Sunday, June 28, 2026
Home उत्तराखंड काला चश्मा पहनकर दूर शहर से गांव पहुंचने लग गए है वोटर।

काला चश्मा पहनकर दूर शहर से गांव पहुंचने लग गए है वोटर।

– भारी बारिश के बीच फर्जी वोटरों की बाढ़।

– लाखों करोड़ों फूकने वाले भी असमंजस में पैसा डूबेगा या होगा वसूल!

By – Gajendra Rawat

उत्तर प्रदेश दिल्ली राजस्थान पंजाब हरियाणा मध्य प्रदेश से लेकर तमाम राज्यों से फर्जी वोटरों का सज धज के काला चश्मा लगाकर उत्तराखंड पंचायत चुनाव मे वोट देने के लिये आना शुरू हो गया है.

ग्रामीणों द्वारा बताया जा रहा है इन लोगों को उत्तराखंड पंचायत चुनाव में वोट डालने के लिए बस, टेंपो ट्रैवलर से लेकर इनोवा जैसी गाड़ियां प्रत्याशियों द्वारा उपलब्ध कराई गई है आने जाने रुकने के खर्चे के साथ दारू मुर्गा चखना का एडवांस मे इंतजाम किया गया है. यह भी बताया जा रहा कि वोट देने गावं आते वक़्त रास्ते मे खाने पीने बीड़ी माचिस पान तंबाकू का खर्चा अलग से दिया गया है.

वोटिंग के दिन नाश्ते से लेकर लंच और वापसी के लिये अलग से दारू मुर्गा छोले पूरी पैक कर ले जाने का इंतजाम चुनाव लड़ने वाले लोगों ने वहीं जाकर उन्हें 100% एडवांस दे दिया है.इन फर्जी वोटरों की ऐसे आवभगत होती है जैसे कोई लड़की देखने लड़के वाले आ रखे हों.

इनमें से अधिकांश वह मतदाता हैं जिनके दूसरे राज्यों में भी मतदाता सूची में भी नाम है और उत्तराखंड के गांव में भी.गावं मे रहने वाले तो इनकी शक्ल तक से नहीं पहचानते इस कारण अधिकांश को कोई नमस्ते तक नहीं करता.

उत्तराखंड का कोई भी ऐसा नगर निगम नगर पालिका या नगर पंचायत नहीं है जहां से पिछले निकाय चुनाव में वोट देने वाले लोग गांव जाकर वोट देने ना जा रहे हो ऐसे मतदाताओं की संख्या थोड़ी बहुत नहीं हजारों में है।

इन फर्जी वोटरों का गांव के सुख-दुख से कोई योगदान नहीं है यह सिर्फ वोट के वक्त गांव आते हैं और गांव में लगातार रह रहे दूसरों के सुख-दुख में साथ देने वाले लोगों का बुरा करके चले जाते हैं.
फर्जी वोटरों की इस बाढ़ के बीच सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नैनीताल हाईकोर्ट ने निर्वाचन आयोग को स्पष्ट रूप से कहा था कि आयोग द्वारा 6 जून को जो चिट्ठी जारी की गई वह पूरी तरह से गलत थी. जिस व्यक्ति का नाम निकाय की मतदाता सूची में है वह गांव में वोट नहीं दे सकता ना ही चुनाव लड़ सकता है अर्थात दो स्थानों पर वोट के लिये भारत के संविधान मे कोई स्थान नहीं है.

हाईकोर्ट के आदेश को आज तक धरातल पर नहीं उतारा गया है.किसी भी जिलाधिकारी को हाई कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए नहीं कहा गया न कहीं कुछ नहीं लिखा गया है.

24 जुलाई को पहले चरण के चुनाव में वोट पड़ने हैं अभी तक निर्वाचन आयोग ने कहीं नहीं लिखा कि जिन मतदाताओं के दो स्थानों पर वोट है वह वोट नहीं देंगे.हो सकता है कि अगले कुछ घंटे में निर्वाचन आयोग के खिलाफ न्यायालय की अवमानना का मामला हाई कोर्ट में पहुंच जाए.देखने वाली बात यह होगी की निर्वाचन आयोग हाई कोर्ट के आदेश का पालन न करने पर इस बार क्या कहानी सुनाता है.

बहरहाल लोकतंत्र के इस पर्व में हर गांव में जिस प्रकार से दो स्थानों पर वोट वाले गावं पहुँच रहे हैँ उससे गावं का भला कभी नहीं हो सकता. फर्जी वोट देश के लिए कलंक है. ऐसे लोगों को दण्डित किया जाना चाहिए ताकि भविष्य मे कोई ऐसी हिमाकत न कर सके.भारत निर्वाचन आयोग को इसका संज्ञान लेना चाहिए.

