Monday, June 29, 2026
Home उत्तराखंड हेल्थ रिकॉर्ड लिंकेज में उत्तराखंड देशभर में दूसरे स्थान पर

हेल्थ रिकॉर्ड लिंकेज में उत्तराखंड देशभर में दूसरे स्थान पर

सूबे में अबतक 74 लाख हेल्थ रिकॉर्ड आभा आईडी से किये लिंक

स्वास्थ्य मंत्री डॉ रावत बोले, 5 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की शत-प्रतिशत बनेगी आभा आईडी

देहरादून। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत हेल्थ रिकॉर्ड लिंकेज में उत्तराखंड देशभर में दूसरे स्थान पर है जबकि पहले स्थान पर उत्तर प्रदेश काबिज है। राज्य में 74 लाख से अधिक हेल्थ रिकॉर्ड आभा आईडी नेटवर्क से लिंक हो चुकी है। इसके अलावा आभा आईडी, अस्पतालों व चिकित्सकों का पंजीकरण, आभा आधारित ऑनलाइन ओपीडी पंजीकरण आदि विभिन्न श्रेणियों में उत्तराखंड ने पांच चरण सफलतापूर्वक पूरे कर लिये हैं। सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के नियमित विभागीय समीक्षा व मार्गदर्शन का नतीजा है कि प्रदेश ने यह उपलब्धि हासिल की है।

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत अपेक्षाकृत कम आबादी होने के बावजूद उत्तराखंड देशभर में हेल्थ रिकॉर्ड लिंकेज के मामले में दूसरे पायदान पर है। जबकि पहले स्थान पर उत्तर प्रदेश काबिज है। इसके अलावा तीसरे स्थान पर गुजरात, चौथे पर बिहार और पांचवें स्थान पर महाराष्ट्र है। उत्तराखंड में अबतक 74,14,923 से अधिक हेल्थ रिकॉर्ड आभा आईडी नेटवर्क से लिंक किये जा चुके हैं, जो प्रदेश के लिये बड़ी उपलब्धि है। हेल्थ रिकॉर्ड लिंकेज होने से लाभार्थी को देशभर के किसी भी अस्पताल में चिकित्सक के साथ अपनी हेल्थ रिपोर्ट शेयर कर सकेंगे और अपनी बीमारी के बारे में सलाह ले पाएंगे। इसके साथ ही रोग की जांच, लैब रिपोर्ट, उपचार एवं दवाईयां आदि घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे।

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुताबिक राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा प्रदेश में आयुष्मान भारत के अंतर्गत चार जनपदों में 7 माइक्रोसाईट चल रही है। जिसमें देहरादून हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जनपद में 2-2 तथा नैनीताल जनपद में एक माइक्रोसाइट चल रही है। जिनके माध्यम से तेजी से इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड बनाये जा रहे हैं। यही वजह है कि कम आबादी होने के बाद भी उत्तराखंड हेल्थ रिकॉर्ड लिंकेज में अग्रणी राज्यों में शुमार है।

सूबे में 6 लाख मरीजों का ऑनलाइन ओपीडी पंजीकरण
डिजिटल मिशन के तहत प्रदेश के विभिन्न चिकित्सालयों में स्कैन एंड शेयर सुविधा का लाभ मरीज उठा रहे है। इस सुविधा के तहत अबतक राज्य में 6,72,796 मरीजों ने अपना ओपीडी पंजीकरण कराया। इन मरजों ने बिना लाइन में लगे और बिना अपना विवरण दर्ज कराये अस्पताल में सीधे ओपीडी पंजीकरण प्राप्त किया और चिकित्सक से चिकित्सा परामर्श और उपचार का लाभ उठाया। वर्तमान में यह सुविधा एम्स ऋषिकेश, राजकीय मेडिकल कॉलेज देहरादून, श्रीनगर, अल्मोड़ा, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जिला चिकित्सालय (कोरोनेशन) देहरादून, पंडित हरगोविंद पंत जिला चिकित्सालय अल्मोड़ा, एवं उप जिला चिकित्सालय रूड़की में संचालित है।

सूबे में 70 लाख से अधिक बनी आभा आईडी
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अबतक 70,50,119 लोगों की आभा आईडी तैयार की जा चुकी है। जिसमें नैनीताल में 879901, देहरादून 1393101, पौड़ी 501662, बगेश्वर 201714, चम्पावत 189247, चमोली 273103, उत्तरकाशी 225388, पिथोरागढ़ 332858, हरिद्वार 1181607, टिहरी 395329, रूद्रप्रयाग 156641, अल्मोड़ा 387970 तथा ऊधमसिंह नगर में 911668 लोगों की आभा आईडी जनरेट की जा चुकी है। इसके अलावा 19930 आभा आईडी के जनपदों का चिन्हिकरण किया जा रहा है।

