Sunday, June 28, 2026
Home देहरादून पांच दिवसीय ग्रीष्म कला उत्सव-1 का अन्तिम पांचवा दिन संगीत के नाम

पांच दिवसीय ग्रीष्म कला उत्सव-1 का अन्तिम पांचवा दिन संगीत के नाम

पांच दिवसीय ग्रीष्म कला उत्सव-1 का अन्तिम पांचवा दिन संगीत के नाम

नगीन तनवीर के सुरों से महक उठी शास्त्रीय संगीत की महफिल

Nageen tanveer
Nageen tanveer

‘दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र’ की ओर से आयोजित पांच दिवसीय ‘ग्रीष्म कला उत्सव’ का पांचवा दिन लोक गीत व शास्त्रीय संगीत के नाम रहा। साहित्य, कला गीत-संगीत और सिनेमाई कला के विविध पक्षों पर केन्द्रित इस आयोजन की श्रृंखला के तहत आज के प्रातःकालीन में सत्र कहानी वाचन और अभिनय का प्रस्तुतिकरण किया गया। इस सत्र में युवा रंगकर्मी सिद्धांत अरोड़ा व उनके साथियों ने हबीब तनवीर के नाटक चरणदास चोर का परिचय दिया और उस कहानी से उद्धरित प्रमुख अंशो वाचन किया। कहानी के इन अंशों में नाटकीय प्रभाव का समावेश बहुत शानदार ढंग से किया गया।
चरणदास चोर यह नाटक सत्य के लिए मनुष्य को अडिग रहने का संदेश देता है। सुपरिचित पटकथा लेखक नाट्य निर्देशक हबीब तनवीर ने इस नाटक का लेखन किया है। चरणदास चोर एक ऐसे चोर की कहानी है जो आदतन चोर है। सोने की प्लेट चोरी करने से नाटक की कहानी शुरू होती है। चरनदास किसी गांव से सोने की थाली चोरी करके फरार हुआ है । पुलिस से बचने के लिए या यूं चरणदास एक गुरुजी के आश्रम में प्रवेश कर उनका शिष्य बनने की इच्छा प्रकट करता है। गुरुजी मान जाते हैं, और शर्त लेते हैं कि चरणदास हमेशा सच बोलने का प्रण लेगा। एक बात गुरु जी की भी माननी पड़ेगी कि तुम्हें झूठ बोलना छोड़ना होगा। पहले तो चरनदास इस प्रण के लिए ना-नुकुर करने लगता है, पर पुलिस से बचने के चक्कर मे यह प्रण कर लेता है कि मैं कभी झूठ नही बोलूंगा। चरनदास के इन्हीं वचनों पर नाटक के कथानक का ताना-बाना बुना गया मरते दम तक चरनदास अपने वचनों के पालन में खरा उतर जाता है।

वहीं दूसरी ओर सांध्यकालीन सत्र संगीत कार्यक्रम पर केन्द्रित रहा। इसमें छत्तीसगढ़ी लोक गीत एवं सुगम शास्त्रीय संगीत की बेहतरीन प्रस्तुतियां सुपरिचित कलाकार नगीन तनवीर ने दी। उन्होनें छत्तीसगढ़ी लोक संगीत की एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर उपस्थित संगीत प्रेमियों की वाहवाही बटोर ली। उन्होंने छत्तीसगढ़ी लोक संगीत की प्रस्तुति के बाद उन्होनें सुगम शास्त्रीय संगीत की सुर प्रस्तुतियों से संगीत की महफिल को यादगार बनाकर उसे महका दिया।

उल्लेखनीय है कि नगीन तनवीर सुपरिचित पटकथा लेखक नाट्य निर्देशक व कवि हबीब तनवीर की बेटी हैं। नगीन तनवीर का दिल और आत्मा हमेशा महत्वपूर्ण, संगीत के साथ जुड़े रहे हैं। उन्होंने शास्त्रीय और हल्के शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण लिया है और यह दुर्लभ और मूल्यवान है। छत्तीसगढ़ी लोक संगीत का भंडार जिसे वह संगीत समारोहों में प्रस्तुत करती है। जब उनके पिता ने एक बार उनसे पूछा था कि क्या वह एक नाटक का निर्देशन करना चाहेंगी, तो उन्होंने मना कर दिया था। हालाँकि, उनकी मृत्यु के बाद उन्होंने नया थिएटर की कमान संभाली है।

