Thursday, May 14, 2026
Home उत्तराखंड धामी सरकार की सख्ती, डेंगू पर सभी विभाग होंगे एकजुट, स्वास्थ्य सचिव...

धामी सरकार की सख्ती, डेंगू पर सभी विभाग होंगे एकजुट, स्वास्थ्य सचिव ने जारी की एडवाइजरी

डेंगू रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने जारी की एडवाइजरी

डेंगू नियंत्रण में सभी विभागों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण

देहरादून। राज्य में डेंगू की रोकथाम को लेकर चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग पूरी तरह सक्रिय है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देशों के क्रम में सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा डॉ.आर.राजेश कुमार ने डेंगू से बचाव हेतु सभी संबंधित विभागों को एडवाइजरी जारी की है। स्वास्थ्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि डेंगू का मच्छर साफ जमा हुए पानी में पनपता है। यदि समय रहते ऐसे स्थलों की पहचान कर ली जाए जहां पानी एकत्र हो सकता है और उसे हटाया जाए, तो डेंगू को फैलने से रोका जा सकता है।

इसी दृष्टिकोण से उन्होंने सभी संबंधित विभागों को एडवाइजरी प्रेषित की है, जिसमें यह कहा गया है कि डेंगू नियंत्रण में सभी विभागों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। एडवाइजरी में अंतरविभागीय समन्वय के साथ समन्वित प्रयास करने पर ज़ोर दिया गया है। एडवाइजरी प्राप्त करने वाले विभागों में शहरी विकास, नगर निगम/नगर पालिकाएं, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, शिक्षा, सूचना, आपदा प्रबंधन, सिंचाई, कृषि, महिला एवं बाल विकास, परिवहन, मौसम विभाग, पर्यटन, वन एवं जलापूर्ति विभाग प्रमुख रूप से शामिल हैं।

स्वास्थ्य सचिव ने की बैठक 

उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने इस संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक में कहा, “हमारी प्राथमिकता डेंगू के मामलों को घटाना और नागरिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। डेंगू मच्छर, विशेषकर एडिस एजिप्टी, घरों के आस-पास पानी जमा होने वाली जगहों पर प्रजनन करते हैं, इसलिए इन स्थानों का सफाई और निगरानी करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।” डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि यह समय सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का है ताकि राज्य को डेंगू मुक्त बनाया जा सके। सभी विभागों से अपेक्षा की गई है कि वे अपने-अपने स्तर से सतर्कता एवं जागरूकता फैलाएं और संभावित मच्छरजनित स्थलों की नियमित निगरानी करें।स्वास्थ्य सचिव ने विभिन्न विभागों को डेंगू की रोकथाम के लिए संयुक्त प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नगर निगम, ग्रामीण विकास विभाग, शिक्षा विभाग, जल निगम, और अन्य विभागों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मच्छरों के प्रजनन स्थानों की सफाई सुनिश्चित करें और नागरिकों को इस बाबत जागरूक करें।

समूह आधारित स्वच्छता अभियान और निगरानी

उत्तराखंड में डेंगू के प्रसार को रोकने के लिए विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयास चल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हर जिले में मच्छरों के उत्पत्ति स्थानों की पहचान कर उन्हें नष्ट कर रहे हैं। इसके अलावा, शहरी विकास विभाग द्वारा निर्माण स्थलों, पुराने टायरों, खाली प्लॉटों और पानी के जमा होने वाले स्थानों की सफाई की जा रही है। नगर निगम और ग्रामीण विकास विभाग के साथ मिलकर स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें घरों और सार्वजनिक स्थानों से पानी के किसी भी प्रकार के संचय को रोकने पर जोर दिया जा रहा है। पानी की टंकियों, कूलरों और बर्तन आदि को सप्ताह में कम से कम एक बार साफ करने की सलाह दी जा रही है।

शिक्षा विभाग का योगदान : छात्रों के माध्यम से जागरूकता

शिक्षा विभाग ने स्कूलों के माध्यम से छात्रों को डेंगू के बारे में जागरूक करने के लिए अभियान शुरू किया है। छात्र घर जाकर अपने परिवार को डेंगू से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी देंगे। स्कूलों में विशेष रूप से सेहत और स्वच्छता पर आधारित पाठ्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि बच्चों के माध्यम से गांव और शहरों में व्यापक जागरूकता फैलाई जा सके।

