Sunday, September 13, 2026
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क्या आप भी कब्ज और पाचन संबंधी समस्याओं से हैं परेशान, तो इन योगासनों का करें अभ्यास, कुछ ही दिनों में मिलेगी राहत

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कब्ज और पाचन संबंधी समस्याएं आम हो गई हैं। गलत खानपान, तनाव और कम शारीरिक गतिविधि के कारण लोग अक्सर पेट से जुड़ी परेशानियों का सामना करते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि योग इन समस्याओं से निजात दिलाने का एक प्राकृतिक और असरदार तरीका हो सकता है? विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ खास योगासन न सिर्फ कब्ज को दूर करते हैं, बल्कि पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाते हैं। आइए जानते हैं चार ऐसे योगासनों के बारे में, जो रोजाना करने से आपको कुछ ही दिनों में राहत मिल सकती है।

1. पवनमुक्तासन 
पवनमुक्तासन को कब्ज दूर करने का सबसे कारगर योग माना जाता है। ये आसन पेट में जमा गैस को बाहर निकालता है और पाचन को बेहतर बनाता है। इसे करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं। दोनों घुटनों को मोड़कर छाती की ओर लाएं और हाथों से उन्हें पकड़ लें। सिर को थोड़ा ऊपर उठाएं और नाक को घुटनों की ओर ले जाने की कोशिश करें। इस स्थिति में 20-30 सेकंड तक रहें और गहरी सांस लें। रोजाना सुबह इसे करने से पेट हल्का महसूस होता है और मल त्याग आसान हो जाता है।

2. वज्रासन 
वज्रासन खाने के बाद भी किया जा सकता है, जो इसे खास बनाता है। ये आसन पाचन अंगों में रक्त संचार बढ़ाता है और कब्ज से राहत देता है। इसे करने के लिए घुटनों के बल बैठें, एड़ियों को अलग रखें और नितंबों को एड़ियों के बीच टिकाएं। पीठ सीधी रखें और हाथों को जांघों पर रखें। इस स्थिति में 2-3 मिनट तक रहें। नियमित अभ्यास से पेट की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और पाचन क्रिया सुधरती है।

3. भुजंगासन
भुजंगासन पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने के साथ-साथ पाचन तंत्र को साफ करता है। इसे करने के लिए पेट के बल लेट जाएं। हथेलियों को कंधों के नीचे रखें और सांस लेते हुए सीने को ऊपर उठाएं। नजर सामने रखें और इस स्थिति में 15-20 सेकंड तक रहें। फिर धीरे से नीचे आएं। ये आसन पेट पर दबाव डालता है, जिससे कब्ज और गैस की समस्या कम होती है। रोजाना 4-5 बार इसे दोहराएं।

4. बालासन 
बालासन तनाव कम करने के साथ-साथ पाचन अंगों को आराम देता है। इसे करने के लिए घुटनों पर बैठें, फिर आगे की ओर झुकें और माथे को जमीन पर टिकाएं। हाथों को आगे की ओर बढ़ाएं या शरीर के पास रखें। गहरी सांस लेते हुए 1-2 मिनट तक इस मुद्रा में रहें। ये आसन पेट को हल्का मालिश देता है, जिससे मल त्याग में आसानी होती है।

(साभार)

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