गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारती श्रमजीवी पत्रकार संगठन ने देहरादून स्थित राज्य स्तरीय कार्यालय में एक विशेष आयोजन किया है। संगठन ने इस वर्ष से निर्णय लिया कि हर वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर ऐसे लोगों को सम्मानित किया जाएगा जो समाजसेवा के प्रति उल्लेखनीय कार्य कर रहे हो।
बता दें कि 77वें गणतंत्र दिवस के इस आयोजन में भारती श्रमजीवी पत्रकार संगठन ने देहरादून की
अंतर्मन सोसाइटी की निदेशक सुषमा बछेती को “श्रमश्रेष्ठ सम्मान” से नवाजा है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार चंद्रवीर गायत्री ने बताया कि यह परंपरा गणतंत्र दिवस के अवसर पर भविष्य में भी निरंतर बनी रहेगी। श्री गायत्री ने बताया कि सुषमा बछेती पिछले कई सालों से देहरादून सहित राज्य के अलग अलग स्थानों में गरीब, पीड़ितों की हर संभव मदद करती है। वे देहरादून में माह में लगभग 500 लोगो से भी अधिक को भोजन उपलब्ध करवाती है। इसलिए संगठन ने इनकी लोक सेवा को देखते हुए उन्हें सम्मानित किया है। दूसरी तरफ संगठन के प्रदेश महामंत्री राजीव थपलियाल ने कहा कि भारती श्रमजीवी पत्रकार संगठन जल्द ही प्रदेश का भ्रमण करेगा। विभिन्न जिलों में तैनात श्रमजीवी पत्रकारों की समस्या को समझने का प्रयास करेगा और सरकार से इन समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई के लिए कहा जाएगा। उन्होंने अपने संबोधन में सुषमा बछेती को बधाई देते हुए कहा कि सुषमा बछेती समाजसेवी के लिए राज्य की एक उपलब्धि है। वे मूकदर्शक होकर जनसेवा में लगी रहती है।
इस अवसर पर भारती श्रमजीवी पत्रकार संगठन के गढ़वाल प्रभारी नवल खाली ने बताया कि संगठन इस तरह के कार्यक्रम प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी संचालित करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले दिनों में संगठन के राज्यस्तरीय अधिवेशन में भी इसी तरह के विशेष रचनात्मक कार्य करने वालों को भी मंच दिया जाएगा। जिसकी तैयारी वे कर रहे है।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित इस सम्मान समारोह को संबोधित करती हुई समाजसेवी सुषमा बछेती ने कहा कि प्रदेश के सबसे बड़े मीडिया संगठन ने उन्हें जिस तरह से सम्मान दिया उसके बाद उनकी जिम्मेदारियों और अधिक बढ़ गई है। कहा कि वे अपने कार्यों को अब और अधिक तेजी से संपन्न कर पाएगी। उन्होंने धन्यवाद देते हुए कहा कि यह सम्मान सिर्फ उनके लिए ही नहीं बल्कि उन सभी के लिए है जिनके साथ वह समाज कार्यों में जुड़ी है। इस दौरान भारती श्रमजीवी पत्रकार संगठन के वरिष्ठ सदस्य और अन्य मीडिया के साथियों ने अपने अपने विचार व्यक्त किए है।