जल निकासी और कचरा प्रबंधन

सिंचाई और जल निगम विभाग द्वारा जल निकासी की प्रक्रिया को दुरुस्त किया जा रहा है ताकि वर्षा के पानी के जमा होने से मच्छरों के प्रजनन स्थल न बनें। कचरा प्रबंधन में भी सुधार किया जा रहा है ताकि मच्छरजनित बीमारियों से निपटा जा सके। इसके तहत कचरे के उचित निस्तारण और खुले स्थानों पर जल भराव की रोकथाम पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

जन भागीदारी और मीडिया का सहयोग

जन जागरूकता अभियान के तहत, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा टेलीविजन, रेडियो और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से डेंगू से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी जा रही है। मच्छरों के प्रजनन स्थानों को नष्ट करने के लिए नागरिकों को जागरूक किया जा रहा है और उनका सक्रिय सहयोग प्राप्त किया जा रहा है।साथ ही, जनप्रतिनिधियों और पंचायतों से भी अपील की गई है कि वे स्थानीय स्तर पर मच्छरों के प्रजनन स्थानों की पहचान करके उनकी सफाई करें और नागरिकों को डेंगू के बारे में जागरूक करें।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष स्वास्थ्य अभियान

स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पतालों और क्लीनिकों में डेंगू के मामलों की पहचान और उपचार के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। रोगियों को इलाज के साथ-साथ डेंगू के लक्षण और बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी जा रही है। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की टीम घर-घर जाकर मच्छरों के प्रजनन स्थल की पहचान कर रही है और उन्हें नष्ट कर रही है।

RELATED ARTICLES

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

सरला बहन का बचाया जंगल अंतिम सांस गिन रहा है।

क्या अनियोजित विकास की भेंट चढ़ते रहेंगे जंगल? ------------------ सरला बहन का बचाया जंगल अंतिम सांस गिन रहा है। -------------------- By - Suresh bhai उत्तराखंड में बागेश्वर जिले के...

वाइब्रेंट विलेज : हर्षिल घाटी में नेचुरलिस्ट प्रशिक्षण आरंभ

तेज़ बारिश और पहाड़ी तूफ़ान के बीच हर्षिल घाटी में नेचुरलिस्ट प्रशिक्षण का सफल शुभारंभ। वाइब्रेंट विलेज’ पहल को मिला नया आयाम। By - Prem...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम। स्पार्क टेक्नोलॉजीज , स्पेक्स एवं...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

ट्राइकोग्रामा एक उत्तम प्राकृतिक खेती की तकनीकी। पढ़े पूरी रिपोर्ट

ट्राइकोग्रामा एक सूक्ष्म परजीवी ततैया है जो हानिकारक कीड़ों के अंडों पर हमला करता है। यह लगभग 200 प्रकार के नुकसानदायक कीटों के अंडों...

स्मृति शेष : बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान

बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान   By - Vinod Arya   सामाजिक न्याय, शिल्पकार चेतना और समानता के महान अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य जी (12 मई...

वरिष्ठ साहित्यकार राम प्रकाश अग्रवाल कण की पुस्तक का लोकार्पण।

पुस्तक लोकार्पण "मॉं जिसके गोद में सभ्यताएं पलीं" लेखक - राम प्रकाश अग्रवाल कण, प्रकाशन - समय साक्ष्य (देहरादून)   By - Neeraj Naithani ।।   लैंसडाउन चौक स्थित...

तुलसी माला को लेकर क्यों विरोध कर रहे हैं बद्रीनाथवासी? पढ़े पूरी रिपोर्ट

By - Sanjana bhagwat   बद्रीनाथ धाम में तुलसी माला को लेकर बामणी गांव के लोगों द्वारा किया जा रहा विरोध केवल एक व्यापारिक विषय नहीं,...

12 मई विशेषांक : शिल्पकारों के उत्थान के लिए लड़ते रहे बलदेव सिंह आर्य।

‘जातीय जड़ता जाने का जश्न मनायें’। उत्तराखण्ड के शिल्पकार वर्ग में सामाजिक-शैक्षिक चेतना के अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य (12 मई, 1912 से 22 दिसम्बर, 1992)...

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह : उफ्तारा

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह। फिल्म परिषद का कार्यालय शीघ्र। सी.ई.ओ. बंशीधर तिवारी का उफतारा ने जताया आभार। दूरदर्शन और संस्कृति विभाग को...