शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।
By – Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।।
दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक आकाशवाणी की ओर से उसके स्थापना के ऐतिहासिक 90 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बुधवार को ‘शास्त्रीय एवं उप-शास्त्रीय संगीत संध्या’ का आयोजन किया गया। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के सभागार में आयोजित कार्यक्रम ने भारतीय संस्कृति और संगीत की समृद्ध विरासत को जीवंत कर दिया।
आकाशवाणी के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि हेमंत बी. आड़े, निदेशक, भारतीय मानक ब्यूरो (देहरादून) एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। स्वागत संबोधन में दूरदर्शन उत्तराखंड के उपनिदेशक (अभि.) कुलभूषण कुमार ने कहा कि आकाशवाणी के 90 वर्षों का सफर भारतीय चेतना का सफर है। उन्होंने कहा कि यह संगीत संध्या केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी कला और भावनाओं का उत्सव है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, भारतीय मानक ब्यूरो (देहरादून) के निदेशक हेमंत बी.आड़े ने आकाशवाणी के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि आकाशवाणी पिछले नौ दशकों से भारत की आवाज रहा है। स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण तक इसकी भूमिका अतुलनीय है। संगीत की विरासत को संरक्षित करने में आकाशवाणी का योगदान अनुकरणीय है, यह संगीत मन को शांति और जीवन को नई ऊर्जा प्रदान करता है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि जनगणना कार्य निदेशालय (उत्तराखंड) के उपनिदेशक आरके बनवारी ने कहा कि ऐसे आयोजन नई
पीढ़ी को अपनी जड़ों और संगीत से जोड़ने में सहायक सिद्ध होते हैं। कार्यक्रम में आकाशवाणी देहरादून की कलाकार शरण्या जोशी ने ठुमरी, दादरा और चैती प्रस्तुत की। तबले पर प्रदीप्त डे ने संगत की और हारमोनियम पर माहिर अहमद ने प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के अंत में पार्थो राय चौधरी ने संतूर पर राग पूरिया धनाश्री प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर आकाशवाणी की कार्यक्रम प्रमुख मंजुला नेगी, कार्यक्रम अधिशासी संकल्प मिश्रा, विख्यात सितार वादक रोबिन करमाकर और दूरदर्शन के कार्यक्रम प्रमुख अनिल कुमार भारती सहित विभाग के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान दून पुस्तकालय के अधिकारी, कर्मचारी व युवा पाठक सहित शहर के प्रबुद्ध लोग शामिल रहे. कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ उद्घोषिका कल्पना पंकज द्वारा किया गया।







