Thursday, May 14, 2026
Home उत्तराखंड दून अस्पताल में बनी अवैध मजार पर चला धामी सरकार का बुल्डोजर

दून अस्पताल में बनी अवैध मजार पर चला धामी सरकार का बुल्डोजर

सीएम पोर्टल पर दर्ज हुई थी शिकायत, प्रशासनिक जांच के बाद हुई देर रात में कार्रवाई

देहरादून।  राजधानी के दून अस्पताल में बनी अवैध मजार को लेकर सीएम पोर्टल पर दर्ज शिकायत को प्रशासनिक जांच ने पूरा करते हुए देर रात बुल्डोजर से ध्वस्त कर दिया ।ये मजार सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर बनाई गई थी। खास बात ये कि ध्वस्त किए गए अवैध मजार के मलबे से कोई अवशेष नहीं मिले।

जानकारी के मुताबिक सीएम हेल्प लाइन पोर्टल पर ऋषिकेश निवासी पंकज गुप्ता की ओर से ये शिकायत दर्ज किए जाने के बाद डीएम देहरादून द्वारा इस विषय पर जांच पड़ताल करने को कहा गया था ,जिसके बाद नगर प्रशासन द्वारा उक्त अवैध संरचना के भूमि संबंधी दस्तावेजों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। जिनके द्वारा राजस्व, नगर निगम,पी डब्ल्यू डी , दून अस्पताल प्रशासन और अन्य विभागों में इस बारे में जांच पड़ताल की गई ।

जानकारी के मुताबिक दून अस्पताल की मजार अवैध है या नहीं सरकारी भूमि पर है अथवा नहीं ? इसके निर्माण संबंधी अनुमति ली गई थी अथवा नहीं ? इस बारे में बारीकी से जांच की गई साथ ही अस्पताल प्रशासन से इस बारे में आख्या मांगी गई, इसके बाद यहां के खादिम को नोटिस जारी किया गया था।

इस मजार को लेकर देहरादूनवासियों में तरह तरह की चर्चाएं भी होती रही है। कोई इसे फकीर तो कोई इसे किसी अन्य तरह की मजार बताता है। यहां बैठे खादिम अस्पताल के मरीजों के बीच जाकर यहां जाकर इबादत करवाने का अंधविश्वास का काम करते थे, जिससे अस्पताल प्रशासन भी परेशान रहता था। बताया जाता है कि अवैध रूप से बने इस धार्मिक संरचना से कई लोग अपना कारोबार चला रहे हैं।

खबर है कि पूर्व में भी अस्पताल प्रशासन ने भी उपचार के दौरान आ रहे व्यवधान पर शासन को पत्र लिख कर इसे यहां से हटाने की मांग की थी। जिसके बाद प्रशासन की टीम ने देर रात अस्पताल मार्ग को सील कर पुलिस फोर्स तैनात कर अपनी कार्रवाई को अंजाम दिया। देर रात नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, दून अस्पताल प्रशासन और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने मिलकर उक्त अवैध मजार की ध्वस्तीकरण का काम पूरा किया।

RELATED ARTICLES

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

सरला बहन का बचाया जंगल अंतिम सांस गिन रहा है।

क्या अनियोजित विकास की भेंट चढ़ते रहेंगे जंगल? ------------------ सरला बहन का बचाया जंगल अंतिम सांस गिन रहा है। -------------------- By - Suresh bhai उत्तराखंड में बागेश्वर जिले के...

वाइब्रेंट विलेज : हर्षिल घाटी में नेचुरलिस्ट प्रशिक्षण आरंभ

तेज़ बारिश और पहाड़ी तूफ़ान के बीच हर्षिल घाटी में नेचुरलिस्ट प्रशिक्षण का सफल शुभारंभ। वाइब्रेंट विलेज’ पहल को मिला नया आयाम। By - Prem...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम। स्पार्क टेक्नोलॉजीज , स्पेक्स एवं...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

ट्राइकोग्रामा एक उत्तम प्राकृतिक खेती की तकनीकी। पढ़े पूरी रिपोर्ट

ट्राइकोग्रामा एक सूक्ष्म परजीवी ततैया है जो हानिकारक कीड़ों के अंडों पर हमला करता है। यह लगभग 200 प्रकार के नुकसानदायक कीटों के अंडों...

स्मृति शेष : बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान

बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान   By - Vinod Arya   सामाजिक न्याय, शिल्पकार चेतना और समानता के महान अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य जी (12 मई...

वरिष्ठ साहित्यकार राम प्रकाश अग्रवाल कण की पुस्तक का लोकार्पण।

पुस्तक लोकार्पण "मॉं जिसके गोद में सभ्यताएं पलीं" लेखक - राम प्रकाश अग्रवाल कण, प्रकाशन - समय साक्ष्य (देहरादून)   By - Neeraj Naithani ।।   लैंसडाउन चौक स्थित...

तुलसी माला को लेकर क्यों विरोध कर रहे हैं बद्रीनाथवासी? पढ़े पूरी रिपोर्ट

By - Sanjana bhagwat   बद्रीनाथ धाम में तुलसी माला को लेकर बामणी गांव के लोगों द्वारा किया जा रहा विरोध केवल एक व्यापारिक विषय नहीं,...

12 मई विशेषांक : शिल्पकारों के उत्थान के लिए लड़ते रहे बलदेव सिंह आर्य।

‘जातीय जड़ता जाने का जश्न मनायें’। उत्तराखण्ड के शिल्पकार वर्ग में सामाजिक-शैक्षिक चेतना के अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य (12 मई, 1912 से 22 दिसम्बर, 1992)...

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह : उफ्तारा

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह। फिल्म परिषद का कार्यालय शीघ्र। सी.ई.ओ. बंशीधर तिवारी का उफतारा ने जताया आभार। दूरदर्शन और संस्कृति विभाग को...