प्रयोग की धरती बन चुकी उत्तराखंड से इलेक्शन रिफॉर्म होगा कुछ ऐसा अब महसूस होने लगा है. एक देश एक चुनाव से पहले “एक व्यक्ति एक मतदाता” होना बेहद अनिवार्य है.

लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं।

RELATED ARTICLES

इतिहास के पन्नो से : अपना दायां अंगूठा दिखाना चाहिए और हम दिखायेंगे भी – दादा दौलतराम खुगशाल

By - dr. Arun Kuksal   दादा दौलतराम खुगशाल (मार्च, 1891- 3 फरवरी, 1960) टिहरी रियासत के विरुद्ध जन-संघर्षों का अग्रणी व्यक्तित्व- ‘‘आज तक राजा ने हमको पढ़ने-लिखने...

जब वरिष्ठ पत्रकार चारू तिवारी ने वैज्ञानिक डी० डी० पंत को देखा

सुप्रसिद्ध भौतिकशास्त्री और हिमालय के चिंतक प्रो. डीडी पंत की पुण्यतिथि (11 जून, 2008) पर विशेष हमारे हिस्से के प्रो. डीडी पंत - चारु तिवारी By...

केतन लाल की निर्मम हत्या की चहुंओर चर्चा, समाज पर बड़ा कलंक।

By - Prem Pancholi   सोशल मीडिया पर जिस तरह से प्रतापनगर के ओण पट्टी के देवल गांव निवासी अनुसूचित जाति के किशोर केतन लाल की...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

एथलीट संदीप गुसाई बना उत्तरकाशी विधिक सेवा प्राधिकरण एंबेसडर

जनसामान्य में नशा उन्मूलन, विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्थान एवं खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी द्वारा संदीप गुंसाई...

अतीत का प्रतिशोध नहीं लिया जा सकता, उसे केवल समझा जा सकता है : IAS शशि रंजन कुमार

By - Prem Pancholi ।। अतीत हमारी स्मृतियों में, खंडहरों में, और उन तरीकों में जीवित रहता है जिनसे वह आज भी हमारे अस्तित्व को...

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद से लेनी पड़ेगी अनुमति

चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने हेतु सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के संबंध में शासन से दिशा निर्देश जारी हुए हैं।...

देहरादून : धामी कैबिनेट की बैठक संपन्न, खास विषयों पर त्वरित निर्णय

।। राज्य कैबिनेट ने कुल 12 प्रस्तावों को दी मंजूरी ।। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता,...

इतिहास के पन्नो से : अपना दायां अंगूठा दिखाना चाहिए और हम दिखायेंगे भी – दादा दौलतराम खुगशाल

By - dr. Arun Kuksal   दादा दौलतराम खुगशाल (मार्च, 1891- 3 फरवरी, 1960) टिहरी रियासत के विरुद्ध जन-संघर्षों का अग्रणी व्यक्तित्व- ‘‘आज तक राजा ने हमको पढ़ने-लिखने...

जिलाधिकारी के शख्त निर्देश, कहा आपदा के दौरान सभी विभाग बनायें समन्वय

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद देहरादून में आगामी मानसून एवं संभावित आपदा परिस्थितियों के दृष्टिगत आपदा प्रबंधन संबंधी...

जब वरिष्ठ पत्रकार चारू तिवारी ने वैज्ञानिक डी० डी० पंत को देखा

सुप्रसिद्ध भौतिकशास्त्री और हिमालय के चिंतक प्रो. डीडी पंत की पुण्यतिथि (11 जून, 2008) पर विशेष हमारे हिस्से के प्रो. डीडी पंत - चारु तिवारी By...

केतन लाल की निर्मम हत्या की चहुंओर चर्चा, समाज पर बड़ा कलंक।

By - Prem Pancholi   सोशल मीडिया पर जिस तरह से प्रतापनगर के ओण पट्टी के देवल गांव निवासी अनुसूचित जाति के किशोर केतन लाल की...

आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए सरकारी वर्जिश

वैज्ञानिक योजना, कुशल प्रशासन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के जरिए आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि...

पर्यावरण दिवस : पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा ने किया कृषि अनुसंधान संस्थान में वृक्षारोपण

विश्व पर्यावरण दिवस पर IATR देहरादून में पौधारोपण एवं गोष्ठी का आयोजन। पद्मश्री प्रेम चंद शर्मा ने छात्रों को मोरिंगा और पंच पल्लव के...