
डा० विद्वान ने बताया कि उन्होंने महामहिम द्रोपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन दिल्ली में सामान्य शिष्टाचार भेंट की है। इस दौरान देश और राज्य के भविष्य पर सामान्य चर्चा की है। जबकि डा० विद्वान ने महामहिम को उत्तरकाशी जनपद में गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम आने का न्योता भी दिया है। इस शिष्टाचार भेंट के दौरान महामहिम राष्ट्रपति के साथ अनेक सामाजिक विषयों पर चर्चा हुई और महामहिम ने उन्हें देश एवं समाज हित में निरंतर कार्य करने को कहा है। इस भेंट के दौरान महामहिम राष्ट्रपति को डा० विद्वान ने उत्तराखंड के पर्वतीय जनपदों एवं उत्तरकाशी जनपद की कुछ समस्याओं से भी अवगत करवाया है। साथ ही निराकरण के लिए महामहिम से अनुरोध भी किया है। बता दें कि चर्चा के दौरान डा० स्वराज विद्वान ने महामहिम को सात सूत्री मांग भी प्रस्तुत की है।

(1) पर्वतीय जनपदों के ग्रामीण क्षेत्रों से रोजगार की चाहत में हो रहे युवाओं के पलायन को रोकने के लिए पर्वतीय जनपदों में ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के लिए विशेष सेना भर्ती करने का अनुरोध करते हुए सेना भर्ती में युवाओं को शैक्षणिक योग्यता, उम्र, फिजिकल में विशेष छूट देने का अनुरोध किया।
(2) उत्तराखंड प्रदेश मे ऑल वेदर रोड परियोजना के निर्माण कार्य एवं राष्ट्रीय राजमार्ग द्वारा सड़क चौड़ीकरण कार्य बहुत तेजी से चल रहा है। जिसमें पहाड़ी क्षेत्रों में गरीब निर्धन परिवारों की जमीन एवं घरों का सड़क चौड़ीकरण के कारण भारी क्षति हो रही है जिसके लिए R W O से बाहर होने वाले घर जमीनों की क्षतिपूर्ति का मुआवजा भी केन्द्र सरकार से देने का अनुरोध किया गया।
(3) उत्तराखंड में एम्स अस्पताल ऋषिकेश में एयर एंबुलेंस देने का अनुरोध किया है जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को दुर्घटना के समय लाभ मिल सके।
(4) उत्तराखंड प्रदेश की समस्त गरीब निर्धन विधवा महिलाओं को बीपीएल/अन्तोदय राशन कार्ड उपलब्ध करवाया जाय, साथ ही इन्हें प्रधानमंत्री आवास योजनान्तर्गत अनिवार्य रूप से प्रधानमंत्री आवास देने हेतु अनुरोध किया गया।
(5) उत्तराखंड प्रदेश के सभी छात्रावासों में भोजन व्यवस्था शुरू करवाने एवं पुराने सरकारी दरों को चेंज करने का अनुरोध किया गया
(6) सीमान्त जनपद उत्तरकाशी में स्वास्थ्य सुविधाओं को मध्य नजर रखते हुए उत्तरकाशी जनपद में मेडिकल कालेज खोलने का अनुरोध किया गया जिसके लिए जनपदवासी वर्षोंसे मांग कर रहे हैं। (7) उत्तरकाशी जनपद के ब्रह्मखाल में तहसील बनाने का अनुरोध किया गया। जिसके लिए वर्षों से ब्रह्मखाल क्षेत्र के लोग मांग कर रहे हैं।
डा० स्वराज विद्वान ने बताया कि महामहिम राष्ट्रपति ने उनकी सभी समस्याओं को गंभीरता पूर्वक सुना है और इन पर सहानभूति पूर्वक विचार करने को कहा है। उन्होंने महाहिम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह शिष्टाचार भेंट उनके जीवन के अमूल्य क्षण थे। जिन्हे वे ताउम्र याद रखेगी।







