अंकिता हत्या कांड को लेकर यदि कांग्रेस, भाजपा को छोड़ दें तो मामला उतना ही गंभीर है जितना हर एक नागरिक सोच रहा है। उत्तराखंड का बच्चा, बूढ़ा, जवान, महिला, पुरुष जब अंकिता हत्याकांड पर सोचते हैं तो, दो सवाल बार बार कचोटते है। पहला यह कि अंकिता को क्यों जान से मारा गया, दूसरा यह कि जिस VIP का नाम अंकिता के साथ जुड़ा है वह कौन है? आज भी हर जगह यही सवाल है।
माना कि अंकिता हत्याकांड से जिनके तार जुड़े थे वे जेल में है। मगर यह भी तो जांच के दौरान सामने आया था कि कोई VIP भी इस घटनाक्रम से संबंध रखता है। बीते कल एक पुलिस अधिकारी ने यहां मीडिया के सामने तर्क, कुतर्क और वितर्क करके अपनी बात रखी कि जिस रिजॉर्ट में अंकिता की हत्या का मामला सामने आया है उस रिजॉर्ट में धर्मेंद्र प्रधान नाम का vip दो घंटे के लिए किसी के साथ सिर्फ भोजन करने आया था। जिसने भी यह बयान सुना है वह हतप्रद है।
इसलिए कि जब पुलिस ने हुलिया के मार्फत यह निकाला कि धर्मेंद्र प्रधान नाम का उक्त रिजॉर्ट में कुछ घंटे के लिए आया था, जिसका अंकिता हत्या कांड से कोई लेना देना नहीं है। इस तरह के तर्क से सरकार और प्रशासन कटघड़े में खड़े दिखाई दे रहे हैं। की, जब इस वक्त भाजपा के एक बड़े नेता का नाम इस घटना के साथ भाजपा के ही एक परिवार यानी पति पत्नी के झगड़े की बीच खुल रहा है तो ऐसे वक्त में भाजपा को नैतिकता के आधार पर उक्त नेता को अपनी पार्टी से निष्कासित कर देना चाहिए और पुलिस प्रशासन को यह चाहिए कि जन आक्रोश को देखते हुए उक्त नेता जिसे VIP बताया जा रहा है पूछ ताछ में ले लेना चाहिए।
अब जबकि ऐसा नहीं किया जा रहा है। दूसरी तरफ जो महिला बार बार, चिल्ला चिल्ला कर यह कह रही है कि दुष्यंत गौतम ही VIP है तो उस महिला को सुरक्षा देकर और उसी महिला का मजिस्ट्रेट बयान किया जाए। ऐसा भी नहीं हो रहा है, बजाय उक्त महिला को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस बिछाई गई है जैसा कि बताया जा रहा है।
इस पूरी बहस और ताजा माहौल से यही स्पष्ट हो रहा है कि…
– अंकिता की हत्या हुई है।
– जो लोग इस घटनाक्रम के कारण जेल में है उन्हें भी उक्त VIP का नाम मालूम है।
– उर्मिला सनावर नाम की महिला इस कांड की पुख्ता गवाह हो सकती है, पर उसे गिरफ्तार करने के लिए पुलिस बिछ चुकी है।
– सत्ताधारी पार्टी की नैतिकता सामने आ गई है।
– अंकिता हत्याकांड की गुत्थी नहीं सुलझी तो आने वाला समय बहुत अराजकता वाला हो सकता है। जिसकी जिम्मेदारी तब सरकार की होती है।
कुलमिलाकर उक्त व्यक्ति यानी जिसका नाम अंकिता हत्याकांड से जुड़ रहा है को मीडिया के सामने आना ही चाहिए। और उक्त दिनों की सभी प्रामाणिकता सामने रखनी चाहिए। यदि सच में वह अपने को VIP मानता है। यही बात सत्ताधारी पार्टी की भी है कि जिनका जिनका नाम इस घटना से जोड़ा जा रहा है उन्हें नैतिकता के आधार पर पार्टी से हटा देना चाहिए। अच्छा हो कि सभी को त्वरित पूछताछ के लिए गिरफ्तार कर लेना चाहिए। इससे और भी अच्छा तो यह है कि सरकार को CBI जांच करवा ही देनी चाहिए।
अब यह सब कुछ नहीं हो रहा है। अतएव अब जो भी होगा वह उत्तराखंड की जनता स्वयं करेगी, जैसा कि राज्य में माहौल दिखाई दे रहा है।







