उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का आम लोगो से मिलने कार्यक्रम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय।

उत्तराखंड के मुखमंत्री पुष्कर सिंह धामी की आम लोगो के साथ प्रसारित हो रही फोटो पर विरोधी दल तंज कस रहे है। प्रतिपक्ष दलों का आरोप है कि वर्तमान के मुख्यमंत्री बहुत ही नौटंकीबाज है। कांग्रेस और यूकेडी सहित तमाम दलों ने मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर सवाल खड़ा किया है।

ज्ञात हो कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री आजकल आम लोगो से अपने प्रवास के दौरान सुबह की सैर में मिल रहे है। कभी वे राह चलते लोगो से मिलते दिखाए दे रहे है तो कभी स्कूल जा रहे बच्चो से बतियाते दिख रहे है। अथवा कभी टैक्सी ड्राइवर से भी यू चुटकी लेते नजर आ रहे है। लोग इस व्यवहार से खुश तो है, पर जब राज्य की हालात को देखते है तो वह भी मुख्यमंत्री से यही शिकायत कर रहे हैं कि राज्य में ठीक ठाक नही चल रहा है।

बहरहाल मुख्यमंत्री का यह आम लोगो से मिलने का बहाना राजनीतिक दावपेंच हो, पर इतनी हिम्मत तो उन्होंने दिखाई कि वह आम लोगो से मिलना चाहते है।
इधर कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट का आरोप है कि जब देहरादून, हरिद्वार, आदि तमाम शहर पानी में डूब रहे थे तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पौड़ी और अन्य जगह पर जाकर कुछ आम लोगो के साथ फोटो खिंचवाने में मस्त दिख रहे थे। उनका आरोप है कि स्मार्ट सिटी देहरादून की इतनी शिकायते है कि मुख्यमंत्री धामी इस पर बोलने के लिए तैयार नहीं है। उत्तराखंड क्रांति दल के मीडिया प्रवक्ता दीपक रावत ने कहा कि वैलवेदर रोड की पोल खुल गई है, चारधाम यात्रा को बंद करना पड़ा है। स्मार्ट सिटी देहरादून के सभी कारनामे इस बरसात में धुलकर सामने आ गए है। मगर प्रदेश के मुख्यमंत्री फोटो खिंचवाने में मस्त दिख रहे है। उनका आरोप है कि स्मार्ट सिटी बनाने में जब निर्माण एजेंसी का गड़बड़ सामने आ रहा है तो ऐसे वक्त मुख्यमंत्री को निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई करनी चाहिए थी या दूर जाकर फोटो खिंचवाकर लोगो का ध्यान भटकाए।
कुलमिलाकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इन दिनों आम लोगो के साथ फोटो खिंचवाने, बातचीत करने जैसे कार्यों के लिए देशभर में चर्चा का विषय बने हुए है।प्रतिपक्ष के राजनीतिक दल इसे नौटंकीबाज करार दे रहे है।
दरअसल इस साल गर्मियों में उत्तराखंड के जंगल बहुतायत में जलकर राख हुए है। अधिकांश क्षेत्रों में पेयजल की विकट समस्या सामने खड़ी हुई है और राज्य के तमाम शहर थोड़ी सी बारिश के कारण तालाब में तब्दील हो रहे है। यही नहीं राज्य के तमाम विभागो में पिछले दरवाजे से बाहरी राज्यों के लोगो को नियुक्तियां दी जा रही है। इसके अलावा प्रदेश में प्राकृतिक संसाधनों की जो लूट सामने दिखाई दे रही है उस पर अब तक मुख्यमंत्री श्री धामी ने एक भी बयान नही दिया है। कुलमिलाकर मुख्यमंत्री का इन दिनों आम लोगो से बिना योजना के मिलना कितना गुल खिलाएगा यह समय की गर्त में है। मगर राज्य के वे पहले मुख्यमंत्री है जो रह चलते लोगो से मिलते दिख रहे है।







