Saturday, March 7, 2026
Home देहरादून देहरादून में हुई विजयलक्ष्मी पंडित की जीवनी पर चर्चा

देहरादून में हुई विजयलक्ष्मी पंडित की जीवनी पर चर्चा

देहरादून में हुई विजयलक्ष्मी पंडित की जीवनी पर चर्चा

Vijaylaxmi pandit
Vijaylaxmi pandit

दून पुस्तकालय एवम शोध केंद्र द्वारा आयोजित श्रृंखला में मनु प्रो० भगवान द्वारा लिखी गई विजयलक्ष्मी पंडित की जीवनी पर आधारित हुई। साथ ही पुस्तक ‘विजय लक्ष्मी पंडित’ का लोकार्पण भी किया गया है। पुस्तक लोकार्पण के बाद इस पुस्तक पर एक वृहद चर्चा भी हुई है।

Vijaylaxmi pandit
Vijaylaxmi pandit

उल्लेखनीय है कि बीसवीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण और प्रसिद्ध महिलाओं में से एक मैडम विजया लक्ष्मी पंडित के जीवनी लेखक मनु भगवान ने लिखी हैं। ज्ञात हो कि विजय लक्ष्मी पंडित की कहानी आधुनिक दुनिया से जुड़ी हुई है। वह भारत की पहली महिला कैबिनेट मंत्री, संयुक्त राष्ट्र में पहली राजदूत और सोवियत संघ में पहली राजदूत रहीं थीं। वह संयुक्त राज्य अमेरिका में पहली महिला राजदूत और संयुक्त राष्ट्र महासभा की पहली महिला निर्वाचित अध्यक्ष भी रही थीं। और फिर भी उनका प्रभाव इन औपचारिक भूमिकाओं से कहीं आगे तक  विस्तारित था। वह आधुनिक वैश्विक व्यवस्था की स्थापना के केंद्र में थीं, सबसे प्रभावशालियों में से एक बन गईं। उन्होंने शांति और न्याय की अंतर्राष्ट्रीय आवाज़ें उठाईं, और कई क्षेत्रों में दुनिया भर में महिलाओं के लिए मार्ग भी प्रशस्त किया। यही कारण था कि एलेनोर रूज़वेल्ट ने उन्हें “अब तक की सबसे उल्लेखनीय महिला” कहा। आठ साल के शोध के आधार पर, सात देशों की पांच भाषाओं में सामग्री और चालीस से अधिक अभिलेखागार का उपयोग करके दिसंबर 2023 में पेंगुइन/एलन लेन इंडिया द्वारा प्रकाशित, इस पुस्तक को विजया लक्ष्मी पंडित की एक ठोस जीवनी के रूप में जाना जाता है।

Vijaylaxmi pandit
Vijaylaxmi pandit

जीवनी के लेखक मनु भगवान आधुनिक भारत के विशेषज्ञ हैं, जो बीसवीं सदी के उत्तर औपनिवेशिक और उत्तर-औपनिवेशिक काल पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जिसमें मानव अधिकारों, (अंतर) राष्ट्रवाद और संप्रभुता के प्रश्नों में विशेष रुचि है। वह हंटर कॉलेज और ग्रेजुएट सेंटर, सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ़ न्यूयॉर्क में इतिहास, मानवाधिकार और सार्वजनिक नीति के प्रोफेसर हैं। वे मौजूदा वक्त राल्फ बंचे इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल स्टडीज़ में सीनियर फेलो भी हैं। स्नातक स्तर पर वह आधुनिक विश्व इतिहास और आधुनिक दक्षिण एशियाई इतिहास पर व्याख्यान देते हैं, और गांधी, आधुनिक भारत और हिंसा और जातीय संघर्ष पर सेमिनार आयोजित करते हैं। उनकी स्नातक कक्षाएँ मानवाधिकार, अंतर्राष्ट्रीयता और जीवनी पर केंद्रित हैं।

