Sunday, June 28, 2026
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व्यंग्य : इति शास्त्रोक्त पत्रकार भेदम्सं क्षिप्तम् अर्थात अथ पत्रकारभेद यानी चार श्रेणी पत्रकार।

अथ पत्रकारभेद यानी चार श्रेणी पत्रकार

By – Mukesh Bahuguna 

पत्रकार प्रथम श्रेणी –

इस श्रेणी के पत्रकार होली /दीवाली /नववर्ष के शुभअवसरों पर उपहार के रूप में नकद या वस्तु स्वीकार नहीं करते l इन्हें उपहार के रूप में बड़े बड़े पद दिए जाते हैं l उपहार के रूप में पद सिर्फ इन्हें ही नहीं, इनके पत्नी, बच्चों को भी मिल सकते हैं l ये पत्रकार देश विदेश के बड़े नेताओं के इंटरव्यू लेने और अंतराष्ट्रीय कम्पनियों के फुल पेज विज्ञापन लाने में सक्षम होते हैं l

पत्रकार द्वितीय श्रेणी –

इस श्रेणी के पत्रकारों का उपहार ( वस्तु /लिफाफा) सादर उनके घऱ भिजवाया जाता है l ये पत्रकार राज्य के बड़े नेताओं का इंटरव्यू लेने और देशी कम्पनियों / राज्य स्तर के सरकारी विज्ञापन (हाफ पेज) जुटा लाने की हैसियत रखते हैं l

पत्रकार तृतीय श्रेणी –

इस श्रेणी के पत्रकारों को उपहार लेने के लिए “ठेका सरकारी उपहार” तक खुद जाना पड़ता है l इस श्रेणी में वो पत्रकार होते हैं जो जिला स्तर के छुटभैय्या नेताओं के इंटरव्यू ले छोटे -मोटे सरकारी टेंडर, हलवाई की दुकान, बम्पर सेल धमाका, तांत्रिक अंगूठी, स्तन बढ़ाएं – नितंब घटाऐं, मर्दाना शक्ति जैसे विज्ञापन ही ला पाते हैं l

पत्रकार चतुर्थ श्रेणी –

इस श्रेणी में वो पत्रकार होते हैं, जो अपने मोबाईल में बनी न्यूज़ एजेंसी के CEO होते हैं और इनका मोबाइल ही इनका कार्यालय / स्टूडियो / सर्वस्व होता है l ये रोज जारी होने वाली सरकारी विज्ञप्ति के आधार पर खबर बना कर परोसते हैं, जिसमें स्थानीय सरकारी नेता की फोटो /बयान का तड़का लगा होता है l ये मुख्यतः ध्याड़ी मजदूर टाईप स्थानीय पत्रकार होते हैं और इन्हें शाम को अद्धा – पव्वा में निपटा दिया जाता है l

इति शास्त्रोक्त पत्रकार भेदम्सं क्षिप्तम्

नोट – पत्रकार भेद विस्तार से समझने के लिए गोदी मीडिया पुराण, दामी पत्रकार काण्ड, अध्याय 56 का अध्ययन करें l

(पंडित मुकेश प्रसाद बहुगुणा
वरिष्ठ विज्ञापन पाठन/दर्शन कर्मी)

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