Friday, May 15, 2026
Home उत्तराखंड सीएम ने महाकुम्भ से लौटी एसडीआरएफ टीम का किया स्वागत 

सीएम ने महाकुम्भ से लौटी एसडीआरएफ टीम का किया स्वागत 

महाकुंभ प्रयागराज 2025 अभिनन्दन”- एसडीआरएफ टीम को पुरस्कार स्वरूप ₹5 लाख दिए

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एसडीआरएफ के 112 कार्मिकों के उत्तराखण्ड वापस आने पर मुख्यमंत्री आवास में आयोजित “महाकुंभ प्रयागराज 2025 अभिनन्दन” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि एसडीआरएफ टीम ने महाकुंभ में अपनी दक्षता का बेहतरीन प्रदर्शन कर उत्तराखण्ड का मान बढ़ाया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने एसडीआरएफ की टीम को पुरस्कार स्वरूप ₹5 लाख का चेक भी सौंपा।

मुख्यमंत्री ने महाकुंभ प्रयागराज में बेहतर सेवाएं देने पर एसडीआरएफ की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये अनुभव हरिद्वार के 2027 कुंभ में काम आयेंगे। इससे कुंभ को भव्य रूप से आयोजित करने में मदद भी मिलेगी। इस महाकुंभ से हमारे जवानों का आत्मविश्वास बढ़ा है तथा भविष्य में हम भीड़ का कुशल प्रबंधन करने में सफल होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म के महासंगम की चुनौती को संभालना चुनौतीपूर्ण कार्य था। बेहतर व्यवस्थाओं और प्रबंधन से उत्तर प्रदेश के साथ ही उत्तराखण्ड सरकार का सर ऊंचा हुआ है। यही अनुभव 2027 के कुंभ में मददगार साबित होंगे। हमारा प्रयास है कि वाहनों के लिए सुनियोजित पार्किंग व्यवस्था हो जिसके लिए सरकार पूरी तरह से प्रयासरत है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य विभिन्न भौगोलिक परिस्थितियों और आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। इन चुनौतियों से पार पाने के लिए SDRF द्वारा सराहनीय कार्य किए गए हैं। श्रेष्ठ आपदा प्रबंधन में SDRF की अहम भूमिका रही है। आपदा प्रबंधन के लिए क्विक रिस्पॉन्स और अत्याधुनिक उपकरणों से राज्य में आपदा के प्रभाव को कम करने में काफी मदद मिली है।

इस दौरान कार्यक्रम में उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति विनय रोहिला, सचिव गृह शैलेश बगौली, डीजीपी दीपम सेठ, एडीजी अमित सिन्हा, वी मुरुगेशन,  ए. पी अंशुमान, सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, आईजी SDRF रिद्धिम अग्रवाल, कमांडेंट SDRF अर्पण यदुवंशी एवं SDRF के अधिकारी और जवान उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

सरला बहन का बचाया जंगल अंतिम सांस गिन रहा है।

क्या अनियोजित विकास की भेंट चढ़ते रहेंगे जंगल? ------------------ सरला बहन का बचाया जंगल अंतिम सांस गिन रहा है। -------------------- By - Suresh bhai उत्तराखंड में बागेश्वर जिले के...

वाइब्रेंट विलेज : हर्षिल घाटी में नेचुरलिस्ट प्रशिक्षण आरंभ

तेज़ बारिश और पहाड़ी तूफ़ान के बीच हर्षिल घाटी में नेचुरलिस्ट प्रशिक्षण का सफल शुभारंभ। वाइब्रेंट विलेज’ पहल को मिला नया आयाम। By - Prem...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम। स्पार्क टेक्नोलॉजीज , स्पेक्स एवं...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

ट्राइकोग्रामा एक उत्तम प्राकृतिक खेती की तकनीकी। पढ़े पूरी रिपोर्ट

ट्राइकोग्रामा एक सूक्ष्म परजीवी ततैया है जो हानिकारक कीड़ों के अंडों पर हमला करता है। यह लगभग 200 प्रकार के नुकसानदायक कीटों के अंडों...

स्मृति शेष : बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान

बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान   By - Vinod Arya   सामाजिक न्याय, शिल्पकार चेतना और समानता के महान अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य जी (12 मई...

वरिष्ठ साहित्यकार राम प्रकाश अग्रवाल कण की पुस्तक का लोकार्पण।

पुस्तक लोकार्पण "मॉं जिसके गोद में सभ्यताएं पलीं" लेखक - राम प्रकाश अग्रवाल कण, प्रकाशन - समय साक्ष्य (देहरादून)   By - Neeraj Naithani ।।   लैंसडाउन चौक स्थित...

तुलसी माला को लेकर क्यों विरोध कर रहे हैं बद्रीनाथवासी? पढ़े पूरी रिपोर्ट

By - Sanjana bhagwat   बद्रीनाथ धाम में तुलसी माला को लेकर बामणी गांव के लोगों द्वारा किया जा रहा विरोध केवल एक व्यापारिक विषय नहीं,...

12 मई विशेषांक : शिल्पकारों के उत्थान के लिए लड़ते रहे बलदेव सिंह आर्य।

‘जातीय जड़ता जाने का जश्न मनायें’। उत्तराखण्ड के शिल्पकार वर्ग में सामाजिक-शैक्षिक चेतना के अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य (12 मई, 1912 से 22 दिसम्बर, 1992)...

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह : उफ्तारा

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह। फिल्म परिषद का कार्यालय शीघ्र। सी.ई.ओ. बंशीधर तिवारी का उफतारा ने जताया आभार। दूरदर्शन और संस्कृति विभाग को...