Sunday, June 28, 2026
Home lifestyle वाइब्रेंट विलेज : हर्षिल घाटी में नेचुरलिस्ट प्रशिक्षण आरंभ

वाइब्रेंट विलेज : हर्षिल घाटी में नेचुरलिस्ट प्रशिक्षण आरंभ

तेज़ बारिश और पहाड़ी तूफ़ान के बीच हर्षिल घाटी में नेचुरलिस्ट प्रशिक्षण का सफल शुभारंभ। वाइब्रेंट विलेज’ पहल को मिला नया आयाम।

By – Prem Pancholi

हर्षिल घाटी में लगातार हो रही तेज़ बारिश, ठंडी हवाओं और पहाड़ी तूफ़ान के बीच नेचुरलिस्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दुर्गम मौसम के बावजूद इस प्रकार का प्रशिक्षण आयोजित होना अपने आप में एक उल्लेखनीय पहल है, जिसे क्षेत्र में पहली बार इतने चुनौतीपूर्ण मौसम में सफलतापूर्वक संचालित किया गया है।

बगोरी गाँव के पंचायती भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में हर्षिल, झाला, धराली, गंगोत्री और मुखवा जैसे सीमांत क्षेत्रों से आए 30 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। खराब मौसम के बावजूद कई प्रतिभागी बाइक से कठिन पहाड़ी रास्तों को पार कर प्रशिक्षण स्थल तक पहुंचे, जो उनके उत्साह और समर्पण को दर्शाता है।

कार्यक्रम में बगोरी ग्राम प्रधान श्रीमती रंजीता धौबरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना के अंतर्गत हर्षिल घाटी नए अवसरों का केंद्र बन रही है और इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलते हैं।

हर्षिल ग्राम प्रधान श्रीमती सुचित्रा रौतेला ने कहा कि इस प्रकार की पहल से स्थानीय युवाओं को सही दिशा और अवसर मिल रहे हैं, जिससे वे पर्यटन के क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकते हैं।

उत्तराखंड पर्यटन विभाग की अपर निदेशक श्रीमती पूनम चंद कार्यक्रम में ऑनलाइन माध्यम से जुड़ीं। उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि अपने क्षेत्र के छुपे हुए नेचर ट्रेल्स की पहचान कर उन्हें पर्यटन से जोड़ना ही इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना के तहत यह क्षेत्र विशेष संभावनाओं से भरा हुआ है।

हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के हर्षिल दौरे के दौरान भी इस क्षेत्र को ‘वाइब्रेंट विलेज’ के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया था। उसी दिशा में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आ रहा है।

यह प्रशिक्षण उत्तराखंड पर्यटन विभाग, उत्तराखंड सरकार एवं पर्यटन एवं आतिथ्य कौशल परिषद (THSC) द्वारा संचालित किया जा रहा है। समर्पित मीडिया सोसाइटी, जो THSC की प्रशिक्षण भागीदार संस्था है, इस कार्यक्रम का क्रियान्वयन कर रही है। कार्यक्रम में संस्था के निदेशक पंकज शर्मा तथा प्रशिक्षक श्री राजीव उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि लगभग दो वर्ष पूर्व पर्यटन विभाग द्वारा इसी क्षेत्र में गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें प्रशिक्षित हुए कई प्रतिभागी इस नेचुरलिस्ट प्रशिक्षण में भी भाग ले रहे हैं। इससे क्षेत्र में पर्यटन आधारित कौशल विकास की निरंतरता स्पष्ट होती है।

कठिन मौसम के बीच आयोजित यह प्रशिक्षण केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्र के युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता, कौशल विकास और नए अवसरों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

RELATED ARTICLES

एथलीट संदीप गुसाई बना उत्तरकाशी विधिक सेवा प्राधिकरण एंबेसडर

जनसामान्य में नशा उन्मूलन, विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्थान एवं खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी द्वारा संदीप गुंसाई...

अतीत का प्रतिशोध नहीं लिया जा सकता, उसे केवल समझा जा सकता है : IAS शशि रंजन कुमार

By - Prem Pancholi ।। अतीत हमारी स्मृतियों में, खंडहरों में, और उन तरीकों में जीवित रहता है जिनसे वह आज भी हमारे अस्तित्व को...

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद से लेनी पड़ेगी अनुमति

चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने हेतु सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के संबंध में शासन से दिशा निर्देश जारी हुए हैं।...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

एथलीट संदीप गुसाई बना उत्तरकाशी विधिक सेवा प्राधिकरण एंबेसडर

जनसामान्य में नशा उन्मूलन, विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्थान एवं खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी द्वारा संदीप गुंसाई...

अतीत का प्रतिशोध नहीं लिया जा सकता, उसे केवल समझा जा सकता है : IAS शशि रंजन कुमार

By - Prem Pancholi ।। अतीत हमारी स्मृतियों में, खंडहरों में, और उन तरीकों में जीवित रहता है जिनसे वह आज भी हमारे अस्तित्व को...

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद से लेनी पड़ेगी अनुमति

चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने हेतु सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के संबंध में शासन से दिशा निर्देश जारी हुए हैं।...

देहरादून : धामी कैबिनेट की बैठक संपन्न, खास विषयों पर त्वरित निर्णय

।। राज्य कैबिनेट ने कुल 12 प्रस्तावों को दी मंजूरी ।। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता,...

इतिहास के पन्नो से : अपना दायां अंगूठा दिखाना चाहिए और हम दिखायेंगे भी – दादा दौलतराम खुगशाल

By - dr. Arun Kuksal   दादा दौलतराम खुगशाल (मार्च, 1891- 3 फरवरी, 1960) टिहरी रियासत के विरुद्ध जन-संघर्षों का अग्रणी व्यक्तित्व- ‘‘आज तक राजा ने हमको पढ़ने-लिखने...

जिलाधिकारी के शख्त निर्देश, कहा आपदा के दौरान सभी विभाग बनायें समन्वय

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद देहरादून में आगामी मानसून एवं संभावित आपदा परिस्थितियों के दृष्टिगत आपदा प्रबंधन संबंधी...

जब वरिष्ठ पत्रकार चारू तिवारी ने वैज्ञानिक डी० डी० पंत को देखा

सुप्रसिद्ध भौतिकशास्त्री और हिमालय के चिंतक प्रो. डीडी पंत की पुण्यतिथि (11 जून, 2008) पर विशेष हमारे हिस्से के प्रो. डीडी पंत - चारु तिवारी By...

केतन लाल की निर्मम हत्या की चहुंओर चर्चा, समाज पर बड़ा कलंक।

By - Prem Pancholi   सोशल मीडिया पर जिस तरह से प्रतापनगर के ओण पट्टी के देवल गांव निवासी अनुसूचित जाति के किशोर केतन लाल की...

आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए सरकारी वर्जिश

वैज्ञानिक योजना, कुशल प्रशासन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के जरिए आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि...

पर्यावरण दिवस : पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा ने किया कृषि अनुसंधान संस्थान में वृक्षारोपण

विश्व पर्यावरण दिवस पर IATR देहरादून में पौधारोपण एवं गोष्ठी का आयोजन। पद्मश्री प्रेम चंद शर्मा ने छात्रों को मोरिंगा और पंच पल्लव के...