Monday, June 29, 2026
Home स्वास्थ्य क्या आप भी करते हैं खाना खाने के तुरंत बाद योग, तो...

क्या आप भी करते हैं खाना खाने के तुरंत बाद योग, तो जान लीजिये इसके नुकसान

योग शरीर और मन दोने के लिए लाभकारी होता है लेकिन अभ्यास का सही तरीका स्वास्थ्य पर ज्यादा सकारात्मक असर डाल सकता है। वैसे तो योग कभी भी कर सकते हैं लेकिन किसी भी व्यायाम या योग क्रिया को सुबह के वक्त करना अधिक बेहतर रहता है। सुबह खाली पेट योग करना सबसे अच्छा होता है। हालांकि कई लोग सुबह का नाश्ता करने के बाद या रात में खाना खाने के बाद योग करने की सोचते हैं लेकिन क्या खाना खाने के बाद योग करना चाहिए?

अगर आप नाश्ता या भोजन करने के बाद योग करते हैं तो इसके परिणाम सकारात्मक होंगे या नकारात्मक, ये जानकर ही योगाभ्यास करें। इस लेख में बताया गया है कि खाना खाने के बाद योग करना चाहिए या नहीं और योगाभ्यास के लिए सबसे सही समय क्या होता है।

क्या खाना खाने के बाद योग करना चाहिए?

भोजन करने के तुरंत बाद योग करने से बचना चाहिए। खाना खाने के तुरंत बाद योग करने से पाचन प्रक्रिया बाधित हो सकती है। इसके कारण गैस, सूजन, एसिडिटी या असहजता जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

खाने के बाद योग करने के नुकसान

अगर आप सुबह के नाश्ते या खाने के तुरंत बाद योग करते हैं तो पाचन तंत्र पर असर पड़ता है। योग से ब्लड सर्कुलेशन मांसपेशियों की ओर बढ़ जाता है, जिससे पाचन प्रक्रिया धीमी हो सकती है।

खाना खाने के बाद झुकने या शरीर को उल्टा करके किए जाने वाले आसनों से एसिडिटी बढ़ सकती है।
भोजन के बाद योग शरीर में भारीपन महसूस करा सकता है, जिससे थकान और सुस्ती आ सकती है।

योगासन का सही समय

सुबह का वक्त योगासन के लिए सबसे अच्छा समय होता है। इस वक्त पेट खाली रहता ह, जिससे आसन करने में आसानी होती है। शरीर में ऊर्जा बनी रहत है और पाचन तंत्र को दिनभर बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिलती है।

भोजन के कितनी देर बाद योग करें

अगर आप सुबह खाली पेट योग नहीं कर पा रहे हैं तो हल्का नाश्ता करने के एक से दो घंटे बाद योगाभ्यास कर सकते हैं। वहीं अगर भारी भोजन यानी दोपहर या रात के खाने के बाद योग करना है तो 3 से 4 घंटे का गैप भोजन और योगाभ्यास के बीच रखें।

भोजन के बाद कौन से योग करें?

नाश्ते या लंच व डिनर के कुछ घंटों बाद योग कर रहे हैं तो हल्के और प्राणायाम कर सकते हैं। भोजन के बाद वज्रासन का अभ्यास कर सकते हैं। ये पाचन को सुधारता है। डीप ब्रीदिंग से पाचन दुरुस्त रहता है और हल्के स्ट्रेचिंग आसन भी कर सकते हैं।

(साभार)

RELATED ARTICLES

स्वयं सेवी प्रयास ही समाज का आईना होता है – बंशीधर तिवारी

देहरादून के मोथरोवाला में ‘विचार एक नई सोच’ सामाजिक संगठन और 17 अन्य सहयोगी संस्थाओं द्वारा आयोजित "स्वास्थ्य संवाद व स्वैच्छिक रक्तदान शिविर" में...

सुबह उठते ही करें ये आसान योगासन, बिना बिस्तर छोड़े पाएँ जबरदस्त फायदे

लोग फिट तो रहना चाहते हैं लेकिन अधिक मेहनत नहीं करना चाहते। योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का प्राकृतिक उपचार है।...

क्या नींद की कमी से बढ़ सकता है वजन, आइये जानते हैं क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ

वजन घटाना आज के समय में ज्यादातर लोगों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। बढ़ते वजन-मोटापे की समस्या के साथ कई प्रकार...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

एथलीट संदीप गुसाई बना उत्तरकाशी विधिक सेवा प्राधिकरण एंबेसडर

जनसामान्य में नशा उन्मूलन, विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्थान एवं खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी द्वारा संदीप गुंसाई...

अतीत का प्रतिशोध नहीं लिया जा सकता, उसे केवल समझा जा सकता है : IAS शशि रंजन कुमार

By - Prem Pancholi ।। अतीत हमारी स्मृतियों में, खंडहरों में, और उन तरीकों में जीवित रहता है जिनसे वह आज भी हमारे अस्तित्व को...

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद से लेनी पड़ेगी अनुमति

चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने हेतु सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के संबंध में शासन से दिशा निर्देश जारी हुए हैं।...

देहरादून : धामी कैबिनेट की बैठक संपन्न, खास विषयों पर त्वरित निर्णय

।। राज्य कैबिनेट ने कुल 12 प्रस्तावों को दी मंजूरी ।। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता,...

इतिहास के पन्नो से : अपना दायां अंगूठा दिखाना चाहिए और हम दिखायेंगे भी – दादा दौलतराम खुगशाल

By - dr. Arun Kuksal   दादा दौलतराम खुगशाल (मार्च, 1891- 3 फरवरी, 1960) टिहरी रियासत के विरुद्ध जन-संघर्षों का अग्रणी व्यक्तित्व- ‘‘आज तक राजा ने हमको पढ़ने-लिखने...

जिलाधिकारी के शख्त निर्देश, कहा आपदा के दौरान सभी विभाग बनायें समन्वय

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद देहरादून में आगामी मानसून एवं संभावित आपदा परिस्थितियों के दृष्टिगत आपदा प्रबंधन संबंधी...

जब वरिष्ठ पत्रकार चारू तिवारी ने वैज्ञानिक डी० डी० पंत को देखा

सुप्रसिद्ध भौतिकशास्त्री और हिमालय के चिंतक प्रो. डीडी पंत की पुण्यतिथि (11 जून, 2008) पर विशेष हमारे हिस्से के प्रो. डीडी पंत - चारु तिवारी By...

केतन लाल की निर्मम हत्या की चहुंओर चर्चा, समाज पर बड़ा कलंक।

By - Prem Pancholi   सोशल मीडिया पर जिस तरह से प्रतापनगर के ओण पट्टी के देवल गांव निवासी अनुसूचित जाति के किशोर केतन लाल की...

आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए सरकारी वर्जिश

वैज्ञानिक योजना, कुशल प्रशासन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के जरिए आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि...

पर्यावरण दिवस : पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा ने किया कृषि अनुसंधान संस्थान में वृक्षारोपण

विश्व पर्यावरण दिवस पर IATR देहरादून में पौधारोपण एवं गोष्ठी का आयोजन। पद्मश्री प्रेम चंद शर्मा ने छात्रों को मोरिंगा और पंच पल्लव के...