Sunday, September 13, 2026
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क्या आप भी करते हैं खाना खाने के तुरंत बाद योग, तो जान लीजिये इसके नुकसान

योग शरीर और मन दोने के लिए लाभकारी होता है लेकिन अभ्यास का सही तरीका स्वास्थ्य पर ज्यादा सकारात्मक असर डाल सकता है। वैसे तो योग कभी भी कर सकते हैं लेकिन किसी भी व्यायाम या योग क्रिया को सुबह के वक्त करना अधिक बेहतर रहता है। सुबह खाली पेट योग करना सबसे अच्छा होता है। हालांकि कई लोग सुबह का नाश्ता करने के बाद या रात में खाना खाने के बाद योग करने की सोचते हैं लेकिन क्या खाना खाने के बाद योग करना चाहिए?

अगर आप नाश्ता या भोजन करने के बाद योग करते हैं तो इसके परिणाम सकारात्मक होंगे या नकारात्मक, ये जानकर ही योगाभ्यास करें। इस लेख में बताया गया है कि खाना खाने के बाद योग करना चाहिए या नहीं और योगाभ्यास के लिए सबसे सही समय क्या होता है।

क्या खाना खाने के बाद योग करना चाहिए?

भोजन करने के तुरंत बाद योग करने से बचना चाहिए। खाना खाने के तुरंत बाद योग करने से पाचन प्रक्रिया बाधित हो सकती है। इसके कारण गैस, सूजन, एसिडिटी या असहजता जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

खाने के बाद योग करने के नुकसान

अगर आप सुबह के नाश्ते या खाने के तुरंत बाद योग करते हैं तो पाचन तंत्र पर असर पड़ता है। योग से ब्लड सर्कुलेशन मांसपेशियों की ओर बढ़ जाता है, जिससे पाचन प्रक्रिया धीमी हो सकती है।

खाना खाने के बाद झुकने या शरीर को उल्टा करके किए जाने वाले आसनों से एसिडिटी बढ़ सकती है।
भोजन के बाद योग शरीर में भारीपन महसूस करा सकता है, जिससे थकान और सुस्ती आ सकती है।

योगासन का सही समय

सुबह का वक्त योगासन के लिए सबसे अच्छा समय होता है। इस वक्त पेट खाली रहता ह, जिससे आसन करने में आसानी होती है। शरीर में ऊर्जा बनी रहत है और पाचन तंत्र को दिनभर बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिलती है।

भोजन के कितनी देर बाद योग करें

अगर आप सुबह खाली पेट योग नहीं कर पा रहे हैं तो हल्का नाश्ता करने के एक से दो घंटे बाद योगाभ्यास कर सकते हैं। वहीं अगर भारी भोजन यानी दोपहर या रात के खाने के बाद योग करना है तो 3 से 4 घंटे का गैप भोजन और योगाभ्यास के बीच रखें।

भोजन के बाद कौन से योग करें?

नाश्ते या लंच व डिनर के कुछ घंटों बाद योग कर रहे हैं तो हल्के और प्राणायाम कर सकते हैं। भोजन के बाद वज्रासन का अभ्यास कर सकते हैं। ये पाचन को सुधारता है। डीप ब्रीदिंग से पाचन दुरुस्त रहता है और हल्के स्ट्रेचिंग आसन भी कर सकते हैं।

(साभार)

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