कार्यक्रम के आरम्भ में दून पुस्तकालय के अध्यक्ष प्रो. बी. के. जोशी ने मंचासीन अतिथियों और सभागार में उपस्थित लोगों का स्वागत किया। कार्यक्रम में दीपक नागलिया, विजय भट्ट, हिमांशु आहूजा, कल्याण बुटोला,इरा चौहान अरुण कुमार, देहरादून के अनेक संगीत प्रेमी, साहित्यकार, बुद्धजीवी, पत्रकार, साहित्य प्रेमी और पुस्तकालय के पाठकगण उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES

अतीत का प्रतिशोध नहीं लिया जा सकता, उसे केवल समझा जा सकता है : IAS शशि रंजन कुमार

By - Prem Pancholi ।। अतीत हमारी स्मृतियों में, खंडहरों में, और उन तरीकों में जीवित रहता है जिनसे वह आज भी हमारे अस्तित्व को...

देहरादून : धामी कैबिनेट की बैठक संपन्न, खास विषयों पर त्वरित निर्णय

।। राज्य कैबिनेट ने कुल 12 प्रस्तावों को दी मंजूरी ।। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता,...

जिलाधिकारी के शख्त निर्देश, कहा आपदा के दौरान सभी विभाग बनायें समन्वय

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद देहरादून में आगामी मानसून एवं संभावित आपदा परिस्थितियों के दृष्टिगत आपदा प्रबंधन संबंधी...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

एथलीट संदीप गुसाई बना उत्तरकाशी विधिक सेवा प्राधिकरण एंबेसडर

जनसामान्य में नशा उन्मूलन, विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्थान एवं खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी द्वारा संदीप गुंसाई...

अतीत का प्रतिशोध नहीं लिया जा सकता, उसे केवल समझा जा सकता है : IAS शशि रंजन कुमार

By - Prem Pancholi ।। अतीत हमारी स्मृतियों में, खंडहरों में, और उन तरीकों में जीवित रहता है जिनसे वह आज भी हमारे अस्तित्व को...

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद से लेनी पड़ेगी अनुमति

चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने हेतु सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के संबंध में शासन से दिशा निर्देश जारी हुए हैं।...

देहरादून : धामी कैबिनेट की बैठक संपन्न, खास विषयों पर त्वरित निर्णय

।। राज्य कैबिनेट ने कुल 12 प्रस्तावों को दी मंजूरी ।। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता,...

इतिहास के पन्नो से : अपना दायां अंगूठा दिखाना चाहिए और हम दिखायेंगे भी – दादा दौलतराम खुगशाल

By - dr. Arun Kuksal   दादा दौलतराम खुगशाल (मार्च, 1891- 3 फरवरी, 1960) टिहरी रियासत के विरुद्ध जन-संघर्षों का अग्रणी व्यक्तित्व- ‘‘आज तक राजा ने हमको पढ़ने-लिखने...

जिलाधिकारी के शख्त निर्देश, कहा आपदा के दौरान सभी विभाग बनायें समन्वय

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद देहरादून में आगामी मानसून एवं संभावित आपदा परिस्थितियों के दृष्टिगत आपदा प्रबंधन संबंधी...

जब वरिष्ठ पत्रकार चारू तिवारी ने वैज्ञानिक डी० डी० पंत को देखा

सुप्रसिद्ध भौतिकशास्त्री और हिमालय के चिंतक प्रो. डीडी पंत की पुण्यतिथि (11 जून, 2008) पर विशेष हमारे हिस्से के प्रो. डीडी पंत - चारु तिवारी By...

केतन लाल की निर्मम हत्या की चहुंओर चर्चा, समाज पर बड़ा कलंक।

By - Prem Pancholi   सोशल मीडिया पर जिस तरह से प्रतापनगर के ओण पट्टी के देवल गांव निवासी अनुसूचित जाति के किशोर केतन लाल की...

आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए सरकारी वर्जिश

वैज्ञानिक योजना, कुशल प्रशासन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के जरिए आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि...

पर्यावरण दिवस : पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा ने किया कृषि अनुसंधान संस्थान में वृक्षारोपण

विश्व पर्यावरण दिवस पर IATR देहरादून में पौधारोपण एवं गोष्ठी का आयोजन। पद्मश्री प्रेम चंद शर्मा ने छात्रों को मोरिंगा और पंच पल्लव के...