By – Prem Pancholi
जगजाहिर है कि दुनियाभर में उत्तराखंडी युवाओं का होटल कारोबार में एक अलग पहचान है। इसी कड़ी में आपको मै ऐसे युवा से परिचय करवा रहा हूं जो अब अंतर्राष्ट्रीय फलक पर अलग पहचान बनाने में लगा है। टिहरी के निवाल गांव के युवा कुलदीप आजकल चाइना में होटल, रेस्टोरेंट के लिए चर्चाओं में है। इस युवा ने चीन में रेस्त्रां के क्षेत्र में विशेष पहचान बनाई है। वर्तमान में कुलदीप के पास 15 युवाओं की एक टीम है, जो भारतीय और कोरियन कुजीन को संयुक्त रूप से परोस रहे हैं। इस कुजीन के चीन में सर्वाधिक युवा दीवाने हो रहे है। कुलदीप ने बताया कि अब तक उन्होंने चीन और सिंगापुर में ऐसे एक दर्जन से भी अधिक रेस्तरांओं का शुभारंभ किया है। कुलदीप इस विद्या के लिए आजकल बहुत चर्चाओं में है। यह युवा चीन, सिंगापुर और भारत के दिल्ली जैसे महानगरों में लोगों को भारतीय-कोरियन भोजन के तड़के का स्वाद चखा रहे है।

बता दें कि कुलदीप का जन्म एक सामान्य परिवार में हुआ है। इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई कुलदीप ने टिहरी के दूरस्थ क्षेत्र बूढ़ाकेदारनाथ से की है। आगे की पढ़ाई के लिए कुलदीप को स्वयं से खर्चा उठाना था सो वह अपने किसी नजदीकी व्यक्ति के साथ सिंगापुर पहुंच गए। जहां कुलदीप ने होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई के साथ साथ होटल में ही काम करना आरंभ किया है। इस तरह कुलदीप ने एक तरफ अपनी पढ़ाई जारी रखी और दूसरी तरफ स्वयं यानी पढ़ाई का खर्चा सिंगापुर के ही होटल में काम करके उठाया है। होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी करने के बाद कुलदीप ने अब इसी क्षेत्र में कुछ नया करने का सोचा और सिंगापुर से जा पहुंचा चीन। यहां कुलदीप ने कुछ दिन तक एक रेस्तरां में कार्य किया। इसके बाद तो कुलदीप की एक खास पहचान बनने लगी और अपनी 15 लोगो की टीम के साथ साल 2015 में रेस्तरांओं की एक चेन आरंभ करने की सोच ली। जो क्रम आज भी जारी है।

उल्लेखनीय यह है कि भोजन बनाने, परोसने के लिए अंतरराष्ट्रीय फलक पर कुलदीप ने एक खास पहचान बनाई है। अब कुलदीप को लोग “मैनेजमेंट्स रेस्टोरेंट” के जानकार कहने से नहीं चूकते है। कुलदीप भी स्वयं कहता है कि वह पढ़ाई के दौरान से ही चीन और सिंगापुर में होटल लाइन में ही मैनेजमेंट्स ट्रेनी रहा है।

कुलदीप यह भी स्वीकार करते हैं कि भारतीय भोजन को चीन में सबसे पहले देव रतूड़ी ने प्रस्तुत किया है। अब वे इस परंपरा को विस्तार देकर आगे बढ़ा रहे हैं।
कुलदीप ने ठान ली है कि वे भविष्य में कोरियन और भारतीय भोजन को परोसेंगे। इस तरह की एक बड़ी परियोजना को वे जल्दी चीन के सबसे बड़े और व्यवसायिक शहर शंघाई में आरंभ करने जा रहे है।
कुलदीप यह भी बताते हैं कि 15 लोगो की उनकी टीम में एक को भी अंग्रेजी नहीं आती है, वे सभी चीन के ही है। कहा कि चीन के यह युवा उनके साथ काम करने के लिए बहुत खुश है।








