Sunday, June 28, 2026
Home lifestyle ताजिकिस्तान में मिली ढाई हजार साल पुरानी शिव-पार्वती की मूर्ति : प्रो...

ताजिकिस्तान में मिली ढाई हजार साल पुरानी शिव-पार्वती की मूर्ति : प्रो खोलोव

बहुभाषी युवा ज्यादा सफल होंगे : चार्ल्स थॉमसन

ताजिकिस्तान में मिली ढाई हजार साल पुरानी शिव-पार्वती की मूर्ति : प्रो खोलोव

लंढौरा (हरिद्वार)।

चमनलाल स्वायत्त महाविद्यालय में आयोजित विशेष व्याख्यान में ऑस्ट्रेलिया के हिंदी विद्वान डॉ. चार्ल्स एस. थॉमसन ने कहा कि भविष्य में वही युवा अधिक सफल होंगे जो एक से अधिक भाषाओं के जानकार होंगे। उन्होंने युवाओं से तकनीक (टेक्नोलॉजी) का सदुपयोग करते हुए बहुभाषी बनने पर जोर दिया।
महाविद्यालय के हिंदी विभाग के तत्वावधान में दो अंतरराष्ट्रीय विद्वानों के विशेष व्याख्यान आयोजित किए गए। हिंदी और भारतीय संस्कृति पर कई दशकों से कार्य कर रहे डॉ. थॉमसन ने कहा कि आज हिंदी को समझने और बोलने वालों की संख्या अस्सी करोड़ से अधिक है। हिंदी की बढ़ती स्वीकार्यता के कारण निकट भविष्य में यह संयुक्त राष्ट्र संघ की आधिकारिक भाषाओं में शामिल हो सकती है। उन्होंने कहा कि हम सभी को हिंदी पर गर्व का अनुभव होना चाहिए और अंग्रेजी के दबाव से मुक्त होना चाहिए।
डॉ. थॉमसन ने सोशल मीडिया के क्षेत्र में हिंदी के विस्तार पर चर्चा करते हुए कहा कि तकनीकी ज्ञान के साथ अधिकाधिक भाषाएं सीखना आवश्यक है। आज गूगल जैसी कंपनियाँ बहुभाषी युवाओं की तलाश में हैं। उन्होंने कहा कि आप जीवन में जो भी कार्य करें, उसमें पूर्ण दक्षता हासिल करें।
ताजिकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विद्वान प्रो. जावेद खोलोव ने कहा कि हिंदी विश्व की सबसे समृद्ध और श्रेष्ठ भाषाओं में से एक है। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में हिंदी का महत्व और स्वीकार्यता निरंतर बढ़ रही है। आने वाले समय में हिंदी और अधिक प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय भाषा के रूप में सामने आएगी।
उन्होंने भाषाई आधार पर ताजिकिस्तान और भारत के संबंधों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि ताजिक और हिंदी एक ही भाषाई परिवार से संबंध रखती हैं। इसलिए ताजिक भाषा में अनेक शब्द हिंदी से आए हैं, वहीं हिंदी में भी ताजिक शब्दों का प्रयोग होता है। उन्होंने भारत और ताजिकिस्तान के सांस्कृतिक संबंधों को बहुत गहरा बताया और कहा कि ताजिकिस्तान में शिव और पार्वती की ढाई हजार पुरानी मूर्ति प्राप्त हुई है, इससे पता चलता है कि दोनों देश सांस्कृतिक रूप से बहुत गहरे से जुड़े हुए हैं। इसे ताजिकिस्तान नेशनल म्यूजियम में रखा गया है।
महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री रामकुमार शर्मा ने दोनों विद्वानों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि आने वाला समय निश्चित रूप से हिंदी का है। उन्होंने कहा कि अपनी भाषा की उन्नति के साथ हमारी सामाजिक और सांस्कृतिक उन्नति जुड़ी हुई है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुशील उपाध्याय ने कहा कि भाषा विभिन्न संस्कृतियों और समाजों के बीच पुल का कार्य करती है। उन्होंने हिंदी को आज के समाज और विश्व की आवश्यकता बताते हुए कहा कि हिंदी विश्व की सबसे समृद्ध भाषाओं में से एक है। यही कारण है कि कंप्यूटर और सोशल मीडिया के क्षेत्र में हिंदी का प्रभाव निरंतर बढ़ रहा है।
कार्यक्रम का संयोजन डॉ. आशुतोष शर्मा ने किया।आईक्यूएसी (IQAC) की समन्वयक डॉ. दीपा अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
डॉ. निशु कुमार, डॉ. ऋचा चौहान, डॉ. धर्मेंद्र कुमार और डॉ. हिमांशु कुमार का विशेष सहयोग रहा।

