उद्यान पंडित कुन्दन सिंह पंवार जी अपने नारायणी उद्यान जो जनपद टिहरी गढ़वाल,जौनपुर , नैनबाग , पाव में मसूरी से 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है में प्लम की उच्च घनत्व की बागवानी कर रहे हैं।
पंवार जी बताते हैं कि -“प्लम की उच्च घनत्व की बागवानी” याने प्रति इकाई क्षेत्र फल में अधिक पौधे लगा कर उत्पादकता बढ़ाना।आधुनिक प्लम की खेती को उच्च घनत्व वाली खेती भी कहा जाता है। पारंपरिक बगीचे की तुलना में इसमें प्रति इकाई पेड़ों की संख्या अधिक होती है जिससे उत्पादन प्रति इकाई सात से आठ गुना तक बढ़ाया जा सकता है। पारंपरिक विधि में लाइन से लाइन की दूरी एवं लाइन में पौध से पौध की दूरी 20×20 फीट (110 पौधे / एकड) तक होती है। पल्म में उच्च घनत्व में 12×6 फीट पर कुल पौध रोपण 615 पेड/एकड़ होता है, इस प्रणाली में मैरियाना -2624 (ड्वार्फ रुट स्टाक) इन्टर स्टाक पर तैयार प्लम के पौधों का रोपण किया गया तथा उचित कटाई छंटाई कर पौधों को एक निश्चित आकार दिया गया साथ ही सहारा देने हेतु एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम का निर्माण किया गया इस कार्य में डा० ब्रजेश गुप्ता संयुक्त निदेशक उद्यान का विशेष रूप से सहयोग रहा।
न बादल फटा, न ग्लेशियल झील… वैज्ञानिक अध्ययन में खुलासा: श्रीकांता ग्लेशियर से बर्फ का बड़ा हिस्सा गिरने से हुआ था धराली हादसा।
.......................
5 अगस्त...
न बादल फटा, न ग्लेशियल झील… वैज्ञानिक अध्ययन में खुलासा: श्रीकांता ग्लेशियर से बर्फ का बड़ा हिस्सा गिरने से हुआ था धराली हादसा।
.......................
5 अगस्त...
- खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर।
- दून पुस्तकालय में संगीताजंलि की शानदार होली प्रस्तुति
दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के एम्फीथियेटर में आज संगीतांजली शास्त्रीय...
विज्ञान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में।
By - Neeraj Uttarakhandi
पुरोला विकासखंड के अंतर्गत राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में राष्ट्रीय...
स्पैक्स संस्था ने होली के प्राकृतिक रंगों पर दून पुस्तकालय में बच्चों को दी जानकारी।
..........
दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में ‘स्पेक्स’ संस्था के सहयोग...
जनगणना-2027 की डिजिटल तैयारियां शुरू, देहरादून में 25-27 फरवरी तक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
चार्ज अधिकारियों से लेकर सेन्सस क्लर्क तक, सभी ले रहे डिजिटल...
स्कूल ऑफ थॉट्स, श्रीनगर (गढ़वाल), भारतीय-हिमालयी ज्ञान परंपरा, मुख्य वक्ता- प्रो. मोहन पंवार।
भारतीय : हिमालय ज्ञान परंपरा पर अपनी बात शुरू करते हुए मुख्य...