Saturday, July 25, 2026
Home lifestyle प्रख्यात फोटोग्राफर कमल जोशी पर वृतचित्र : "आवारगी"

प्रख्यात फोटोग्राफर कमल जोशी पर वृतचित्र : “आवारगी”

प्रख्यात फोटोग्राफर कमल जोशी पर वृतचित्र : “आवारगी”


@ Prem Pancholi

प्रख्यात फोटो ग्राफर, कवि पत्रकार और यायावर दिवंगत कमल जोशी पर एक विशेष प्रकार की डॉक्यूमेंट्री प्रसिद्ध फिल्मकार और फोटोग्राफर जयदेव भट्टाचार्य ने देहरादून स्थित दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के ऑडियोटूरिम में ‘आवारगी’ के नाम से प्रदर्शित की है। इस अवसर पर फिल्मकार श्री भट्टाचार्य ने कहा कि यह उनकी श्री जोशी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

ज्ञात हो कि ‘आवारगी (Wanderlust)’ नाम से 36 मिनट की डॉक्यूमेंट्री को देखकर अधिकांश दर्शक भाव विभोर हो उठे हैं। पर साथ साथ उनके कार्यों को भी याद किया गया है।

डॉक्यूमेंट्री फिल्म प्रदर्शन से पूर्व कमलजीत कौर ने श्री जोशी को याद करते हुए उनके साहित्य रचना पर एक विश्लेषणात्मक व्याख्यान दिया, जिस पर थोड़ी देर के लिए माहौल गमगीन हो गया था। वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती कवंलजीत कौर ने कमल जोशी की कविताओं की भावभूमि, उनकी भाषा और प्रकृति के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता पर विस्तार से प्रकाश डाला। कमल जोशी की कविताएँ उनके व्यक्तित्व की आत्मा हैं और उन्हें समझे बिना कमल जोशी को पूर्णतः समझना संभव नहीं है।

जबकि फिल्म की तकनीकी पर निकोलस और फिल्म प्रोड्यूशर जयदेव भट्टाचार्य ने फिल्म की तकनीकी पक्षों और कठिनाइयों पर हुए सवाल जबाव से यह जानकारी दी गई कि इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म को बनाने में चार साल लग गए। कार्यक्रम का संयोजन कर रही महिला नेत्री गीता गैरोला में कमला जोशी को बेतरतीब व्यक्तित्व बताया है। यानि बेतरतीब कार्यों को तरकीब से करना उन्होंने ने भी कमला जोशी से सीखा है।

‘आवारगी (Wanderlust)’ डॉक्यूमेंट्री फिल्म में बहुत ही करीने से कार्य किया गया है। स्व० जोशी पर बनाया गया यह वृतचित्र को नए रूप में प्रस्तुत किया गया है। फिल्म में न तो लगातार वॉयस ओवर है, न लंबे बैक ग्राउंड म्यूजिक है और न ही कोई काल्पनिक वस्तुओं का इस्तेमाल किया गया है। कमल जोशी के अलग अलग व्यक्तित्व पर अलग अभिव्यक्तियों की सफल प्रस्तुति है। कविता की जगह का कविता, फोटो की जगह फोटो सेशन और घुमक्कड़ी की जगह प्रकृति प्रदत्त स्थलों और फोटुओं का सम्मिश्रण है। पूरी कहानी में कभी भी ब्रेक नहीं है, बजाय कहानी को जीवंत रूप देने में निर्देशक की विशेषता स्पष्ट दिखाई दे रही थी। 36 मिनट की फिल्म में एक किरदार की भी बेहतरीन प्रस्तुति है।

इस कार्यक्रम में साहित्य, पत्रकारिता, फोटोग्राफी, सिनेमा, पर्यावरण तथा शिक्षा जगत से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिक, बुद्धिजीवी, कलाकार, विद्यार्थी और फिल्म प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के प्रारम्भ में दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र  के कार्यक्रम अधिकारी चंद्रशेखर तिवारी ने उपस्थित लोगों का स्वागत किया और कहा कि कमल जोशी केवल एक उत्कृष्ट फोटोग्राफर ही नहीं, बल्कि संवेदनशील कवि, जिज्ञासु यात्री और प्रकृति के सच्चे साधक थे। उन्होंने कहा कि कमल जोशी का जीवन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है तथा उनकी दृष्टि हमें प्रकृति, समाज और मनुष्य के प्रति अधिक संवेदनशील बनने की प्रेरणा देती है।

कार्यक्रम का संचालन कर रही महिला नेत्री श्रीमती गीता गैरोला ने कमल जोशी के जीवन, उनके रचनात्मक सफर तथा डॉक्यूमेंट्री के निर्माण की पृष्ठभूमि को सहज और रोचक ढंग से उपस्थित श्रोताओं के समक्ष रखा।

फिल्म प्रदर्शन के उपरांत फिल्म के निर्देशक एवं निर्माता जयदेव भट्टाचार्य ने डॉक्यूमेंट्री के निर्माण की प्रक्रिया, शोध यात्रा तथा निर्माण के दौरान आए अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद उनका उद्देश्य कमल जोशी के व्यक्तित्व और कृतित्व के उन पक्षों को सामने लाना था, जो आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह फिल्म केवल एक व्यक्ति की जीवनी नहीं, बल्कि संवेदनशील दृष्टि, प्रकृति-प्रेम और मानवीय मूल्यों का एक जीवंत दस्तावेज है।

