हम-सबके अपने-अपने ‘वो साल चौरासी’
By Dr. Arun kuksal
‘‘...द ल्वाळआ कळया, अफुथैंन भारी हीरो समझदी क्य! पर क्य कन यार...त्वे दिख्याँ बिना भि नि रयेंदु!...
चेन्नई में आयोजित ‘इंडिया इंटरनेशनल फिल्म टूरिज्म कॉन्क्लेव में उत्तराखंड फिल्म नीति की हुई सराहना
तमिल फिल्म इंडस्ट्री ने दिखाई उत्तराखण्ड में फिल्मांकन...