Saturday, March 7, 2026
Home उत्तराखंड प्रदेश के 23 हजार लोगों ने दी टीबी को मात- डॉ. धन...

प्रदेश के 23 हजार लोगों ने दी टीबी को मात- डॉ. धन सिंह रावत

11 हजार निःक्षय मित्र बने टीबी मरीजों के संकटमोचक

कहा, प्रदेशभर में 29 हजार टीबी मरीज किये गये चिन्हित

देहरादून। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत प्रदेश में 11,321 निःक्षय मित्रों ने संकटमोचक बनकर टीबी मरीजों की सहायता की। इनकी मदद से सूबे में 23565 लोग टीबी को मात देकर स्वस्थ हो चुके हैं। प्रदेश में टीबी उन्मूलन को लेकर सरकार युद्ध स्तर पर काम रही है, यही कारण है कि वर्ष 2024 में टीबी रोगियों को चिन्हित करने हेतु भारत सरकार द्वारा दिये लक्ष्य से अधिक राज्य में टीबी मरीजों को खोजा गया।

सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश में टीबी उन्मूलन के लिये प्रतिबद्ध है और सरकार द्वारा लगातार टीबी उन्मूलन की दिशा में युद्ध स्तर पर कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उत्तराख्ांड को टीबी मुक्त करने के उद्देश्य से प्रदेश के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में सामुदायिक सहयोग लेकर लगातार अभियान चलाये जा रहे हैं। टीबी मुक्त उत्तराखंड के लिये अबतक 11,321 लोगों ने निःक्षय मित्र बनकर 24,359 चिन्हित टीबी मरीजों को गोद लिया है। इनमें से दिसम्बर 2024 तक 23,565 लोग बीमारी को मात देकर स्वस्थ हो चुके हैं। जिसमें अल्मोड़ा जनपद में 701, बागेश्वर 353, चमोली 602, चम्पावत 345, देहरादून 4834, हरिद्वार 6248, नैनीताल 2577, पौड़ी 1001, पिथौरागढ़ 571, रूद्रप्रयाग 427, टिहरी 724, यूएस नगर 4450 तथा उत्तरकाशी में 732 मरीज शामिल हैं, जोकि राज्य के लिये बड़ी उपलब्धि है।

डॉ. रावत ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत वर्ष 2024 हेतु भारत सरकार द्वारा प्रदेश में 28,000 टीबी मरीजों के चिन्हिकरण का लक्ष्य दिया गया था। जिसके सापेक्ष प्रदेश में 29,319 टीबी मरीजों का चिन्हिकरण किया गया, जो लक्ष्य से काफी ज्यादा है। इसी प्रकार विभागीय प्रयासों और सामुदायिक सहभागिता के चलते प्रदेश में टीबी मरीजों की उपचार सफलता दर 90 प्रतिशत प्राप्त की गई। विभागीय मंत्री ने बताया कि टीबी मुक्त अभियान के तहत वर्ष 2024 में सर्वाधिक 28,523 टीबी मरीजों की एचआईवी जांच तथा 28076 मरीजों की मधुमेह जांच भी की गई। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी चिकित्सा इकाईयों में टीबी जांच एवं उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। जिसमें ब्लॉक स्तर पर राज्य में 95 टीबी यूनिट तथा 157 जांच केन्द्र क्रियाशील हैं। इसके अलावा 115 ट्रूनॉट व 16 सीबीनॉट जांच सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

डॉ. रावत ने बताया कि टीबी उन्मूलन के लिये भारत सरकार द्वारा वर्ष 2023 में प्रदेश की 1424 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत प्रमाणित किया है। जबकि वर्ष 2024 में राज्य की 2077 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत घोषित किये जाने हेतु भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।

टीबी उन्मूलन को 100 दिन का विशेष अभियान
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि क्षय रोग उन्मूलन के तहत राज्य के आठ जनपदों में 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है। जिसका शुभारम्भ 7 दिसम्बर 2024 को माननीय राज्यपाल द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि इस विशेष अभियान का मकसद अधिक से अधिक संख्या में टीबी मरीजों को चिन्हित करना है। अभियान के तहत अबतक 4.4 लाख लोगों की टीबी जांच की गई। जिसमें से 48,000 लोगों का एक्स-रे परीक्षण किया गया। डॉ. रावत ने बताया कि इस अभियान में अबतक 3,183 लोगों में टीबी की पुष्टि की गई, जिन्हें उपचार दिया जा रहा है।

RELATED ARTICLES

एक साधारण व्यक्ति में असाधारण व्यक्तित्व की जीवन्त जीवन जीने की शब्द-यात्रा है – BARLOWGANJ AND BEYOND

- साधारण व्यक्ति का असाधारण व्यक्तित्व : प्रो. बी. के. जोशी। - प्रो. बी. के. जोशी जी के जीवनीय आत्म-संस्मरणों पर केन्द्रित पुस्तक 'BARLOWGANJ...

