Sunday, June 28, 2026
Home entertainment प्रश्नचिन्ह - क्यों लौटे श्री कोश्यारी वापस? बौखनाग देवता ने शरदोत्सव का...

प्रश्नचिन्ह – क्यों लौटे श्री कोश्यारी वापस? बौखनाग देवता ने शरदोत्सव का किया शुभारंभ

बौखनाग देवता के सानिध्य में हुआ बड़कोट शादोत्सव का शुभारंभ। श्री कोशियारी लौटे वापस।

By – Prem Pancholi

 

यह पहली बार हुआ जब बड़कोट नगर पालिका परिषद द्वारा आयोजित सात दिवसीय शरदोत्सव (रवांई शरदोत्सव, संस्कृति, पर्यटन एवं विकास मेला) का उद्घाटन बौख नाग देवता के मुख्य पुजारी ने किया हो। साथ में क्षेत्र की अन्य देव डोलियां भी इस मेले के उद्घाटन में मौजूद रही। क्षेत्रीय देवताओं ने अध्यक्ष नगर पालिका परिषद विनोद डोभाल को मेला संपन्न करने का आशीर्वाद दिया और देवताओं ने यह भी कहा कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर विकास कार्यों में साथ आना होगा।

उल्लेखनीय हो कि आम तौर पर किसी भी सरकारी आयोजन का उद्घाटन कोई न कोई प्रमुख जनप्रतिनिधि करते है। मगर इस बार बड़कोट शरदोत्सव का उद्घाटन आराध्य देव बौखनाग देवता ने किया है। हालांकि इस आयोजन में क्षेत्रीय देवताओं का आशीर्वाद लेना अनिवार्य था ही मगर यह तब हुआ जब स्थानीय राजनीतिक दलों के कुछ खास कार्यकर्ताओं को यह बात हजम नहीं हुई कि निर्दलीय जनप्रतिनिधि के नेतृत्व में आयोजित शरदोत्सव का उद्घाटन सत्ता के कोई प्रतिनिधि कैसे कर सकते है। बताया गया कि सत्ता के नजदीकी कुछ कार्यकर्ताओं ने अपने आकाओं को यह धमकी दे डाली कि यदि बड़कोट शरदोत्सव का उद्घाटन सत्ता का कोई प्रमुख व्यक्ति कर देगा तो वे आगामी चुनाव में भीतरघात कर सकते है। इस संभावनाओं को देखते हुए सत्ता के नजदीकी जनप्रतिनिधि इस शरदोत्सव के उद्घाटन करने नहीं पहुंचे। जबकि शरदोत्सव की पूर्व संध्या में महाराष्ट्र, गोवा के राज्यपाल रहे और पूर्व मुख्यमंत्री भाजपा के शीर्ष नेता भगत सिंह कोशियारी “हमारे नायक” सम्मान समारोह में बड़कोट पहुंच चुके थे। यही नहीं श्री कोशियारी का प्रोटोकॉल भी इसी तरह से था कि वे 27 नवंबर को बड़कोट शरदोत्सव का उद्घाटन करेंगे। पर सत्ताधारी पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं के भारी विरोध के कारण श्री कोशियारी को वापस लौटना पड़ा।

स्थानीय लोगों में यह रोष व्याप्त है कि जब सत्ता के शीर्ष नेतृत्व सामने पहुंच चुके थे तो यह व्यवहार सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ताओं का क्षेत्र के प्रति अच्छा नहीं है। लोगो का यह भी कहना है कि राजनीतिक प्रतिद्वंदिता अवश्य हो, पर बदले की भावना से कोई राजनीति करे यह क्षेत्र विकास के लिए अशुभ कहा जाएगा। कई सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सत्ता का कोई भी प्रमुख व्यक्ति यदि किसी सामाजिक समारोह में मौजूद रहते है तो उसका फायदा क्षेत्र विकास के काम आता है। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि यदि इन कार्यकर्ताओं ने श्री कोशियारी को वापस लौटाया है तो कार्यक्रम का शुभारंभ आराध्य देव बौखनाग ने कर दिया।

बता दें कि इस तरह की संकीर्ण राजनीति से किसका फायदा और किसका नुकसान हो रहा है जिसे जनता देख रही है। निजी स्वार्थ के कारण इस तरह की राजनीति क्षेत्र विकास में रोड़ा जैसे दिखाई दे रही है। प्रश्न यह है कि क्षेत्र विकास के लिए जब तक स्थानीय राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता एक साथ नहीं आएंगे तब तक विकास के कार्यों में बाधाएं आती रहेगी।


