Thursday, May 14, 2026
Home lifestyle क्या आप भी कराती हैं बार- बार हेयर स्पा, तो जान लीजिये...

क्या आप भी कराती हैं बार- बार हेयर स्पा, तो जान लीजिये इसके नुकसान 

हेयर स्पा एक ऐसा ट्रीटमेंट है, जिससे बालों में नई चमक सी आ जाती है। इसको कराने से बालों से सम्बंधित कई परेशानियां भी दूर रहती है। यही वजह है कि महिलाएं एक महीने में दो से तीन बार हेयर स्पा कराना पसंद करती हैं। हेयर स्पा में शैंपू, हेयर क्रीम, हेयर मास्क और कंडीशनर वगैरह लगाकर बालों की डीप मॉइश्चराइजिंग की जाती है, साथ ही स्टीम भी दी जाती है। इसकी वजह से बाल काफी ज्यादा चमक जाते हैं।

वैसे तो इससे बालों को काफी लाभ मिलते हैं, लेकिन यदि हेयर स्पा को बार-बार कराया जाए तो इससे बालों को काफी नुकसान पहुंचता है। यहां हम आपको इन्हीं नुकसानों के बारे में बताने जा रहे हैं, ताकि आप भी हेयर स्पा करने से पहले एक बार सोच लें।

बढ़ेगी हेयर फॉल की समस्या

यदि आप नियमित रूप से हेयर स्पा लेंगी तो हेयर फॉल की समस्या बढ़ सकती है। ये परेशानी ज्यादातर उन लोगों में होती है, जिसकी स्कैल्प संवेदनशील होती है। सेंसिटिव स्कैल्प वाले लोगों को हर हेयर केयर प्रोडक्ट सूट नहीं करता है। इसलिए यदि वो हेयर स्पा करा भी रही हैं तो प्रोडक्ट को एक बारी चेक कर लें, ताकि आपको किसी तरह का कोई खतरा न रहे।

स्कैल्प को पहुंचाएगा नुकसान

कई बार हेयर स्पा करने में ऐसे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल होता है, जिनमें भारी मात्रा में केमिकल पाए जाते हैं। ऐसे में यदि आपको इन केमिकल्स से एलर्जी हो, तो हेयर स्पा करने से बचें। केमिकल वाले प्रोडक्ट स्कैल्प या बालों को और भी नुकसान पहुँचाने का कारण बन सकता है।

बालों का रंग उड़ेगा

बार-बार हेयर स्पा कराने से बालों का रंग उड़ने लगता है। क्योंकि हेयर स्पा में कई ऐसे प्रोडक्ट इस्तेमाल किए जाते हैं,जिनमें ब्लीच पाया जाता है। इसी की वजह से बालों का रंग उड़ने का खतरा रहता है।

बाल होंगे ड्राई

यदि आप बार-बार या महीने में कई बार हेयर स्पा कराती हैं, तो इससे बालों की प्राकृतिक नमी में कमी में आ सकती है। इसकी वजह से कई बार बालों के साथ-साथ स्कैल्प भी ड्राई होने लगती है, जिस कारण स्कैल्प पर रूसी जमने लगती है।

जेब होगी खाली

बार-बार हेयर स्पा कराने का सबसे बड़ा नुकसान यही है। इसकी वजह से आपकी जेब काफी ज्यादा खाली होगी, क्योंकि किसी छोटे से सैलून में भी हेयर स्पा कराने के लिए आपको 500 से लेकर 1000 रूपये तक आसानी से खर्च करने पड़ सकते हैं। इसलिए जरूरत हो, तभी हेयर स्पा कराएं।

(साभार)

RELATED ARTICLES

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम। स्पार्क टेक्नोलॉजीज , स्पेक्स एवं...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

ट्राइकोग्रामा एक उत्तम प्राकृतिक खेती की तकनीकी। पढ़े पूरी रिपोर्ट

ट्राइकोग्रामा एक सूक्ष्म परजीवी ततैया है जो हानिकारक कीड़ों के अंडों पर हमला करता है। यह लगभग 200 प्रकार के नुकसानदायक कीटों के अंडों...

स्मृति शेष : बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान

बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान   By - Vinod Arya   सामाजिक न्याय, शिल्पकार चेतना और समानता के महान अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य जी (12 मई...

वरिष्ठ साहित्यकार राम प्रकाश अग्रवाल कण की पुस्तक का लोकार्पण।

पुस्तक लोकार्पण "मॉं जिसके गोद में सभ्यताएं पलीं" लेखक - राम प्रकाश अग्रवाल कण, प्रकाशन - समय साक्ष्य (देहरादून)   By - Neeraj Naithani ।।   लैंसडाउन चौक स्थित...

तुलसी माला को लेकर क्यों विरोध कर रहे हैं बद्रीनाथवासी? पढ़े पूरी रिपोर्ट

By - Sanjana bhagwat   बद्रीनाथ धाम में तुलसी माला को लेकर बामणी गांव के लोगों द्वारा किया जा रहा विरोध केवल एक व्यापारिक विषय नहीं,...

12 मई विशेषांक : शिल्पकारों के उत्थान के लिए लड़ते रहे बलदेव सिंह आर्य।

‘जातीय जड़ता जाने का जश्न मनायें’। उत्तराखण्ड के शिल्पकार वर्ग में सामाजिक-शैक्षिक चेतना के अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य (12 मई, 1912 से 22 दिसम्बर, 1992)...

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह : उफ्तारा

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह। फिल्म परिषद का कार्यालय शीघ्र। सी.ई.ओ. बंशीधर तिवारी का उफतारा ने जताया आभार। दूरदर्शन और संस्कृति विभाग को...