भूमाफिया के कब्जे से जमीन मुक्त, रमोला दंपति को मिली अपनी जमीन।

भूमाफिया के कब्जे से जमीन मुक्त, रमोला दंपति को मिली अपनी जमीन। By - Prem Pancholi जिला प्रशासन की शख्त कार्रवाई के कारण ही टिहरी विस्थापित...

उत्तरकाशी में पार्किंग की समस्या हेतु कुछ खास सुझाव देते प्रख्यात आर्किटेक्चर कृष्ण कुड़ियाल

उत्तरकाशी में पार्किंग की समस्या हेतु कुछ खास सुझाव देते प्रख्यात आर्किटेक्चर कृष्ण कुड़ियाल By - Prem Pancholi   उत्तरकाशी शहर में आज पार्किंग की बहुत ही...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

धराली आपदा : वैज्ञानिकों ने किया खुलासा, एक बड़े ग्लेशियर के टुकड़े के टूटने से हुई तबाही।

न बादल फटा, न ग्लेशियल झील… वैज्ञानिक अध्ययन में खुलासा: श्रीकांता ग्लेशियर से बर्फ का बड़ा हिस्सा गिरने से हुआ था धराली हादसा। ....................... 5 अगस्त...

2017 तक स्टार्टअप की संख्या थी शून्य। वर्ष 2025 में बढ़कर हुई 1750

- 2024-25 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) ₹ 3,81,889 करोड़ का रहा - 2021-22 के मुकाबले जीएसडीपी में आया डेढ़ गुना से ज्यादा...

एक साधारण व्यक्ति में असाधारण व्यक्तित्व की जीवन्त जीवन जीने की शब्द-यात्रा है – BARLOWGANJ AND BEYOND

- साधारण व्यक्ति का असाधारण व्यक्तित्व : प्रो. बी. के. जोशी। - प्रो. बी. के. जोशी जी के जीवनीय आत्म-संस्मरणों पर केन्द्रित पुस्तक 'BARLOWGANJ...

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान   By - Harishankar saini   कभी गड्ढों, कीचड़ और टूटे किनारों से जूझती सलान गाँव...

होली विशेषांक : खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर।

- खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर। - दून पुस्तकालय में संगीताजंलि की शानदार होली प्रस्तुति दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के एम्फीथियेटर में आज संगीतांजली शास्त्रीय...

बर्लोगंज एंड बियोंड पुस्तक का लोकार्पण

पुस्तक : बर्लोगंज एंड बियोंड   By - Dr. Yogesh dhasmana   देश के प्रसिद्ध शिक्षाविद प्रो बी के जोशी के संस्मरणों पर आधारित पुस्तक बर्लोगंज एंड बियोंड...

विज्ञान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में।

विज्ञान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में। By - Neeraj Uttarakhandi पुरोला विकासखंड के अंतर्गत राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में राष्ट्रीय...

स्पैक्स संस्था ने होली के प्राकृतिक रंगों पर दून पुस्तकालय में बच्चों को दी जानकारी।

स्पैक्स संस्था ने होली के प्राकृतिक रंगों पर दून पुस्तकालय में बच्चों को दी जानकारी। .......... दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में ‘स्पेक्स’ संस्था के सहयोग...

जनगणना की पूरी तैयारी, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगी जनगणना

जनगणना-2027 की डिजिटल तैयारियां शुरू, देहरादून में 25-27 फरवरी तक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू चार्ज अधिकारियों से लेकर सेन्सस क्लर्क तक, सभी ले रहे डिजिटल...

एक स्वस्थ परंपरा है स्कूल ऑफ थॉट्स – प्रो० पंवार

स्कूल ऑफ थॉट्स, श्रीनगर (गढ़वाल), भारतीय-हिमालयी ज्ञान परंपरा,  मुख्य वक्ता- प्रो. मोहन पंवार। भारतीय : हिमालय ज्ञान परंपरा पर अपनी बात शुरू करते हुए मुख्य...