Friday, May 15, 2026
Home उत्तराखंड प्रधानमंत्री का उत्तराखंड के प्रति अटूट प्रेम-स्नेह का नतीजा है केदारनाथ रोपवे...

प्रधानमंत्री का उत्तराखंड के प्रति अटूट प्रेम-स्नेह का नतीजा है केदारनाथ रोपवे की मंजूरी- महाराज

प्रधानमंत्री का कथन कि अगला दशक उत्तराखंड का होगा यह मोदी की गारंटी का असर है

देहरादून। प्रदेश के लिए अत्यंत प्रसन्नता और गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को उत्तरकाशी जनपद स्थित गंगोत्री धाम के शीतकालीन पूजा स्थल हर्षिल-मुखबा में शीतकालीन यात्रा का संदेश देने के लिए हमारे बीच पहुंच रहे हैं। अपने दौरे से पूर्व उनका केन्द्रीय कैबिनेट से प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण सोनप्रयाग से केदारनाथ और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे को मंजूरी देना उनके उत्तराखंड के प्रति अटूट प्रेम और स्नेह को प्रदर्शित करता है।

उक्त बात प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज एवं जलागम, मंत्री सतपाल महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उत्तराखंड को रोपवे की बड़ी सौगात देने पर उनका आभार व्यक्त करते हुए कही। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक क्षण है कि उनकी कैबिनेट ने नेशनल रोपवे डेवलपमेंट प्रोग्राम-पर्वतमाला परियोजना के तहत उत्तराखंड में सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 12.9 किलोमीटर लंबी रोपवे परियोजना को मंजूरी दी है, जिसकी कुल लागत 4,081.28 करोड़ रुपये है। इससे सबसे बड़ा लाभ यह है कि मौजूदा समय में 8-9 घंटे लगने वाली यात्रा घटकर मात्र 36 मिनट रह जाएगी। केदारनाथ रोपवे से यात्रा का समय 8-9 घंटे से घटकर 36 मिनट हो जाएगा।

महाराज ने केंद्रीय कैबिनेट के फैसले का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी का पर्वतमाला परियोजना के तहत गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक 12.4 किलोमीटर लंबी रोपवे परियोजना के विकास को मंजूरी दिए जाने पर भी प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सोच एवं गारंटी का ही परिणाम है कि पर्वतमाला परियोजना के तहत रोपवे निर्माण को केन्द्रीय कैबिनेट की मोहर लगाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शीद्ध कर दिया है कि आने वाला दशक उत्तराखंड का होगा।

RELATED ARTICLES

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

सरला बहन का बचाया जंगल अंतिम सांस गिन रहा है।

क्या अनियोजित विकास की भेंट चढ़ते रहेंगे जंगल? ------------------ सरला बहन का बचाया जंगल अंतिम सांस गिन रहा है। -------------------- By - Suresh bhai उत्तराखंड में बागेश्वर जिले के...

वाइब्रेंट विलेज : हर्षिल घाटी में नेचुरलिस्ट प्रशिक्षण आरंभ

तेज़ बारिश और पहाड़ी तूफ़ान के बीच हर्षिल घाटी में नेचुरलिस्ट प्रशिक्षण का सफल शुभारंभ। वाइब्रेंट विलेज’ पहल को मिला नया आयाम। By - Prem...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम। स्पार्क टेक्नोलॉजीज , स्पेक्स एवं...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

ट्राइकोग्रामा एक उत्तम प्राकृतिक खेती की तकनीकी। पढ़े पूरी रिपोर्ट

ट्राइकोग्रामा एक सूक्ष्म परजीवी ततैया है जो हानिकारक कीड़ों के अंडों पर हमला करता है। यह लगभग 200 प्रकार के नुकसानदायक कीटों के अंडों...

स्मृति शेष : बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान

बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान   By - Vinod Arya   सामाजिक न्याय, शिल्पकार चेतना और समानता के महान अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य जी (12 मई...

वरिष्ठ साहित्यकार राम प्रकाश अग्रवाल कण की पुस्तक का लोकार्पण।

पुस्तक लोकार्पण "मॉं जिसके गोद में सभ्यताएं पलीं" लेखक - राम प्रकाश अग्रवाल कण, प्रकाशन - समय साक्ष्य (देहरादून)   By - Neeraj Naithani ।।   लैंसडाउन चौक स्थित...

तुलसी माला को लेकर क्यों विरोध कर रहे हैं बद्रीनाथवासी? पढ़े पूरी रिपोर्ट

By - Sanjana bhagwat   बद्रीनाथ धाम में तुलसी माला को लेकर बामणी गांव के लोगों द्वारा किया जा रहा विरोध केवल एक व्यापारिक विषय नहीं,...

12 मई विशेषांक : शिल्पकारों के उत्थान के लिए लड़ते रहे बलदेव सिंह आर्य।

‘जातीय जड़ता जाने का जश्न मनायें’। उत्तराखण्ड के शिल्पकार वर्ग में सामाजिक-शैक्षिक चेतना के अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य (12 मई, 1912 से 22 दिसम्बर, 1992)...

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह : उफ्तारा

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह। फिल्म परिषद का कार्यालय शीघ्र। सी.ई.ओ. बंशीधर तिवारी का उफतारा ने जताया आभार। दूरदर्शन और संस्कृति विभाग को...