Thursday, May 14, 2026
Home स्वास्थ्य क्या आप भी करते हैं खाना खाने के तुरंत बाद योग, तो...

क्या आप भी करते हैं खाना खाने के तुरंत बाद योग, तो जान लीजिये इसके नुकसान

योग शरीर और मन दोने के लिए लाभकारी होता है लेकिन अभ्यास का सही तरीका स्वास्थ्य पर ज्यादा सकारात्मक असर डाल सकता है। वैसे तो योग कभी भी कर सकते हैं लेकिन किसी भी व्यायाम या योग क्रिया को सुबह के वक्त करना अधिक बेहतर रहता है। सुबह खाली पेट योग करना सबसे अच्छा होता है। हालांकि कई लोग सुबह का नाश्ता करने के बाद या रात में खाना खाने के बाद योग करने की सोचते हैं लेकिन क्या खाना खाने के बाद योग करना चाहिए?

अगर आप नाश्ता या भोजन करने के बाद योग करते हैं तो इसके परिणाम सकारात्मक होंगे या नकारात्मक, ये जानकर ही योगाभ्यास करें। इस लेख में बताया गया है कि खाना खाने के बाद योग करना चाहिए या नहीं और योगाभ्यास के लिए सबसे सही समय क्या होता है।

क्या खाना खाने के बाद योग करना चाहिए?

भोजन करने के तुरंत बाद योग करने से बचना चाहिए। खाना खाने के तुरंत बाद योग करने से पाचन प्रक्रिया बाधित हो सकती है। इसके कारण गैस, सूजन, एसिडिटी या असहजता जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

खाने के बाद योग करने के नुकसान

अगर आप सुबह के नाश्ते या खाने के तुरंत बाद योग करते हैं तो पाचन तंत्र पर असर पड़ता है। योग से ब्लड सर्कुलेशन मांसपेशियों की ओर बढ़ जाता है, जिससे पाचन प्रक्रिया धीमी हो सकती है।

खाना खाने के बाद झुकने या शरीर को उल्टा करके किए जाने वाले आसनों से एसिडिटी बढ़ सकती है।
भोजन के बाद योग शरीर में भारीपन महसूस करा सकता है, जिससे थकान और सुस्ती आ सकती है।

योगासन का सही समय

सुबह का वक्त योगासन के लिए सबसे अच्छा समय होता है। इस वक्त पेट खाली रहता ह, जिससे आसन करने में आसानी होती है। शरीर में ऊर्जा बनी रहत है और पाचन तंत्र को दिनभर बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिलती है।

भोजन के कितनी देर बाद योग करें

अगर आप सुबह खाली पेट योग नहीं कर पा रहे हैं तो हल्का नाश्ता करने के एक से दो घंटे बाद योगाभ्यास कर सकते हैं। वहीं अगर भारी भोजन यानी दोपहर या रात के खाने के बाद योग करना है तो 3 से 4 घंटे का गैप भोजन और योगाभ्यास के बीच रखें।

भोजन के बाद कौन से योग करें?

नाश्ते या लंच व डिनर के कुछ घंटों बाद योग कर रहे हैं तो हल्के और प्राणायाम कर सकते हैं। भोजन के बाद वज्रासन का अभ्यास कर सकते हैं। ये पाचन को सुधारता है। डीप ब्रीदिंग से पाचन दुरुस्त रहता है और हल्के स्ट्रेचिंग आसन भी कर सकते हैं।

(साभार)

RELATED ARTICLES

स्वयं सेवी प्रयास ही समाज का आईना होता है – बंशीधर तिवारी

देहरादून के मोथरोवाला में ‘विचार एक नई सोच’ सामाजिक संगठन और 17 अन्य सहयोगी संस्थाओं द्वारा आयोजित "स्वास्थ्य संवाद व स्वैच्छिक रक्तदान शिविर" में...

सुबह उठते ही करें ये आसान योगासन, बिना बिस्तर छोड़े पाएँ जबरदस्त फायदे

लोग फिट तो रहना चाहते हैं लेकिन अधिक मेहनत नहीं करना चाहते। योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का प्राकृतिक उपचार है।...

क्या नींद की कमी से बढ़ सकता है वजन, आइये जानते हैं क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ

वजन घटाना आज के समय में ज्यादातर लोगों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। बढ़ते वजन-मोटापे की समस्या के साथ कई प्रकार...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम। स्पार्क टेक्नोलॉजीज , स्पेक्स एवं...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

ट्राइकोग्रामा एक उत्तम प्राकृतिक खेती की तकनीकी। पढ़े पूरी रिपोर्ट

ट्राइकोग्रामा एक सूक्ष्म परजीवी ततैया है जो हानिकारक कीड़ों के अंडों पर हमला करता है। यह लगभग 200 प्रकार के नुकसानदायक कीटों के अंडों...

स्मृति शेष : बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान

बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान   By - Vinod Arya   सामाजिक न्याय, शिल्पकार चेतना और समानता के महान अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य जी (12 मई...

वरिष्ठ साहित्यकार राम प्रकाश अग्रवाल कण की पुस्तक का लोकार्पण।

पुस्तक लोकार्पण "मॉं जिसके गोद में सभ्यताएं पलीं" लेखक - राम प्रकाश अग्रवाल कण, प्रकाशन - समय साक्ष्य (देहरादून)   By - Neeraj Naithani ।।   लैंसडाउन चौक स्थित...

तुलसी माला को लेकर क्यों विरोध कर रहे हैं बद्रीनाथवासी? पढ़े पूरी रिपोर्ट

By - Sanjana bhagwat   बद्रीनाथ धाम में तुलसी माला को लेकर बामणी गांव के लोगों द्वारा किया जा रहा विरोध केवल एक व्यापारिक विषय नहीं,...

12 मई विशेषांक : शिल्पकारों के उत्थान के लिए लड़ते रहे बलदेव सिंह आर्य।

‘जातीय जड़ता जाने का जश्न मनायें’। उत्तराखण्ड के शिल्पकार वर्ग में सामाजिक-शैक्षिक चेतना के अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य (12 मई, 1912 से 22 दिसम्बर, 1992)...

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह : उफ्तारा

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह। फिल्म परिषद का कार्यालय शीघ्र। सी.ई.ओ. बंशीधर तिवारी का उफतारा ने जताया आभार। दूरदर्शन और संस्कृति विभाग को...