स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह पर पूर्व मुख्यमंत्री हरदा ने लगाए गंभीर आरोप
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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट वायरल की है। जिसमें उन्होंने स्वस्थ मंत्री धन सिंह रावत पर गंभीर आरोप लगाये है। उनका आरोप है कि अच्छी और लिली चुपड़ी बातों से मंत्रालय नहीं चलता। लिखते है कि धन सिंह रावत ने जब से स्वास्थ महकमा संभाला तब से स्वास्थ विभाग का भंडाफोड़ ही हो गया है। जो सुविधाएं चल भी रही थी वे सभी बंद हो गई है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरदा आगे लिखते हैं कि स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह कई बार बड़ी संगीत मय बात कह देते हैं। आज भी उनके प्रसंग से एक संगीतमय समाचार छपा है कि जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध रहेंगे। इस बाबत पूर्व मुख्यमंत्री हरदा अपनी पोस्ट के मार्फत धन सिंह से सवाल पूछ रहे है कि जिला अस्पतालो, उप अस्पतालो तो छोड़िये, बेस हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेजेज के अस्पताल भी रेफरल हॉस्पिटल बनकर के रह गए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री श्री रावत उदाहरण दे रहे हैं कि पहले वे अल्मोड़ा में लोगों को सलाह देते थे कि जिन्हें हार्ड और दूसरी समस्याएं हैं वे अल्मोड़ा जिला हेडक्वार्टर के सम्मुख रहिए। ताकि समय पर आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सकों की सुविधा उन्हें मिल सके। मगर अब तो यह सब सपना हो गया है। श्री हरदा की सलाह है कि विकेंद्रीकृत मेडिकल सुविधाओं के लिए सरकार को कई इनोवेटिव कदम उठाने होंगे। अन्यथा मेडिकल सुविधाओं का अभाव पर्वतीय क्षेत्रों की तरफ बढ़ते हुये कदमों को हमेशा रोकता रहेगा।
हरदा ने अपना हलफनामा दिया कि वे पहाड़ों की तरफ़ जाना चाह हैं। लेकिन उन्हें मालूम हुआ कि उनकी उम्र के व्यक्ति के लिए पहाड़ में आवश्यक मेडिकल सुविधाएं नहीं हैं।
हरदा ने अपनी फेसबुक पोस्ट पर स्पष्ट लिखा है कि अल्मोड़ा में उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान एक हृदय उपचार केंद्र खोला था और डॉक्टर यादव को इसकी जिम्मेदारी सौंपी थी। उनका आरोप है कि धन सिंह जी की सरकार को वह नहीं भाया और उस विलक्षण सुविधा को अल्मोड़ा में बंद करवा के छोड़ा।
हरदा स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह को नसीहत दे रहे हैं कि कहीं ऐसा न हो कि धन सिंह परमानेंट घोषणा मंत्री न बन जाए और लोग टक-टकी लगाए हुये विशेषज्ञ डॉक्टरों की प्रतिक्षा करते रह जाएं।







