पुस्तक : बर्लोगंज एंड बियोंड
By – Dr. Yogesh dhasmana
देश के प्रसिद्ध शिक्षाविद प्रो बी के जोशी के संस्मरणों पर आधारित पुस्तक बर्लोगंज एंड बियोंड का विमोचन गरिमापूर्ण कार्यक्रम में किया गया।
इस अवसर पर अंग्रेजी साहित्य के प्रो ,अरविंद के मल्होत्रा, जानेमानी लेखक एलन सिली, और लेखिका मंजरी मेहता ने पुस्तक पर आयोजित चर्चा में भाग लिया।इस बातचीत का संचालन पत्रकार रंजना बैनर्जी ने किया।
पुस्तक में प्रो जोशी से मसूरी के बालों गंज से लेकर अमेरिका के होनोलूलू तक के अध्ययन यात्रा के साथ रूस सहित विश्व के अनेक देशों की यात्राओं को बहुत ही संवेदनशील ढंग से लिखा है।
प्रो बी के जोशी गंभीर अध्येता और एक प्रमुख शिक्षा शास्त्री रहे हैं।पूर्व में उत्तर प्रदेश के गिरी अध्ययन सामाजिक विकास संस्थान गिरि इंस्टीट्यूट के निदेशक,नैनीताल विश्वविद्यालय के कुलपति के साथ ही उत्तराखंड राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष और दून लाइब्रेरी एवं शोध केंद्र के संस्थापकों में प्रमुख रहे हैं।इस कार्य को उन्होंने अब तक पूर्ण अवैतनिक रूप से कर अनुकरणीय मिसाल कायम की हैं।
यह केवल आत्मकथा या सफारनाम नहीं है,बल्कि उनकी विद्वता और सार्वजनिक जीवन में उनकी सेवा अनुभवों का दस्तावेज है।प्रो जोशी दून घाटी के बिगड़ते पर्यावरण और मसूरी के अधकचरे विकाश को भी, चिता के साथ व्यक्त करते हैं।
देश के प्रसिद्ध इतिहासकार और लेखक रामचंद्र गुहा ने पुस्तक पर अपनी राय प्रकट करते हुए लिखा हे कि पुस्तक एक विद्वान व्यक्ति से लेकर संस्थान निर्माण की एक आकर्षक आत्म कथा है।
कार्यक्रम में राज्य के पूर्व मुख्य सचिव,सी एस,नपलचियाल,इंदु कुमार पांडे,एन रविशंकर,अपर मुख्य सचिव,विभापुरी दास,मालविका चौहान,श्रीमती बीनू जोशी,नादिरा बिल्मोरिया,डॉ लालता प्रसाद,डॉ,हरिराज सिंह,कर्नल दुग्गल, प्रो रवि चोपड़ा,सुभाष चंद्र थैलेडी,डॉ योगेश धस्माना,पुस्तकालयाध्यक्ष डी के पांडे,डॉ इंदु सिंह,डॉ सुधारनी पांडे, बीजू नेगी प्रमुख लोगों में थे।
कार्यक्रम का प्रबंधन और संचालन,निकोलस,चंद्रशेखर तिवारी और सुंदर बिष्ट ने किया।







