Sunday, June 28, 2026
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यूसर्क ने किया चतुर्थ विज्ञान प्रयोगधर्मी महिला सम्मान-2025’’ का आयोजनl।

यूसर्क ने किया चतुर्थ विज्ञान प्रयोगधर्मी महिला सम्मान-2025’’ का आयोजनl।

 

कार्यक्रम में विज्ञान के सहयोग से समाज में अनुकरणीय कार्य करने वाली 09 महिलाओं को तृतीय ‘विज्ञान प्रयोगधर्मी महिला सम्मान’ एवं 07 चतुर्थ ‘विज्ञान प्रयोगधर्मी महिला सम्मान’ प्रदान किया गया।

 

उत्तराखण्ड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केन्द्र (यूसर्क), देहरादून ने आज ‘चतुर्थ विज्ञान प्रयोगधर्मी महिला सम्मान-2025’का आयोजन सी.आई.एम.एस. संस्थान, कुंआवाला देहरादून में किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में यूसर्क की निदेशक प्रो0 (डा0) अनीता रावत ने अतिथियों का स्वागत एवं कार्यक्रम की सम्पूर्ण रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि यूसर्क द्वारा उत्तराखण्ड राज्य में विज्ञान के अनुप्रयोगों से समाज में विशिष्ट अनुकरणीय कार्य करने वाली सुदूर ग्रामीण महिलाओं को चिन्हित कर एवं उनकी स्थिति को सुदृढ, रोजगारपरक बनाने एवं शिक्षित करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। इसी उद्देश्य से विगत चार वर्षों से प्रगतिशील महिला उद्यमियों को विज्ञान प्रयोगधर्मी सम्मान से सम्मानित किया जा रहा है जिनके द्वारा राज्य में सफल अनुप्रयोगों के द्वारा उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किये गये है जो कि अन्य महिलाओं के लिये भी प्रेरणा स्रोत सिद्ध होगें।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नगर निगम आयुक्त नमामी बसंल, आई.ए.एस. नगर निगम, देहरादून ने अपने सम्बोधन में कहा कि हमको अपने आस-पास की बालिकाओं, महिलाओं को मार्गदर्शन, दिशा देने तथा उनके करियर व आजीविका के लिये सतत् प्रयास करने होंगे ताकि उनका सामाजिक एवं आर्थिक विकास हो सके। उन्होंने कहा कि हम सभी को महिलाओं को उनके अधिकार, घरेलू हिंसा एवं उनके विरूद्ध होने वाले विभिन्न प्रकार के अपराधों के लिये व्यापक जागरूकता के लिए मिलकर कार्य करना होगा।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रतिभाग करते हुए लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर जगमोहन सिंह राणा ने अपने संबोधन में उत्तराखंड के गढ़वाल एवं कुमाऊं के समृद्ध दूरस्थ इलाकों के उदाहरण देते हुए समझाया कि किस तरीके से इन इलाकों में महिलाओं के सामूहिक योगदान ने पलायन को रोकने में मदद मिली है और इसी मॉडल को उन्होंने पूरे उत्तराखंड में लागू करने की बात कही l उत्तराखंड का विकास तभी हो सकता है जब सामूहिक रूप से महिलाओं का विकास होगा तथा साथ ही उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय स्तर के विभिन्न अनुभवों को विद्यार्थियों के मध्य साझा किया l
कार्यक्रम की अति विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रतिष्ठित समामाजिक कार्यकर्ता एवं शिक्षाविद् रंजना रावत ने कहा कि राज्य के विकास में पर्वतीय महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। हमें महिलाओं के अधिकार एवं राज्य की ग्रामीण महिलाओं के सर्वागींण विकास हेतु मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है। यूसर्क द्वारा आयोजित प्रयोगधर्मी सम्मान निश्चित रूप से ग्रामीण महिलाओं के उत्थान में सहायक सिद्ध होगा।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सी0आईएम0एस0, देहरादून के एडवोकेट ललित जोशी ने अपने सम्बोधन में उपस्थिति प्रतिभागियों से कहा कि ग्रामीण क्षत्रों में महिला उद्यमियों के लिये स्थिति अभी भी अपेक्षानुकुल नहीं है। ग्रामीण उद्यमिता के क्षेत्र में अनेको विषम परिस्थितियां एवं कठिन चुनौतियां है। हमें सफल महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित कर इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए यूसर्क की वैज्ञानिक डा0 ओम प्रकाश नौटियाल ने उपस्थित सभी अतिथियों का परिचय कराया।
यूसर्क की वैज्ञानिक डा0 मन्जू सुन्दरियाल ने कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यूसर्क द्वारा राज्य के 09 जिलों से कुल 16 ग्रामीण उद्यमी महिलाओं को विज्ञान प्रयोगधर्मी सम्मान से सम्मानित किया जा रहा है, जिनके सफल अनुप्रयोगों को अन्य जिलों में भी दोहराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में विज्ञान के सहयोग से समाज में अनुकरणीय कार्य करने वाली 09 महिलाओं को तृतीय ‘विज्ञान प्रयोगधर्मी महिला सम्मान’ एवं 07 चतुर्थ ‘विज्ञान प्रयोगधर्मी महिला सम्मान’ को प्रदान किया गया, जिसके अन्तर्गत कुल 16 महिलाओं को पुरस्कार स्वरूप रू0 5000 की धनराशि, प्रशस्ति पत्र, शाॅल एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों द्वारा यूसर्क के तृतीय एवं चतुर्थ महिला प्रयोगधर्मी सम्मान से सम्मानित 16 महिलाओं की सूचीः
तृतीय महिला प्रयोगधर्मी
1. सुश्री कविता पाल, कविता आॅर्गेनिक्स डोईवाला, देहरादून
2. श्रीमती भवानी देवी, लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह, ग्राम-सोनला, चमोली
3. श्रीमती सरोजनी देवी, ग्राम-गिरसा, पो0आ0 जिलासू, चमोली
4. श्रीमती शिवानी बिष्ट, ग्राम-मानघेर, पो0आ0 सुन्दरखाल, नैनीताल
5. श्रीमती अनुप्रिया रावत, हर्षिल, उत्तरकाशी
6. श्रीमती दीपा पाण्डेय, हल्द्वानी मशरूम हाउस, हीरानगर, हल्द्वानी
7. श्रीमती ऊषा देवी, ग्राम-कुण्ड, नौगांव, उत्तरकाशी
8. श्रीमती सीता देवी, दुवाकोटी नरेन्द्र नगर, टिहरी गढ़वाल
9. नीलम सिंह नेगी नीलकंठ, गौ पथ सेवा, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखण्ड

