Sunday, March 8, 2026
Home स्वास्थ्य आजकल क्यों बढ़ रहा किडनी डैमेज का खतरा, आइये जानते हैं इसके...

आजकल क्यों बढ़ रहा किडनी डैमेज का खतरा, आइये जानते हैं इसके कारण और बचाव के उपाय

किडनी हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है। ये रक्त को फिल्टर करके अपशिष्ट और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने, शरीर में द्रव संतुलन बनाए रखने और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करती है। हालांकि लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के चलते शरीर के इस महत्वपूर्ण अंग की सेहत पर गंभीर असर होता जा रहा है।

किडनी, हार्ट और लिवर की बीमारियां कुछ दशकों पहले तक उम्र बढ़ने के साथ देखी जाती थीं, हालांकि अब कम उम्र के लोग न सिर्फ इसका शिकार हो रहे हैं, बल्कि इसके कारण मौत के मामले भी बढ़े हैं।

किडनी डैमेज होने को जानलेवा स्थिति के रूप में जाना जाता है। जब किडनी ठीक से काम नहीं कर रही होती है तो शरीर में विषाक्त पदार्थ बढ़ने लग जाते हैं, खून में अशुद्धि बढ़ जाती है और ब्लड प्रेशर अनियंत्रित हो सकता है। अगर किडनी की इस समस्या का समय पर पता न चले या इलाज न हो पाए तो इसके कारण जान भी जा सकती है।

अब सवाल उठता है कि आखिर किडनी डैमेज क्यों होती है और इससे कैसे बचा जा सकता है?

क्रोनिक किडनी डिजीज का बढ़ता खतरा

साल 2022 के आंकड़ों के मुताबिक क्रोनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) एक गंभीर समस्या के रूप में उभर रही है, जो दुनियाभर में 10% से अधिक आबादी को प्रभावित करती है। पिछले दो दशकों में इससे संबंधित मौतों में भी उल्लेखनीय वृद्धि भी हुई है।

भारतीय आबादी के लिए भी ये समस्या गंभीर रही है। महाराष्ट्र में 2018 से 2023 के बीच किडनी फेलियर से होने वाली मौतें दोगुनी हो गईं, जबकि 2022 और 2023 के बीच मौतों में 40% की वृद्धि देखी गई।

लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के अलावा कुछ अंतर्निहित बीमारियां भी किडनी को गंभीर रूप से प्रभावित करती जा रही हैं।

ब्लड प्रेशर और शुगर के मरीजों में खतरा

किडनी डैमेज होने के जोखिमों को बढ़ाने वाली स्थितियों में हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज प्रमुख है।

हाई ब्लड प्रेशर किडनी को रक्त की आपूर्ति करने वाली रक्त वाहिकाओं को संकीर्ण और कमजोर कर देती है। यह किडनी से अपशिष्ट को छानने और तरल पदार्थों को संतुलित रखने में दिक्कत बढ़ा देती है। समय रहते अगर इसपर ध्यान न दिया जाए तो इससे किडनी डैमैज होने का जोखिम बढ़ जाता है।

हाई ब्लड प्रेशर के अलावा शुगर लेवल बढ़ने से भी किडनी को नुकसान पहुंचता है। हाई शुगर के कारण किडनी में रक्त वाहिकाओं और फिल्टरिंग इकाइयों को क्षति होने लगती है। जिन लोगों का शुगर लेवल अक्सर बढ़ा हुआ रहता है उनमें किडनी डैमेज होने का खतरा भी अधिक होता है।

इन स्थितियों पर भी दें ध्यान

हाई ब्लड प्रेशर और हाई शुगर के अलावा भी कुछ स्थितियां किडनी को गंभीर रोगों का कारण बन सकती हैं।
दर्द निवारक दवाओं और एंटीबायोटिक्स का लम्बे समय तक या अत्यधिक सेवन किडनी को नुकसान पहुंचा सकती है।
किडनी या मूत्र मार्ग में पथरी के कारण भी किडनी में सूजन और संक्रमण का खतरा बढ़ता है।
कुछ अनुवांशिक स्थितियां जैसे पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज, किडनी की संरचना और कार्य को प्रभावित करती है।

