Monday, July 27, 2026
Home lifestyle पर्यावरण दिवस : पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा ने किया कृषि अनुसंधान संस्थान में...

पर्यावरण दिवस : पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा ने किया कृषि अनुसंधान संस्थान में वृक्षारोपण

विश्व पर्यावरण दिवस पर IATR देहरादून में पौधारोपण एवं गोष्ठी का आयोजन। पद्मश्री प्रेम चंद शर्मा ने छात्रों को मोरिंगा और पंच पल्लव के महत्व से कराया अवगत।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर ट्रेनिंग एंड रिसर्च (IATR), देहरादून में पौधारोपण एवं “पर्यावरण संरक्षण और सतत कृषि” विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पद्मश्री रेनचंद शर्मा जी उपस्थित रहे। उनके सानिध्य में परिसर में मोरिंगा/सहजन के पौधों का रोपण किया गया। पद्मश्री शर्मा ने बताया कि मोरिंगा बहुउपयोगी औषधीय गुणों से भरपूर है। इसे अधिक से अधिक संख्या में रोपित किया जाना चाहिए और अपने दैनिक आहार में किसी न किसी रूप में शामिल करना चाहिए, क्योंकि यह अत्यंत पौष्टिक एवं स्वास्थ्यवर्धक है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक घर और संस्थान में पंच पल्लव – आम, पीपल, बरगद, पाकड़/गूलर, अशोक – अवश्य लगाने चाहिए। पंच पल्लव का धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व है और यह मानसिक शांति तथा धार्मिक कार्यों के लिए अति उत्तम माना जाता है।

गोष्ठी के दौरान छात्रों ने ग्लोबल वार्मिंग पर अपने विचार रखे और चर्चा की कि बढ़ती ग्लोबल वार्मिंग से हम व्यक्तिगत एवं सामुदायिक स्तर पर कैसे बच सकते हैं।

कार्यक्रम के अंत में IATR के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अमित उपाध्याय ने पद्मश्री रेनचंद शर्मा जी का आभार व्यक्त किया। श्री उपाध्याय ने कहा कि मोरिंगा को उत्तराखंड में एक व्यावसायिक गतिविधि के रूप में अपनाया जाना चाहिए। इससे विभिन्न प्रकार के उत्पाद बनाए जा सकते हैं और उन्हें वैश्विक स्तर पर व्यापारिक रूप से प्रचारित एवं विक्रय किया जा सकता है। उन्होंने मोरिंगा के व्यावसायिक दृष्टिकोण एवं उपयोगिता को विस्तार से समझाया।

समापन पर सभी छात्रों ने IATR परिसर में 60 पौधों का रोपण किया और संकल्प लिया कि वे अपने घरों एवं गांवों में मोरिंगा के प्रति जागरूकता फैलाएंगे तथा इसे अपने आहार में अधिक से अधिक शामिल करेंगे।

इस कार्यक्रम में IATR की सदस्या लतिका, राणा क्षेत्री, रियासना, वैशाली थापा एवं सुमन सहित संस्थान के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES

25 जुलाई विशेष : 209 दिन की जेल यातना, 84 दिन की भूखहड़ताल

By - RP Vishal अमर बलिदानी श्रीदेव सुमन जिनकी 209 दिन की जेल यातना तथा 84 दिन की भूख हड़ताल के बाद मृत्यु हुई थी...

वृक्षारोपण को सांस्कृतिक अभियान बनाया – कल्याण सिंह रावत “मैती”

वृक्षारोपण को सांस्कृतिक अभियान बनाया - कल्याण सिंह रावत "मैती" By - Prem Pancholi दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के तत्वाधान में आयोजित "मैती" व्याख्यान पर...

डॉ. सुशील उपाध्याय बनेंगे हिंदी संवाद का सेतु

केंद्रीय हिंदी निदेशालय द्वारा चुने गए देश भर से आठ विद्वान By - Desk देहरादून। चमन लाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षाविद् डॉ. सुशील उपाध्याय...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

25 जुलाई विशेष : 209 दिन की जेल यातना, 84 दिन की भूखहड़ताल

By - RP Vishal अमर बलिदानी श्रीदेव सुमन जिनकी 209 दिन की जेल यातना तथा 84 दिन की भूख हड़ताल के बाद मृत्यु हुई थी...

वृक्षारोपण को सांस्कृतिक अभियान बनाया – कल्याण सिंह रावत “मैती”

वृक्षारोपण को सांस्कृतिक अभियान बनाया - कल्याण सिंह रावत "मैती" By - Prem Pancholi दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के तत्वाधान में आयोजित "मैती" व्याख्यान पर...

डॉ. सुशील उपाध्याय बनेंगे हिंदी संवाद का सेतु

केंद्रीय हिंदी निदेशालय द्वारा चुने गए देश भर से आठ विद्वान By - Desk देहरादून। चमन लाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षाविद् डॉ. सुशील उपाध्याय...

बिना अनुमति एवं निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित लाउडस्पीकरों पर की गई कार्रवाई।

By - Prem Pancholi माननीय सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण एवं सार्वजनिक शांति व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन...

गुणवत्ता और पारदर्शिता से पूरे हों पंचायतों के विकास कार्य-जोत सिंह बिष्ट

गुणवत्ता और पारदर्शिता से पूरे हों पंचायतों के विकास कार्य-जोत सिंह बिष्ट Harish Thapliyal   ।। ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (आरडब्ल्यूडी) के उपाध्यक्ष उत्तराखंड सरकार जोत सिंह बिष्ट...

प्रख्यात फोटोग्राफर कमल जोशी पर वृतचित्र : “आवारगी”

प्रख्यात फोटोग्राफर कमल जोशी पर वृतचित्र : "आवारगी" @ Prem Pancholi प्रख्यात फोटो ग्राफर, कवि पत्रकार और यायावर दिवंगत कमल जोशी पर एक विशेष प्रकार की...

वन विदोहन की दास्तान बता रहे है समाज चिंतक विनय केडी

इस बार हरेला से एक दिन पहले जंगल में पेड़ों की पंचायत बैठी थी। अध्यक्षता सबसे बूढ़े देवदार ने की। वह पिछले ढाई सौ...

मंदिर चोरी : सनातन पर सबसे बड़ा कलंक

By - Prem Pancholi   ।। अगर मंदिरों में चोरी हो रही है तो यह बड़ा सवाल ही तो है। इसके अलावा जब हम हिन्दू संस्कृति...

जब लिंगुड़ा देखा, जब याद आया पहाड़।

आए याद पहाड़ By - Diwan mewadi आज लिंगुड़ क्या आए कि इन्होंने बचपन से मन में बसी पहाड़ की यादें ताज़ा कर दीं। थाली में रखे...

यात्रा संस्मरण : रुद्रनाथ यात्रा- सरकार यहाॅं लापता है

रुद्रनाथ यात्रा- सरकार यहाॅं लापता है By - Arun kuksal ....सुबह के 7 बजे हैं और मोलिखर्क में बारिश की रुण-झुण जारी है। परन्तु मेरे लिए...