इसके पश्चात निकोलस हॉफलैंड ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘आवारगी’ केवल एक डॉक्यूमेंट्री नहीं, बल्कि स्मृतियों, संवेदनाओं और रचनात्मक जीवन का सशक्त सिनेमाई दस्तावेज है। उन्होंने फिल्म की शोधपरकता, प्रस्तुति और भावनात्मक गहराई की सराहना की।

चाय पर खुली चर्चा में उपस्थित दर्शकों ने भी अपने विचार साझा किए। फिल्म तथा कमल जोशी के व्यक्तित्व पर सार्थक संवाद में उपस्थित प्रतिभागियों ने कहा कि इस प्रकार की डॉक्यूमेंट्री आने वाली पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक, रचनात्मक और बौद्धिक विरासत को संरक्षित करने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं।

कार्यक्रम का समापन कमल जोशी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए तथा सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों और दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ।

यह आयोजन कमल जोशी के बहुआयामी व्यक्तित्व, उनके रचनात्मक अवदान और प्रकृति के प्रति उनके गहरे सरोकारों को याद करने का एक सार्थक अवसर सिद्ध हुआ।

RELATED ARTICLES

25 जुलाई विशेष : 209 दिन की जेल यातना, 84 दिन की भूखहड़ताल

By - RP Vishal अमर बलिदानी श्रीदेव सुमन जिनकी 209 दिन की जेल यातना तथा 84 दिन की भूख हड़ताल के बाद मृत्यु हुई थी...

वृक्षारोपण को सांस्कृतिक अभियान बनाया – कल्याण सिंह रावत “मैती”

वृक्षारोपण को सांस्कृतिक अभियान बनाया - कल्याण सिंह रावत "मैती" By - Prem Pancholi दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के तत्वाधान में आयोजित "मैती" व्याख्यान पर...

डॉ. सुशील उपाध्याय बनेंगे हिंदी संवाद का सेतु

केंद्रीय हिंदी निदेशालय द्वारा चुने गए देश भर से आठ विद्वान By - Desk देहरादून। चमन लाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षाविद् डॉ. सुशील उपाध्याय...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

25 जुलाई विशेष : 209 दिन की जेल यातना, 84 दिन की भूखहड़ताल

By - RP Vishal अमर बलिदानी श्रीदेव सुमन जिनकी 209 दिन की जेल यातना तथा 84 दिन की भूख हड़ताल के बाद मृत्यु हुई थी...

वृक्षारोपण को सांस्कृतिक अभियान बनाया – कल्याण सिंह रावत “मैती”

वृक्षारोपण को सांस्कृतिक अभियान बनाया - कल्याण सिंह रावत "मैती" By - Prem Pancholi दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के तत्वाधान में आयोजित "मैती" व्याख्यान पर...

डॉ. सुशील उपाध्याय बनेंगे हिंदी संवाद का सेतु

केंद्रीय हिंदी निदेशालय द्वारा चुने गए देश भर से आठ विद्वान By - Desk देहरादून। चमन लाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षाविद् डॉ. सुशील उपाध्याय...

बिना अनुमति एवं निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित लाउडस्पीकरों पर की गई कार्रवाई।

By - Prem Pancholi माननीय सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण एवं सार्वजनिक शांति व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन...

गुणवत्ता और पारदर्शिता से पूरे हों पंचायतों के विकास कार्य-जोत सिंह बिष्ट

गुणवत्ता और पारदर्शिता से पूरे हों पंचायतों के विकास कार्य-जोत सिंह बिष्ट Harish Thapliyal   ।। ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (आरडब्ल्यूडी) के उपाध्यक्ष उत्तराखंड सरकार जोत सिंह बिष्ट...

प्रख्यात फोटोग्राफर कमल जोशी पर वृतचित्र : “आवारगी”

प्रख्यात फोटोग्राफर कमल जोशी पर वृतचित्र : "आवारगी" @ Prem Pancholi प्रख्यात फोटो ग्राफर, कवि पत्रकार और यायावर दिवंगत कमल जोशी पर एक विशेष प्रकार की...

वन विदोहन की दास्तान बता रहे है समाज चिंतक विनय केडी

इस बार हरेला से एक दिन पहले जंगल में पेड़ों की पंचायत बैठी थी। अध्यक्षता सबसे बूढ़े देवदार ने की। वह पिछले ढाई सौ...

मंदिर चोरी : सनातन पर सबसे बड़ा कलंक

By - Prem Pancholi   ।। अगर मंदिरों में चोरी हो रही है तो यह बड़ा सवाल ही तो है। इसके अलावा जब हम हिन्दू संस्कृति...

जब लिंगुड़ा देखा, जब याद आया पहाड़।

आए याद पहाड़ By - Diwan mewadi आज लिंगुड़ क्या आए कि इन्होंने बचपन से मन में बसी पहाड़ की यादें ताज़ा कर दीं। थाली में रखे...

यात्रा संस्मरण : रुद्रनाथ यात्रा- सरकार यहाॅं लापता है

रुद्रनाथ यात्रा- सरकार यहाॅं लापता है By - Arun kuksal ....सुबह के 7 बजे हैं और मोलिखर्क में बारिश की रुण-झुण जारी है। परन्तु मेरे लिए...