Thursday, May 14, 2026
Home टिहरी गढ़वाल स्त्री विमर्श पर मनोरमा नौटियाल का साक्षात्कार संस्मरण

स्त्री विमर्श पर मनोरमा नौटियाल का साक्षात्कार संस्मरण

@By – Manorama Nautiyal

००००००००००००००००००००

कभी-कभी दूसरे व्यक्ति को खड्ड में गिरने से बचाना अपने लिए खड्ड खोदने जैसा साबित हो जाता है। वो भी तब जब वो व्यक्ति इस बात से अनजान हो कि वो गलत रास्ते पर है और उसे रोकने की कोशिश में वो आपको अपना शत्रु समझ आप ही पर हमलावर हो जाए।

करीब चार वर्ष पहले की बात है। बुलन्दशहर-मेरठ से पहले काशीपुर और फिर देहरादून आकर बसे, ट्रांसफर-पोस्टिंग की दलाली करने वाले एक कथित समाजसेवक सफेदपोश ने पति से अलग रह रही स्त्री और उसके बच्चों के साथ सहानुभूति का ढोंग करके उसे ऐसा प्रभावित किया कि वह उस पर अंधविश्वास करने लगी। अपना एटीएम तक उसे दे दिया, गाड़ी भी खरीद कर दे दी।

Woman
Woman

स्त्री होने के नाते मैंने उसे समझाया कि दूसरे पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं को मजबूत करे और संभव हो तो पति के साथ बातचीत कर मसला सुलझाए।
पहले तो वह समझ गई किंतु फिर श्रीमान समाजसेवी ने उसके मस्तिष्क में यह भर दिया कि मैं तो खुद समाजसेवी की दीवानी हूँ और डाह में उस स्त्री को जुदा करना चाहती हूँ।

विडंबना यह कि खुद को उत्तराखण्ड और पहाड़ का लाल कहने वाले जिस कुकुरमुत्ता नेता जी से मैंने सहायता करने का अनुरोध किया वह भी समाजसेवी के षड्यंत्र में सम्मिलित हो गया।
पहाड़पुत्र ने ऊंची पहुंच, मीडिया और राजनीतिक संपर्कों के लालच में मेरठ के ठग को अपना गुरु/मार्गदर्शक बना लिया था।

जब यह निश्चित हो गया कि स्त्री मूर्खता के अन्धबिंदु पर है और किसी भी तरह नहीं समझेगी तो मैंने उसे समय के हाथ छोड़ दिया।

अब सुना है वर्तमान स्थिति यह है कि समाजसेवी नरकावरोही हो चुका है। उसके फोन में स्त्री के चैट वग़ैरह को पब्लिक करने का डर दिखाकर अब उसकी पत्नी ‘समाजसेवी’ बन गई है और उस स्त्री से लाखों की वसूली कर चुकी है।
उधर पहाड़पुत्र अपना उल्लू सीधा कर किसी पार्टी का प्रवक्ता बन लोकल टीवी चैनलों पर दहाड़ रहा है।

समाजसेवी के पास समाजसेवा के सबूत के तौर पर मीडिया में छपवाई गईं खबरों की कटिंग्स और कुछ फोटो थीं जिन्हें लोगों को दिखा-दिखा कर वह नए संपर्क बनाता और आगे का रास्ता साफ़ करता जाता था।

सोच रही हूँ नौकरी-किसानी छोड़ कोई चोखा बिजनिस शुरू कर दूँ! क्या कहते हैं दोस्त/दोस्त्याणियों?
मुझे एनवायरमेंटलिस्ट/वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर/एंथ्रोपोलोजिस्ट बन जाना चाहिए कि नहीं बन जाना चाहिए?

RELATED ARTICLES

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

स्मृति शेष : बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान

बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान   By - Vinod Arya   सामाजिक न्याय, शिल्पकार चेतना और समानता के महान अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य जी (12 मई...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम। स्पार्क टेक्नोलॉजीज , स्पेक्स एवं...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

ट्राइकोग्रामा एक उत्तम प्राकृतिक खेती की तकनीकी। पढ़े पूरी रिपोर्ट

ट्राइकोग्रामा एक सूक्ष्म परजीवी ततैया है जो हानिकारक कीड़ों के अंडों पर हमला करता है। यह लगभग 200 प्रकार के नुकसानदायक कीटों के अंडों...

स्मृति शेष : बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान

बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान   By - Vinod Arya   सामाजिक न्याय, शिल्पकार चेतना और समानता के महान अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य जी (12 मई...

वरिष्ठ साहित्यकार राम प्रकाश अग्रवाल कण की पुस्तक का लोकार्पण।

पुस्तक लोकार्पण "मॉं जिसके गोद में सभ्यताएं पलीं" लेखक - राम प्रकाश अग्रवाल कण, प्रकाशन - समय साक्ष्य (देहरादून)   By - Neeraj Naithani ।।   लैंसडाउन चौक स्थित...

तुलसी माला को लेकर क्यों विरोध कर रहे हैं बद्रीनाथवासी? पढ़े पूरी रिपोर्ट

By - Sanjana bhagwat   बद्रीनाथ धाम में तुलसी माला को लेकर बामणी गांव के लोगों द्वारा किया जा रहा विरोध केवल एक व्यापारिक विषय नहीं,...

12 मई विशेषांक : शिल्पकारों के उत्थान के लिए लड़ते रहे बलदेव सिंह आर्य।

‘जातीय जड़ता जाने का जश्न मनायें’। उत्तराखण्ड के शिल्पकार वर्ग में सामाजिक-शैक्षिक चेतना के अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य (12 मई, 1912 से 22 दिसम्बर, 1992)...

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह : उफ्तारा

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह। फिल्म परिषद का कार्यालय शीघ्र। सी.ई.ओ. बंशीधर तिवारी का उफतारा ने जताया आभार। दूरदर्शन और संस्कृति विभाग को...