Samman samaroh 2024 – Research Diary https://researchdiary.in Research Diary Sun, 10 Nov 2024 05:27:39 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 https://i0.wp.com/researchdiary.in/wp-content/uploads/2023/07/cropped-Research-Diary-Logo.jpeg?fit=32%2C32&ssl=1 Samman samaroh 2024 – Research Diary https://researchdiary.in 32 32 230867523 बिहारी लाल स्मृति सर्वोदय सम्मान पांच विभूतियां को। https://researchdiary.in/bihari-lal-samman-2024/ https://researchdiary.in/bihari-lal-samman-2024/#respond Sun, 10 Nov 2024 04:18:34 +0000 https://researchdiary.in/?p=1319

बिहारी लाल स्मृति सर्वोदय सम्मान पांच विभूतियां को।

Bihari lal samman 2024
Bihari lal samman 2024

प्रख्यात समाजसेवी और शिक्षाविद् स्व० बिहारी लाल जी के जन्मदिन 8 नवंबर 2024 को तीसरा “बिहारी लाल स्मृति सर्वोदय सम्मान” का आयोजन लोक जीवन विकास भारती बूढ़ाकेदार के परिसर में संपन्न हुआ।

सम्मान समारोह में वक्ताओं ने आचार्य बिहारी लाल द्वारा बूढ़ाकेदार में संचालित गांधी जी की नई तालीम और आपदा जैसी समस्याओं पर चर्चा की है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर के भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो० मोहन सिंह पंवार ने कहा कि बिहारी लाल कोई व्यक्ति नहीं थे अपितु वे  एक विचार थे। वे कर्म और रचना पर विश्वास करते थे। यही वजह रही कि उन्होंने ऊर्जा का एक ऐसा विकल्प प्रस्तुत किया है। जिससे बड़े बांधों पर सवाल खड़े भी हुए। शिक्षा, स्वास्थ्य और तमाम स्वरोजगार के लिए उन्होंने कुटीर उद्योग की स्थापना की है। उन्होंने कहा कि श्री बिहारी लाल के कार्य को भविष्य में “ग्रामीण विश्वविद्यालय” के रूप में प्रस्तुत करने की नितांत आवश्यकता है। कहा कि मौजूदा समय में बिहारीलाल जी द्वारा स्थापित संस्था आपदा से बुरी तरह प्रभावित है। इसके पुनर्निर्माण के लिए सरकारी सहयोग की आवश्यकता है। समारोह में क्षेत्र के अनेकों सामाजिक कार्यकर्ता, महिलाएं, नौजवानों ने भाग लिया हैं।

Bihari lal samman 2024
Bihari lal samman 2024

बता दें कि बिहारी लाल जी 2021 में स्वर्गवास हो गए थे जिसके बाद उनके सामाजिक कार्यों और उनके विचार को आगे बढ़ाने के लिए हर वर्ष उनकी स्मृति में एक सम्मान समारोह आयोजित होता हैं। इस दौरान देशभर से अनुयायी और क्षेत्र की जनता भाग लेती है। बता दें कि बिहारी लाल जी ने 40 वर्ष से भी अधिक समय तक लोक जीवन भारती बूढ़ाकेदार में रहकर जन सेवा का प्रेरणादायक काम किया है। यही वजह है कि लोग आज उन्हें अलग अलग रूपों में जैसे कहीं शिक्षण कार्य, कहीं वन संरक्षण और कहीं गांधी विचार के मार्फत याद करते हैं। जबकि अधिकांश लोग स्मृति दिवस के दिन बिहारी लाल जी को श्रद्धांजलि देने उनकी कर्मस्थली बूढ़ाकेदार में पहुंचते हैं। कार्यक्रम का सफल संचालन अबल छनवान बहुत ही आकर्षक ढंग से किया है।

इस अवसर पर ठक्करबापा छात्रावास के प्रबंधक व वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप बहुगुणा ने कहा कि बूढ़ाकेदार क्षेत्र के धर्मानंद नौटियाल, बहादुर सिंह राणा, भरपूरू नगवान सामाजिक समरसता के लिए अहम योगदान दिया है। इन लोगो के द्वारा की गई सामाजिक क्रांति को देखकर प्रसिद्ध पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा दलित समाज को मंदिर प्रवेश करवा सके और उसके लिए उन्होंने प्रताड़ना भी झेली है। जो आज देशभर में एक उदाहरण बन गया है। यही कार्य बिहारी लाल जी ने अपने रचनात्मक कार्यों के द्वारा आगे बढ़ाया है।कार्यक्रम में पर्यावरणविद् सुरेश भाई ने आचार्य बिहारी लाल जी के जीवन पर उनके द्वारा लिखे गए विषय पर विचार व्यक्त किए है। लोक जीवन विकास भारती संस्था के मंत्री और आचार्य बिहारी लाल जी के सुपुत्र जयशंकर ने सभी का स्वागत किया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहारी लाल स्मृति समिति के अध्यक्ष बावन सिंह बिष्ट ने की है।

बिहारी लाल स्मृति सर्वोदय सम्मान- 2024 में सम्मानित विभूतियां –

@ पर्वतीय क्षेत्रों की कृषि पर्यावरण एवं ग्रामीण तकनीकी विकास व स्वावलंबन  के लिए सर्वोदय समाज सेवी श्री आनंद बल्लभ जोशी एवं प्रेमा बहन को दिया गया है।
@ पत्रकार और जन मुद्दों की पहल करने वाले श्री प्रेम पंचोली को पर्यावरण, संस्कृति सामाजिक सद्भावना, रक्षासूत्र व पत्रकारिता के क्षेत्र में दिया गया है।
@ महिला नेत्री लक्ष्मी बिष्ट को महिला समानता और बाल शिक्षा के लिए
@ श्री केशर सिंह रावत को आदर्श शिक्षक और नशामुक्त समाज के लिए
@ और श्री महावीर श्रीयाल को उत्कृष्ट शिक्षक, दलित शोषित के शिक्षा के अधिकार व वैकल्पिक ऊर्जा के लिए सम्मान दिया गया है।
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इस अवसर पर डा० अरविंद दरमोडा, प्रधानाचार्य जयप्रकाश कोटियाल, समाज सेवी नागेन्द्र दत्त, बीज बम के नायक द्वारिका प्रसाद सेमवाल, वरिष्ठ सामाजिक व पर्यावरण कार्यकर्ता श्यामलाल, शिक्षक जयप्रकाश कृथ्वाल, अधिवक्ता लोकेंद्र दत्त जोशी, गोविंद सिंह रावत, आनंद व्यास, ठक्करबपा छात्रावास के प्रबंधक प्रदीप बहुगुणा, उत्तमचंद, कुंवर सिंह रावत, उत्तम लाल, भूपेंद्र सिंह नेगी, प्रेमलाल त्रिकोटिया, विमला देवी, सुशीला देवी, अनिता देवी, विष्णु प्रसाद, किशोरीलाल, महेंद्र प्रसाद नाथ, मयंक नाथ, दयाराम आदि सैकड़ों लोग सम्मिलित हुए।

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