बड़कोट नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष विनोद डोभाल ने बताया कि उन्होंने स्थानीयता को इस आयोजन (रवांई शरदोत्सव, संस्कृति, पर्यटन एवं विकास मेला) में प्रमुखता दी है। यहां लगभग सभी सुविधाएं स्थानीय स्तर से जुटाई गई है। उन्होंने कहा कि सात दिन तक जो भी सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे उन्हें अंतर सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत प्रस्तुत किया जा रहा है। जहां स्थानीय लोक कलाकार मंच पर होंगे वहां अन्य बाहर के लोक कलाकार भी शरदोत्सव के मंच पर होंगे। इसका फायदा यह होगा कि लोग सभी संस्कृतियों से रूबरू होंगे तो कलाकार भी एक दूसरे की प्रस्तुति से वाकिफ होंगे। उन्होंने क्षेत्र की जनता से अपील की है कि वे इस आयोजन को देखने अवश्य आएं। जिनका वे तहदिल से स्वागत करेंगे।

RELATED ARTICLES

एथलीट संदीप गुसाई बना उत्तरकाशी विधिक सेवा प्राधिकरण एंबेसडर

जनसामान्य में नशा उन्मूलन, विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्थान एवं खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी द्वारा संदीप गुंसाई...

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद से लेनी पड़ेगी अनुमति

चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने हेतु सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के संबंध में शासन से दिशा निर्देश जारी हुए हैं।...

देहरादून : धामी कैबिनेट की बैठक संपन्न, खास विषयों पर त्वरित निर्णय

।। राज्य कैबिनेट ने कुल 12 प्रस्तावों को दी मंजूरी ।। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता,...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

एथलीट संदीप गुसाई बना उत्तरकाशी विधिक सेवा प्राधिकरण एंबेसडर

जनसामान्य में नशा उन्मूलन, विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्थान एवं खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी द्वारा संदीप गुंसाई...

अतीत का प्रतिशोध नहीं लिया जा सकता, उसे केवल समझा जा सकता है : IAS शशि रंजन कुमार

By - Prem Pancholi ।। अतीत हमारी स्मृतियों में, खंडहरों में, और उन तरीकों में जीवित रहता है जिनसे वह आज भी हमारे अस्तित्व को...

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद से लेनी पड़ेगी अनुमति

चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने हेतु सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के संबंध में शासन से दिशा निर्देश जारी हुए हैं।...

देहरादून : धामी कैबिनेट की बैठक संपन्न, खास विषयों पर त्वरित निर्णय

।। राज्य कैबिनेट ने कुल 12 प्रस्तावों को दी मंजूरी ।। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता,...

इतिहास के पन्नो से : अपना दायां अंगूठा दिखाना चाहिए और हम दिखायेंगे भी – दादा दौलतराम खुगशाल

By - dr. Arun Kuksal   दादा दौलतराम खुगशाल (मार्च, 1891- 3 फरवरी, 1960) टिहरी रियासत के विरुद्ध जन-संघर्षों का अग्रणी व्यक्तित्व- ‘‘आज तक राजा ने हमको पढ़ने-लिखने...

जिलाधिकारी के शख्त निर्देश, कहा आपदा के दौरान सभी विभाग बनायें समन्वय

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद देहरादून में आगामी मानसून एवं संभावित आपदा परिस्थितियों के दृष्टिगत आपदा प्रबंधन संबंधी...

जब वरिष्ठ पत्रकार चारू तिवारी ने वैज्ञानिक डी० डी० पंत को देखा

सुप्रसिद्ध भौतिकशास्त्री और हिमालय के चिंतक प्रो. डीडी पंत की पुण्यतिथि (11 जून, 2008) पर विशेष हमारे हिस्से के प्रो. डीडी पंत - चारु तिवारी By...

केतन लाल की निर्मम हत्या की चहुंओर चर्चा, समाज पर बड़ा कलंक।

By - Prem Pancholi   सोशल मीडिया पर जिस तरह से प्रतापनगर के ओण पट्टी के देवल गांव निवासी अनुसूचित जाति के किशोर केतन लाल की...

आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए सरकारी वर्जिश

वैज्ञानिक योजना, कुशल प्रशासन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के जरिए आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि...

पर्यावरण दिवस : पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा ने किया कृषि अनुसंधान संस्थान में वृक्षारोपण

विश्व पर्यावरण दिवस पर IATR देहरादून में पौधारोपण एवं गोष्ठी का आयोजन। पद्मश्री प्रेम चंद शर्मा ने छात्रों को मोरिंगा और पंच पल्लव के...