चतुर्थ महिला प्रयोगधर्मी
1. श्रीमती मंजु रावत, हल्दूखाता, कलालघाटी, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखण्ड
2. श्रीमती अनुसूया देवी, मैठाणा, द्वारीखाल, पौड़ी गढ़वाल
3. श्रीमती तुलसी मेहरा, अध्यक्ष, गायत्री क्लस्टर, श्यामपुर ग्राम-हरिपुर कलां
4. श्रीमती सुनीता देवी, सल्ट, अल्मोड़ा
5. श्रीमती भगवती देवी, धतूरीखत्ता, झीमार, अल्मोड़ा
6. श्रीमती लक्ष्मी मिश्रा, अध्यक्ष, संरक्षण सामाजिक सोसाईटी, देहरादून
7. श्रीमती चेतना टम्टा, ग्राम-उडेरखानी, बागेश्वर
कार्यक्रम में मुख्य रूप से यूसर्क के वैज्ञानिक डा0 ओम प्रकाश नौटियाल, डा0 राजेन्द्र सिंह राणा, ई0 उमेश चन्द्र जोशी, ई0 ओमप्रकाश, ई0 राजदीप जंग द्वारा सक्रिय सहयोग प्रदान किया गया। सहित लगभग 300 से अधिक लोग उपस्थित थे।

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