Thursday, May 14, 2026
Home उत्तराखंड ग्रास रूट लेवल पर काम करके निकलेंगे चैंपियन- रेखा आर्या

ग्रास रूट लेवल पर काम करके निकलेंगे चैंपियन- रेखा आर्या

तेलंगाना के हैदराबाद में चिंतन शिविर में बोली खेल मंत्री

38 वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन पर उत्तराखंड की वाहवाही

हैदराबाद/देहरादून। तेलंगाना के हैदराबाद में शुरू हुए चिंतन शिविर में उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि देश को अगर खेलों में चैंपियन पैदा करने हैं तो ग्रास रूट लेवल पर बड़ा काम करना होगा। शिविर में सभी राज्यों से आए खेल मंत्रियों ने ओलंपिक जैसी प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों का प्रदर्शन सुधारने पर विचार विमर्श किया।

हैदराबाद के कन्हा शांति वनम के भवन में कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने किया।डॉ. मंडाविया ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को 2036 ओलंपिक की मेजबानी करने की कल्पना की है और राज्यों से इस महत्वाकांक्षा को साकार करने में सक्रिय रूप से योगदान देने का आग्रह किया है।

उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि खिलाड़ी के जीतने पर तो उसे हर जगह पूछा जाता है लेकिन जिस दौर में वह तैयारी कर रहा होता है उस वक्त खिलाड़ी के साथ खड़े होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमें प्रतिभा को हर गांव, कस्बे, शहर में स्कूल लेवल पर ही पहचानना होगा और उन्हें विशेष संरक्षण देकर निखारने का काम करना होगा।

रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड में इसी तरह की दो योजनाएं उदीयमान खिलाड़ियों को लेकर चलाई जा रही है और अब इन योजनाओं का नतीजा भी सामने आने लगा है। रेखा आर्या ने कहा कि ओलंपिक जैसे इवेंट के लिए संभावित खिलाड़ियों का चयन समय रहते करके उन्हें खेल आयोजन स्थल जैसी वास्तविक परिस्थितियों में 6 महीने कोचिंग कराई जाए तो प्रदर्शन सुधारने में मदद मिलेगी। चिंतन शिविर के दौरान अन्य राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों से आए खेल मंत्रियों ने भी अपने विचार रखें।

खेल मंत्री रेखा आर्या के संबोधन के दौरान 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन की चर्चा होने पर पूरे सभागार ने तालियां बजाकर खेल मंत्री और उत्तराखंड की जनता को बधाई दी।

रेखा आर्या ने इस अवसर पर कहा कि उत्तराखंड में कई खेलों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल सुविधाएं तैयार की गई है और इसका फायदा दूसरे राज्यों के खिलाड़ी भी ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य को अगर ऐसी आवश्यकता है तो उत्तराखंड सरकार इसमें सहयोग के लिए हमेशा तैयार है।

RELATED ARTICLES

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

सरला बहन का बचाया जंगल अंतिम सांस गिन रहा है।

क्या अनियोजित विकास की भेंट चढ़ते रहेंगे जंगल? ------------------ सरला बहन का बचाया जंगल अंतिम सांस गिन रहा है। -------------------- By - Suresh bhai उत्तराखंड में बागेश्वर जिले के...

वाइब्रेंट विलेज : हर्षिल घाटी में नेचुरलिस्ट प्रशिक्षण आरंभ

तेज़ बारिश और पहाड़ी तूफ़ान के बीच हर्षिल घाटी में नेचुरलिस्ट प्रशिक्षण का सफल शुभारंभ। वाइब्रेंट विलेज’ पहल को मिला नया आयाम। By - Prem...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम। स्पार्क टेक्नोलॉजीज , स्पेक्स एवं...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

ट्राइकोग्रामा एक उत्तम प्राकृतिक खेती की तकनीकी। पढ़े पूरी रिपोर्ट

ट्राइकोग्रामा एक सूक्ष्म परजीवी ततैया है जो हानिकारक कीड़ों के अंडों पर हमला करता है। यह लगभग 200 प्रकार के नुकसानदायक कीटों के अंडों...

स्मृति शेष : बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान

बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान   By - Vinod Arya   सामाजिक न्याय, शिल्पकार चेतना और समानता के महान अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य जी (12 मई...

वरिष्ठ साहित्यकार राम प्रकाश अग्रवाल कण की पुस्तक का लोकार्पण।

पुस्तक लोकार्पण "मॉं जिसके गोद में सभ्यताएं पलीं" लेखक - राम प्रकाश अग्रवाल कण, प्रकाशन - समय साक्ष्य (देहरादून)   By - Neeraj Naithani ।।   लैंसडाउन चौक स्थित...

तुलसी माला को लेकर क्यों विरोध कर रहे हैं बद्रीनाथवासी? पढ़े पूरी रिपोर्ट

By - Sanjana bhagwat   बद्रीनाथ धाम में तुलसी माला को लेकर बामणी गांव के लोगों द्वारा किया जा रहा विरोध केवल एक व्यापारिक विषय नहीं,...

12 मई विशेषांक : शिल्पकारों के उत्थान के लिए लड़ते रहे बलदेव सिंह आर्य।

‘जातीय जड़ता जाने का जश्न मनायें’। उत्तराखण्ड के शिल्पकार वर्ग में सामाजिक-शैक्षिक चेतना के अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य (12 मई, 1912 से 22 दिसम्बर, 1992)...

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह : उफ्तारा

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह। फिल्म परिषद का कार्यालय शीघ्र। सी.ई.ओ. बंशीधर तिवारी का उफतारा ने जताया आभार। दूरदर्शन और संस्कृति विभाग को...