ग्रामीण क्षेत्रों में संस्कृति के संरक्षण और युवाओं को इससे जोड़ने के प्रयासों के बारे में जानकारी दी। सभी कलाकारों ने उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति को आगे बढ़ाने का संकल्प भी व्यक्त किया।

यह मुलाकात न केवल कलाकारों के उत्साह को बढ़ाने वाली रही, बल्कि इससे यह संदेश भी गया कि सरकार और प्रशासन स्थानीय कला और संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध हैं।

]]>
https://researchdiary.in/soochana-vibhag/feed/ 0 21268