दृष्टिहीन प्रियांशी को एनआईबीएच में प्रवेश दिलवाने बाबत केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र
सीमांत जनपद उत्तरकाशी की गेंवला ब्रह्मखाल निवासी दिव्यांग कु० प्रियांशी रावत ने उत्तराखंड माध्यमिक परीक्षा बोर्ड से 10 वीं की परीक्षा में 75 प्रतिशत अंक प्राप्त कर कीर्तिमान हासिल किया है। सौ फीसदी दृष्टिहीन प्रियांशी की सराहना करते क्षेत्र के लोग नहीं थक रहे है।
इधर क्षेत्र भ्रमण के दौरान डॉ० स्वराज विद्वान पूर्व सदस्य राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग भारत सरकार, राष्ट्रीय मंत्री भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा ने कु० प्रियांशी रावत को अपने ब्रह्मखाल आवास पर आमंत्रित कर अंगवस्त्र भेंट करके उन्हें सम्मानित किया है और उन्हें बधाई दी है।
प्रियांशी ने डॉ० विद्वान को बताया कि वे आगे भी पढ़ना चाहती है। इस पर डॉ० विद्वान ने भारत सरकार के सामाजिक एवं आधिकारिता न्याय मंत्री डॉ० विरेन्द्र कुमार को पत्र लिखा है और उन्होंने प्रियांशी को राष्ट्रीय दृष्टिबाधितार्थ संस्थान (NIVH) देहरादून में 11वीं कक्षा में प्रवेश दिलवाने का अनुरोध किया है।
उल्लेखनीय हो कि प्रियांशी रावत एक गरीब निर्धन परिवार की छात्रा है। प्रियांशी के पिता की 7-8 वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है। प्रियांशी की विधवा मां मेहनत मजदूरी कर अपने नाबालिक बच्चों का पालन पोषण करती है। दृष्टिहीन प्रियांशी को आगे को पढ़ाई के लिए उनके सामने आर्थिक संकट है।
जबकि डा० विद्वान ने NIVH देहरादून के उच्च अधिकारियों से भी दूरभाष पर बात की है। NIVH के उच्च अधिकारियों ने प्रियांशी रावत को प्रवेश दिलवाने हेतु हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया है।