किडनी डैमेज से बचाव के उपाय

लाइफस्टाइल और आहार में सुधार के साथ ब्लड प्रेशर और शुगर को कंट्रोल रखकर किडनी को स्वस्थ रखा जा सकता है।
फल, सब्जियां, साबुत अनाज और लो वसा वाले आहार का सेवन करें। नमक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करें।
नियमित शारीरिक गतिविधि से वजन, ब्लड प्रेशर और शुगर कंट्रोल रहता है, जिससे किडनी स्वस्थ रहती है।
दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से किडनी को विषाक्त पदार्थों को फिल्टर करने में सहायता मिलती है।
दर्द निवारक दवाओं का सेवन डॉक्टर की सलाह अनुसार ही करें और अनावश्यक दवाओं से बचें।
यूटीआई के लक्षण महसूस होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें ताकि संक्रमण किडनी तक न पहुंचे।

(साभार)

RELATED ARTICLES

स्वयं सेवी प्रयास ही समाज का आईना होता है – बंशीधर तिवारी

देहरादून के मोथरोवाला में ‘विचार एक नई सोच’ सामाजिक संगठन और 17 अन्य सहयोगी संस्थाओं द्वारा आयोजित "स्वास्थ्य संवाद व स्वैच्छिक रक्तदान शिविर" में...

सुबह उठते ही करें ये आसान योगासन, बिना बिस्तर छोड़े पाएँ जबरदस्त फायदे

लोग फिट तो रहना चाहते हैं लेकिन अधिक मेहनत नहीं करना चाहते। योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का प्राकृतिक उपचार है।...

क्या नींद की कमी से बढ़ सकता है वजन, आइये जानते हैं क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ

वजन घटाना आज के समय में ज्यादातर लोगों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। बढ़ते वजन-मोटापे की समस्या के साथ कई प्रकार...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

धराली आपदा : वैज्ञानिकों ने किया खुलासा, एक बड़े ग्लेशियर के टुकड़े के टूटने से हुई तबाही।

न बादल फटा, न ग्लेशियल झील… वैज्ञानिक अध्ययन में खुलासा: श्रीकांता ग्लेशियर से बर्फ का बड़ा हिस्सा गिरने से हुआ था धराली हादसा। ....................... 5 अगस्त...

2017 तक स्टार्टअप की संख्या थी शून्य। वर्ष 2025 में बढ़कर हुई 1750

- 2024-25 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) ₹ 3,81,889 करोड़ का रहा - 2021-22 के मुकाबले जीएसडीपी में आया डेढ़ गुना से ज्यादा...

एक साधारण व्यक्ति में असाधारण व्यक्तित्व की जीवन्त जीवन जीने की शब्द-यात्रा है – BARLOWGANJ AND BEYOND

- साधारण व्यक्ति का असाधारण व्यक्तित्व : प्रो. बी. के. जोशी। - प्रो. बी. के. जोशी जी के जीवनीय आत्म-संस्मरणों पर केन्द्रित पुस्तक 'BARLOWGANJ...

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान   By - Harishankar saini   कभी गड्ढों, कीचड़ और टूटे किनारों से जूझती सलान गाँव...

होली विशेषांक : खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर।

- खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर। - दून पुस्तकालय में संगीताजंलि की शानदार होली प्रस्तुति दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के एम्फीथियेटर में आज संगीतांजली शास्त्रीय...

बर्लोगंज एंड बियोंड पुस्तक का लोकार्पण

पुस्तक : बर्लोगंज एंड बियोंड   By - Dr. Yogesh dhasmana   देश के प्रसिद्ध शिक्षाविद प्रो बी के जोशी के संस्मरणों पर आधारित पुस्तक बर्लोगंज एंड बियोंड...

विज्ञान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में।

विज्ञान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में। By - Neeraj Uttarakhandi पुरोला विकासखंड के अंतर्गत राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में राष्ट्रीय...

स्पैक्स संस्था ने होली के प्राकृतिक रंगों पर दून पुस्तकालय में बच्चों को दी जानकारी।

स्पैक्स संस्था ने होली के प्राकृतिक रंगों पर दून पुस्तकालय में बच्चों को दी जानकारी। .......... दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में ‘स्पेक्स’ संस्था के सहयोग...

जनगणना की पूरी तैयारी, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगी जनगणना

जनगणना-2027 की डिजिटल तैयारियां शुरू, देहरादून में 25-27 फरवरी तक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू चार्ज अधिकारियों से लेकर सेन्सस क्लर्क तक, सभी ले रहे डिजिटल...

एक स्वस्थ परंपरा है स्कूल ऑफ थॉट्स – प्रो० पंवार

स्कूल ऑफ थॉट्स, श्रीनगर (गढ़वाल), भारतीय-हिमालयी ज्ञान परंपरा,  मुख्य वक्ता- प्रो. मोहन पंवार। भारतीय : हिमालय ज्ञान परंपरा पर अपनी बात शुरू करते हुए मुख्य...