8317 हेल्थ केयर प्रोफेशनल पंजीकृत
प्रदेश में आभा आईडी के साथ-साथ डॉक्टर्स, नर्सेज व आशा वर्करों का भी डाटाबेस तैयार किया जा रहा है। इन्हें डीजी-डॉक्टर के रूप में मिशन में पंजीकृत किया जा रहा है। अभी तक प्रदेश में 8317 हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स रजिस्टर्ड किये जा चुके हैं। इसके अलावा तमाम चिकित्सालयों, क्लीनीक, जांच सेंटर, प्रयोगशालाओं, इमेजिंग सेंटर, फार्मेसी का भी पंजीकरण कराया जा रहा है। जिसके तहत अबतक 7423 हेल्थ फैसलिटी रजिस्टर्ड हो चुकी है।

अपेक्षाकृत कम आबादी होने के बावजूद हेल्थ रिकॉर्ड लिंकेज के मामले में उत्तराखंड ने देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। जो लोगों के स्वास्थ्य के प्रति राज्य सरकार की संवदेनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सरकार ने प्रदेश में शत-प्रतिशत लोगों की आभा आईडी बनाने का लक्ष्य तय किया है ताकि लोगों को डिजिटल माध्मम से भी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाया जा सके। – डॉ. धन सिंह रावत, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार।

RELATED ARTICLES

अतीत का प्रतिशोध नहीं लिया जा सकता, उसे केवल समझा जा सकता है : IAS शशि रंजन कुमार

By - Prem Pancholi ।। अतीत हमारी स्मृतियों में, खंडहरों में, और उन तरीकों में जीवित रहता है जिनसे वह आज भी हमारे अस्तित्व को...

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद से लेनी पड़ेगी अनुमति

चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने हेतु सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के संबंध में शासन से दिशा निर्देश जारी हुए हैं।...

देहरादून : धामी कैबिनेट की बैठक संपन्न, खास विषयों पर त्वरित निर्णय

।। राज्य कैबिनेट ने कुल 12 प्रस्तावों को दी मंजूरी ।। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता,...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

एथलीट संदीप गुसाई बना उत्तरकाशी विधिक सेवा प्राधिकरण एंबेसडर

जनसामान्य में नशा उन्मूलन, विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्थान एवं खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी द्वारा संदीप गुंसाई...

अतीत का प्रतिशोध नहीं लिया जा सकता, उसे केवल समझा जा सकता है : IAS शशि रंजन कुमार

By - Prem Pancholi ।। अतीत हमारी स्मृतियों में, खंडहरों में, और उन तरीकों में जीवित रहता है जिनसे वह आज भी हमारे अस्तित्व को...

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद से लेनी पड़ेगी अनुमति

चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने हेतु सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के संबंध में शासन से दिशा निर्देश जारी हुए हैं।...

देहरादून : धामी कैबिनेट की बैठक संपन्न, खास विषयों पर त्वरित निर्णय

।। राज्य कैबिनेट ने कुल 12 प्रस्तावों को दी मंजूरी ।। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता,...

इतिहास के पन्नो से : अपना दायां अंगूठा दिखाना चाहिए और हम दिखायेंगे भी – दादा दौलतराम खुगशाल

By - dr. Arun Kuksal   दादा दौलतराम खुगशाल (मार्च, 1891- 3 फरवरी, 1960) टिहरी रियासत के विरुद्ध जन-संघर्षों का अग्रणी व्यक्तित्व- ‘‘आज तक राजा ने हमको पढ़ने-लिखने...

जिलाधिकारी के शख्त निर्देश, कहा आपदा के दौरान सभी विभाग बनायें समन्वय

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद देहरादून में आगामी मानसून एवं संभावित आपदा परिस्थितियों के दृष्टिगत आपदा प्रबंधन संबंधी...

जब वरिष्ठ पत्रकार चारू तिवारी ने वैज्ञानिक डी० डी० पंत को देखा

सुप्रसिद्ध भौतिकशास्त्री और हिमालय के चिंतक प्रो. डीडी पंत की पुण्यतिथि (11 जून, 2008) पर विशेष हमारे हिस्से के प्रो. डीडी पंत - चारु तिवारी By...

केतन लाल की निर्मम हत्या की चहुंओर चर्चा, समाज पर बड़ा कलंक।

By - Prem Pancholi   सोशल मीडिया पर जिस तरह से प्रतापनगर के ओण पट्टी के देवल गांव निवासी अनुसूचित जाति के किशोर केतन लाल की...

आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए सरकारी वर्जिश

वैज्ञानिक योजना, कुशल प्रशासन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के जरिए आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि...

पर्यावरण दिवस : पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा ने किया कृषि अनुसंधान संस्थान में वृक्षारोपण

विश्व पर्यावरण दिवस पर IATR देहरादून में पौधारोपण एवं गोष्ठी का आयोजन। पद्मश्री प्रेम चंद शर्मा ने छात्रों को मोरिंगा और पंच पल्लव के...