Vijaylaxmi pandit
Vijaylaxmi pandit

नयनतारा सहगल अंग्रेजी साहित्य की स्थापित उपन्यासकार तथा राजनीतिक टिप्पणीकार हैं। इन्होंने नौ उपन्यास और आठ गैर-काल्पनिक रचनाएँ प्रकाशित की हैं। अंग्रेजी में अंतरराष्ट्रीय पाठक वर्ग पर छाप छोड़ने वाले पहले भारतीय लेखकों में से एक हैं। उन्होंने 1986 में प्लान्स फॉर डिपार्चर के लिए कॉमनवेल्थ राइटर्स प्राइज (यूरेशिया) जीता, जबकि रिच लाइक अस ने 1985 में सिंक्लेयर फिक्शन पुरस्कार और 1986 में साहित्य अकादमी पुरस्कार जीता। उन्होंने अंग्रेजी के लिए साहित्य अकादमी सलाहकार बोर्ड के सदस्य के रूप में योगदान दिया, वुडरो विल्सन इंटरनेशनल सेंटर फॉर स्कॉलर्स, नेशनल ह्यूमैनिटीज़ सेंटर और बंटिंग इंस्टीट्यूट, यूएसए के फेलो रहे हैं। उन्होंने 1990 और 1991 में कॉमनवेल्थ राइटर्स प्राइज़ की जूरी में भी काम किया। 1990 में उन्हें अमेरिकन एकेडमी ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज का फेलो चुना गया। 1997 में उन्हें लीड्स विश्वविद्यालय द्वारा साहित्य के लिए मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया था, और 2002 में वेलेस्ले कॉलेज द्वारा एलुम्ना उपलब्धि पुरस्कार दिया गया था, जो उन्हें दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की रक्षा में बहादुरी से सामना करने के लिए सम्मानित करता था।

Vijaylaxmi pandit
Vijaylaxmi pandit

विभा पुरी दास  भारत सरकार में सचिव रह चुकी हैं, इनका उत्तराखंड शासन के साथ भी एक लंबा जुड़ाव रहा है। उन्होंने उस समय देहरादून के जिला मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य किया था, जब विजय लक्ष्मी पंडित देहरादून की निवासी थीं।

गीता सहगल एक नारीवादी कार्यकर्ता और वृत्तचित्र फिल्म निर्माता हैं। उन्होंने दहेज हत्या, सती प्रथा, अपने पति की हत्या के लिए जेल में बंद किरणजीत अहलूवालिया के मामले, सलमान रुश्दी मामले और 1971 के दौरान बांग्लादेश में मौत के दस्तों पर द वॉर क्राइम फाइल पर फिल्में बनाई हैं।

कार्यक्रम के प्रारम्भ में श्री निकोलस हॉफलैण्ड ने दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र की ओर से मंचासीन अतिथियों और सभागार में उपस्थित लोगों का स्वागत किया और  प्रोग्राम एसोसिएट चन्द्रशेखर तिवारी ने अंत में अतिथियों और श्रोताओं को धन्यवाद दिया। इस मौके पर अनिल बहुगुणा, एन एस नपलच्याल, डॉ अतुल शर्मा, एलन सीली, रवि चोपड़ा, अरविंद कृष्ण मेहरोत्रा, आलोक बी लाल,सुन्दर सिंह बिष्ट, सहित कई लेखक, बुद्धिजीवी, और दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के युवा पाठक मौजूद रहे।

इधर लेखक मनु भगवान के साथ गीता सहगल ने गहन बातचीत की है। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि  के तौर पर सुप्रसिद्ध अंग्रेजी साहित्य की लेखिका नयनतारा सहगल उपस्थित रहीं। जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तराखण्ड शासन में पूर्व प्रमुख सचिव रह चुकीं विभा पुरी दास ने की है।

Vijaylaxmi pandit
Vijaylaxmi pandit

“दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र पुस्तक वाचन और चर्चा, संगीत, वृत्तचित्र फिल्म, लोक परंपराओं और लोक कलाओं, इतिहास, सामाजिक विज्ञान, आम नागरिक मुद्दों व प्रौद्योगिकी पर केंद्रित अपने कैलेंडर के आधार पर समय-समय पर कार्यक्रम करते रहता है।”

RELATED ARTICLES

2017 तक स्टार्टअप की संख्या थी शून्य। वर्ष 2025 में बढ़कर हुई 1750

- 2024-25 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) ₹ 3,81,889 करोड़ का रहा - 2021-22 के मुकाबले जीएसडीपी में आया डेढ़ गुना से ज्यादा...

