Dr. Pawan Kudwan
1967 ई. में संवैधानिक जनजातीय पहचान जौनसार-बावर को प्राप्त हुई, किंतु जनजातीय मूल स्वरूप भौगोलिक एवं सामाजिक आधार अतीत से रहा. रीति-रिवाज...
Dr. Pawan Kudwan
आर्थिक समृद्धि का त्यौहारी प्रोटोकॉल 'बाजारवाद' शहरी सभ्यता में आधुनिकता तो देती है किंतु प्राकृतिक अर्थात स्वाभाविक जीवनशैली की स्वछंदता एवं स्वतंत्रता...
चेन्नई में आयोजित ‘इंडिया इंटरनेशनल फिल्म टूरिज्म कॉन्क्लेव में उत्तराखंड फिल्म नीति की हुई सराहना
तमिल फिल्म इंडस्ट्री ने दिखाई उत्तराखण्ड में फिल्मांकन...