Thursday, May 14, 2026
Home स्वास्थ्य शरीर में क्यों होती है कैल्शियम की कमी? आइये जानते हैं क्या...

शरीर में क्यों होती है कैल्शियम की कमी? आइये जानते हैं क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ

शरीर को फिट रखने के लिए हड्डियों का मजबूत होना बहुत आवश्यक माना जाता है। हालांकि लाइफस्टाइल और आहार की गड़बड़ी के कारण कम उम्र में ही हड्डियों से संबंधित समस्याओं का जोखिम तेजी से बढ़ता देखा जा रहा है, कैल्शियम की कमी को इसका एक कारण माना जा सकता है।

भारत में कैल्शियम की कमी एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता है, अध्ययनों से पता चलता है कि विभिन्न आयु समूहों में लो कैल्शियम की दिक्कत देखी जाती रही है। अध्ययन में पाया गया कि भारत में शहरी क्षेत्र में स्कूल जाने वाले 59.9% बच्चों और किशोरों में कैल्शियम की कमी हो सकती है। कैल्शियम हड्डियों, दांतों, मांसपेशियों, नसों और हृदय के सामान्य कामकाज के लिए बहुत जरूरी खनिज है।

क्यों होती है कैल्शियम की कमी?

बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी लोगों को नियमित रूप से आहार में कैल्शियम युक्त चीजों को शामिल करने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कैल्शियम हड्डियों-दांतों से संबंधित लाभ के अलावा हृदय की लय और मांसपेशियों के संकुचन को भी नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण है। क्या आप अपने आहार के माध्यम से इस पोषक तत्व की पूर्ति कर पा रहे हैं?

शरीर में अपर्याप्त कैल्शियम हाइपोकैल्सीमिया नामक स्थिति का कारण बन सकती है। इस समस्या में भ्रम, मांसपेशियों में ऐंठन, हाथ-पैर में सुन्नता और हड्डियों के फ्रैक्चर होने का खतरा अधिक होता है। कैल्शियम की कमी हड्डियों की ताकत को कम कर सकती है और ऑस्टियोपोरोसिस का कारण बन सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, उम्र के साथ शरीर में कैल्शियम का अवशोषण घट जाता है, यही कारण है कि 50 की आयु के बाद वाले लोगों में इसकी महत्वपूर्ण कमी देखी जाती है। इसके अलावा महिलाओं में विशेषकर रजोनिवृत्ति के बाद, एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी से हड्डियां कमजोर होती हैं।

आहार में डेयरी उत्पादों की कमी या किडनी-लिवर की बीमारी वाले लोग भी कैल्शियम की कमी से परेशान देखे जाते हैं। कुछ बातों का ध्यान रखकर आप शरीर में कैल्शियम की पूर्ति कर सकते हैं।

कैल्शियम के लिए इस बात का भी रखें ध्यान

शरीर में कैल्शियम की पूर्ति के लिए विटामिन-डी वाले आहार की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। असल में कैल्शियम को अवशोषित करने के लिए शरीर को विटामिन डी की आवश्यकता होती है। कैल्शियम हड्डियों के निर्माण और इसकी मजबूती को बनाए रखने में मदद करता है, जबकि विटामिन-डी आपके शरीर में कैल्शियम को प्रभावी ढंग से अवशोषित करने में मदद करता है। इसलिए भले ही आप पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम ले रहे हों, लेकिन विटामिन डी की कमी होने पर यह बेकार हो सकता है।

कैल्शियम के लिए क्या खाएं?

सभी मेवों में से बादाम में सबसे अधिक कैल्शियम होता है। केवल 28 ग्राम बादाम से आप कैल्शियम की दैनिक जरूरतों के 6% की पूर्ति कर सकते हैं। हड्डियों को स्वस्थ रखने के साथ दिमाग के लिए भी बादाम लाभकारी है।

दूध, दही और पनीर जैसे उत्पाद कैल्शियम से भरपूर होते हैं और इसके सेवन से शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम प्राप्त हो सकता है।

बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को रोजाना दूध का सेवन जरूर करना चाहिए।

दूध से न सिर्फ कैल्शियम मिलता है साथ ही यह पूर्ण आहार भी माना जाता है। रोजाना दूध के साथ बादाम खाने से हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत रखने में विशेष लाभ मिल सकता है।

हरी पत्तेदार सब्जियां सिर्फ आयरन ही नहीं कैल्शियम का भी बेहतर स्रोत हैं। गोभी, पालक और कोलार्ड कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं।

(साभार)

RELATED ARTICLES

स्वयं सेवी प्रयास ही समाज का आईना होता है – बंशीधर तिवारी

देहरादून के मोथरोवाला में ‘विचार एक नई सोच’ सामाजिक संगठन और 17 अन्य सहयोगी संस्थाओं द्वारा आयोजित "स्वास्थ्य संवाद व स्वैच्छिक रक्तदान शिविर" में...

सुबह उठते ही करें ये आसान योगासन, बिना बिस्तर छोड़े पाएँ जबरदस्त फायदे

लोग फिट तो रहना चाहते हैं लेकिन अधिक मेहनत नहीं करना चाहते। योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का प्राकृतिक उपचार है।...

क्या नींद की कमी से बढ़ सकता है वजन, आइये जानते हैं क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ

वजन घटाना आज के समय में ज्यादातर लोगों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। बढ़ते वजन-मोटापे की समस्या के साथ कई प्रकार...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम। स्पार्क टेक्नोलॉजीज , स्पेक्स एवं...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

ट्राइकोग्रामा एक उत्तम प्राकृतिक खेती की तकनीकी। पढ़े पूरी रिपोर्ट

ट्राइकोग्रामा एक सूक्ष्म परजीवी ततैया है जो हानिकारक कीड़ों के अंडों पर हमला करता है। यह लगभग 200 प्रकार के नुकसानदायक कीटों के अंडों...

स्मृति शेष : बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान

बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान   By - Vinod Arya   सामाजिक न्याय, शिल्पकार चेतना और समानता के महान अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य जी (12 मई...

वरिष्ठ साहित्यकार राम प्रकाश अग्रवाल कण की पुस्तक का लोकार्पण।

पुस्तक लोकार्पण "मॉं जिसके गोद में सभ्यताएं पलीं" लेखक - राम प्रकाश अग्रवाल कण, प्रकाशन - समय साक्ष्य (देहरादून)   By - Neeraj Naithani ।।   लैंसडाउन चौक स्थित...

तुलसी माला को लेकर क्यों विरोध कर रहे हैं बद्रीनाथवासी? पढ़े पूरी रिपोर्ट

By - Sanjana bhagwat   बद्रीनाथ धाम में तुलसी माला को लेकर बामणी गांव के लोगों द्वारा किया जा रहा विरोध केवल एक व्यापारिक विषय नहीं,...

12 मई विशेषांक : शिल्पकारों के उत्थान के लिए लड़ते रहे बलदेव सिंह आर्य।

‘जातीय जड़ता जाने का जश्न मनायें’। उत्तराखण्ड के शिल्पकार वर्ग में सामाजिक-शैक्षिक चेतना के अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य (12 मई, 1912 से 22 दिसम्बर, 1992)...

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह : उफ्तारा

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह। फिल्म परिषद का कार्यालय शीघ्र। सी.ई.ओ. बंशीधर तिवारी का उफतारा ने जताया आभार। दूरदर्शन और संस्कृति विभाग को...