एक साधारण व्यक्ति में असाधारण व्यक्तित्व की जीवन्त जीवन जीने की शब्द-यात्रा है – BARLOWGANJ AND BEYOND

- साधारण व्यक्ति का असाधारण व्यक्तित्व : प्रो. बी. के. जोशी। - प्रो. बी. के. जोशी जी के जीवनीय आत्म-संस्मरणों पर केन्द्रित पुस्तक 'BARLOWGANJ...

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान   By - Harishankar saini   कभी गड्ढों, कीचड़ और टूटे किनारों से जूझती सलान गाँव...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

धराली आपदा : वैज्ञानिकों ने किया खुलासा, एक बड़े ग्लेशियर के टुकड़े के टूटने से हुई तबाही।

न बादल फटा, न ग्लेशियल झील… वैज्ञानिक अध्ययन में खुलासा: श्रीकांता ग्लेशियर से बर्फ का बड़ा हिस्सा गिरने से हुआ था धराली हादसा। ....................... 5 अगस्त...

2017 तक स्टार्टअप की संख्या थी शून्य। वर्ष 2025 में बढ़कर हुई 1750

- 2024-25 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) ₹ 3,81,889 करोड़ का रहा - 2021-22 के मुकाबले जीएसडीपी में आया डेढ़ गुना से ज्यादा...

एक साधारण व्यक्ति में असाधारण व्यक्तित्व की जीवन्त जीवन जीने की शब्द-यात्रा है – BARLOWGANJ AND BEYOND

- साधारण व्यक्ति का असाधारण व्यक्तित्व : प्रो. बी. के. जोशी। - प्रो. बी. के. जोशी जी के जीवनीय आत्म-संस्मरणों पर केन्द्रित पुस्तक 'BARLOWGANJ...

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान   By - Harishankar saini   कभी गड्ढों, कीचड़ और टूटे किनारों से जूझती सलान गाँव...

होली विशेषांक : खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर।

- खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर। - दून पुस्तकालय में संगीताजंलि की शानदार होली प्रस्तुति दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के एम्फीथियेटर में आज संगीतांजली शास्त्रीय...

बर्लोगंज एंड बियोंड पुस्तक का लोकार्पण

पुस्तक : बर्लोगंज एंड बियोंड   By - Dr. Yogesh dhasmana   देश के प्रसिद्ध शिक्षाविद प्रो बी के जोशी के संस्मरणों पर आधारित पुस्तक बर्लोगंज एंड बियोंड...

विज्ञान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में।

विज्ञान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में। By - Neeraj Uttarakhandi पुरोला विकासखंड के अंतर्गत राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में राष्ट्रीय...

स्पैक्स संस्था ने होली के प्राकृतिक रंगों पर दून पुस्तकालय में बच्चों को दी जानकारी।

स्पैक्स संस्था ने होली के प्राकृतिक रंगों पर दून पुस्तकालय में बच्चों को दी जानकारी। .......... दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में ‘स्पेक्स’ संस्था के सहयोग...

जनगणना की पूरी तैयारी, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगी जनगणना

जनगणना-2027 की डिजिटल तैयारियां शुरू, देहरादून में 25-27 फरवरी तक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू चार्ज अधिकारियों से लेकर सेन्सस क्लर्क तक, सभी ले रहे डिजिटल...

एक स्वस्थ परंपरा है स्कूल ऑफ थॉट्स – प्रो० पंवार

स्कूल ऑफ थॉट्स, श्रीनगर (गढ़वाल), भारतीय-हिमालयी ज्ञान परंपरा,  मुख्य वक्ता- प्रो. मोहन पंवार। भारतीय : हिमालय ज्ञान परंपरा पर अपनी बात शुरू करते हुए मुख्य...