RELATED ARTICLES

एथलीट संदीप गुसाई बना उत्तरकाशी विधिक सेवा प्राधिकरण एंबेसडर

जनसामान्य में नशा उन्मूलन, विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्थान एवं खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी द्वारा संदीप गुंसाई...

अतीत का प्रतिशोध नहीं लिया जा सकता, उसे केवल समझा जा सकता है : IAS शशि रंजन कुमार

By - Prem Pancholi ।। अतीत हमारी स्मृतियों में, खंडहरों में, और उन तरीकों में जीवित रहता है जिनसे वह आज भी हमारे अस्तित्व को...

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद से लेनी पड़ेगी अनुमति

चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने हेतु सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के संबंध में शासन से दिशा निर्देश जारी हुए हैं।...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

एथलीट संदीप गुसाई बना उत्तरकाशी विधिक सेवा प्राधिकरण एंबेसडर

जनसामान्य में नशा उन्मूलन, विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्थान एवं खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी द्वारा संदीप गुंसाई...

अतीत का प्रतिशोध नहीं लिया जा सकता, उसे केवल समझा जा सकता है : IAS शशि रंजन कुमार

By - Prem Pancholi ।। अतीत हमारी स्मृतियों में, खंडहरों में, और उन तरीकों में जीवित रहता है जिनसे वह आज भी हमारे अस्तित्व को...

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद से लेनी पड़ेगी अनुमति

चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने हेतु सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के संबंध में शासन से दिशा निर्देश जारी हुए हैं।...

देहरादून : धामी कैबिनेट की बैठक संपन्न, खास विषयों पर त्वरित निर्णय

।। राज्य कैबिनेट ने कुल 12 प्रस्तावों को दी मंजूरी ।। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता,...

इतिहास के पन्नो से : अपना दायां अंगूठा दिखाना चाहिए और हम दिखायेंगे भी – दादा दौलतराम खुगशाल

By - dr. Arun Kuksal   दादा दौलतराम खुगशाल (मार्च, 1891- 3 फरवरी, 1960) टिहरी रियासत के विरुद्ध जन-संघर्षों का अग्रणी व्यक्तित्व- ‘‘आज तक राजा ने हमको पढ़ने-लिखने...

जिलाधिकारी के शख्त निर्देश, कहा आपदा के दौरान सभी विभाग बनायें समन्वय

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद देहरादून में आगामी मानसून एवं संभावित आपदा परिस्थितियों के दृष्टिगत आपदा प्रबंधन संबंधी...

जब वरिष्ठ पत्रकार चारू तिवारी ने वैज्ञानिक डी० डी० पंत को देखा

सुप्रसिद्ध भौतिकशास्त्री और हिमालय के चिंतक प्रो. डीडी पंत की पुण्यतिथि (11 जून, 2008) पर विशेष हमारे हिस्से के प्रो. डीडी पंत - चारु तिवारी By...

केतन लाल की निर्मम हत्या की चहुंओर चर्चा, समाज पर बड़ा कलंक।

By - Prem Pancholi   सोशल मीडिया पर जिस तरह से प्रतापनगर के ओण पट्टी के देवल गांव निवासी अनुसूचित जाति के किशोर केतन लाल की...

आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए सरकारी वर्जिश

वैज्ञानिक योजना, कुशल प्रशासन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के जरिए आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि...

पर्यावरण दिवस : पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा ने किया कृषि अनुसंधान संस्थान में वृक्षारोपण

विश्व पर्यावरण दिवस पर IATR देहरादून में पौधारोपण एवं गोष्ठी का आयोजन। पद्मश्री प्रेम चंद शर्मा ने छात्रों को मोरिंगा और पंच पल्लव के...