ज्ञात हो कि यूपीईएस यूनिवर्सिटी के छात्रों ने क्लासरूम से निकलकर ज़मीन से जुड़ने की यह नई मिसाल पेश की है। यही वजह है कि विश्वविद्यालय के इन छात्रों ने Integral Livelihoods and Social Entrepreneurship Foundation (ILSEF) के मार्फत Srijan Social Internship Program के तहत पहली बार देहरादून में ऐसा एक प्रेरणादायक ‘सम्मान समारोह’ आयोजित किया। इस दौरान उन नगर निगम सफाई कर्मियों को सम्मान दिया गया जो रोज़ सुबह-सुबह शहर को स्वच्छ रखकर हर नागरिक की ज़िंदगी आसान बना देते हैं।
कार्यक्रम के दौरान IATR देहरादून के सभागार में छात्रों ने सफाई कर्मियों के इस उल्लेखनीय कार्य को सलाम किया। दरअसल इस रचनात्मक कार्य को कुशाग्र, आदित्य, अदिति, आरुषि, प्रसिद्धि, नमन और सत्यव्रत जैसे छात्रों ने अंजाम दिया और उन स्वच्छकारों के महीन कार्य को भी समझा। अतएव ऐसे सफाई कर्मियों क्रमशः आशू, आशीष, संयम, अजय, रेनू, सुमन और आरती को “स्वच्छता मित्र सम्मान” से एक भव्य कार्यक्रम के दौरान नवाजा गया है।
स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह को ILSEF, IATR, New Creation International जैसी सामाजिक संस्थाओ ने संयुक्त रूप से आयोजित किया है।
बतौर मुख्य अतिथि व Care UK सामाजिक संस्था के अध्यक्ष मनमोहन बिष्ट ने कहा कि शहर को स्वच्छ रखने की जितनी जिम्मेदारी शहरी इकाई की है उतनी हमारी भी होनी चाहिए। ताकि ‘स्वच्छ भारत’ का सपना साकार हो सके। यह सम्मान भी हम सभी की कृतज्ञता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे IATR के CEO अमित उपाध्याय ने कहा कि इन छात्र-नेतृत्व ने नागरिक पहलों की सराहना की है। कहा कि उच्च शिक्षा तभी सार्थक होगी जब वे समाज के हर वर्ग के कर्म को अहसास करें और उन्हें सम्मान दें। इस अवसर पर IATR की फैकल्टी मेंबर्स रिया, वैशाली थापा भी उपस्थित रही है।
कुलमिलाकर ‘सृजन सोशल इंटर्नशिप प्रोजेक्ट’ के इस ‘सम्मान समारोह’ ने यह साबित कर दिया कि युवाओ की यह पहल आने वाले दिनों में प्रेरक का कार्य कहा जाएगा।







