Sunday, June 28, 2026
Home उत्तराखंड उत्तराखंड सरकार ने ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना’ के तहत मिलने वाली सब्सिडी...

उत्तराखंड सरकार ने ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना’ के तहत मिलने वाली सब्सिडी बंद करने का लिया फैसला 

यह बदलाव 31 मार्च 2025 के बाद किए गए नए आवेदनों पर होगा लागू 

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना’ के तहत घरेलू छतों पर सोलर प्लांट लगाने वाले उपभोक्ताओं को मिलने वाली राज्य की 51 हजार रुपये तक की सब्सिडी बंद करने का फैसला लिया है। अब उपभोक्ताओं को केवल केंद्र सरकार की अधिकतम 85,800 रुपये की सब्सिडी पर ही निर्भर रहना होगा। यह बदलाव 31 मार्च 2025 के बाद किए गए नए आवेदनों पर लागू होगा।

इससे पहले, योजना के तहत एक किलोवाट के सोलर प्लांट पर केंद्र सरकार 33 हजार और राज्य सरकार 34 हजार रुपये की सब्सिडी देती थी। दो किलोवाट पर केंद्र से 66 हजार और राज्य से 34 हजार, जबकि तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता वाले प्लांट पर केंद्र से 85,800 और राज्य से 51 हजार रुपये की सहायता दी जाती थी।

अब नई व्यवस्था में, यदि कोई उपभोक्ता तीन किलोवाट का सोलर प्लांट लगाना चाहता है, तो उसे लगभग 1,29,200 रुपये अपनी जेब से खर्च करने होंगे। पहले यही लागत 78,200 रुपये आती थी। यानी अब उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर 51 हजार रुपये तक का अतिरिक्त खर्च उठाना होगा।

राज्य सरकार का कहना है कि यह फैसला केंद्र सरकार के सुझाव पर लिया गया है, जिसमें राज्यों से अनुरोध किया गया था कि वे केंद्र की योजनाओं में अपनी सब्सिडी देने के बजाय, उस राशि का उपयोग अन्य स्थानीय योजनाओं में करें। इसके तहत यूपीसीएल (उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड) को निर्देश दिया गया है कि अब उपभोक्ताओं को आवेदन करते समय स्पष्ट रूप से बताया जाए कि राज्य की ओर से कोई सब्सिडी नहीं मिलेगी।

हालांकि, प्रमुख सचिव ऊर्जा आर. मीनाक्षी सुंदरम ने स्पष्ट किया है कि 31 मार्च 2025 तक किए गए आवेदनों पर पुरानी व्यवस्था लागू रहेगी और उन्हें राज्य सब्सिडी का लाभ मिलेगा।

इस निर्णय से सोलर पैनल लगाने के इच्छुक उपभोक्ताओं को निराशा हो सकती है, क्योंकि अब उन्हें अधिक निवेश करना पड़ेगा।

वहीं इस फैसले पर वेंडरों ने रोष व्यक्त किया है | उनका कहना है की सरकार को इस फैसले पर लिखित रूप से आदेश जारी करने चाहिए।

RELATED ARTICLES

अतीत का प्रतिशोध नहीं लिया जा सकता, उसे केवल समझा जा सकता है : IAS शशि रंजन कुमार

By - Prem Pancholi ।। अतीत हमारी स्मृतियों में, खंडहरों में, और उन तरीकों में जीवित रहता है जिनसे वह आज भी हमारे अस्तित्व को...

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद से लेनी पड़ेगी अनुमति

चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने हेतु सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के संबंध में शासन से दिशा निर्देश जारी हुए हैं।...

देहरादून : धामी कैबिनेट की बैठक संपन्न, खास विषयों पर त्वरित निर्णय

।। राज्य कैबिनेट ने कुल 12 प्रस्तावों को दी मंजूरी ।। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता,...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

एथलीट संदीप गुसाई बना उत्तरकाशी विधिक सेवा प्राधिकरण एंबेसडर

जनसामान्य में नशा उन्मूलन, विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्थान एवं खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी द्वारा संदीप गुंसाई...

अतीत का प्रतिशोध नहीं लिया जा सकता, उसे केवल समझा जा सकता है : IAS शशि रंजन कुमार

By - Prem Pancholi ।। अतीत हमारी स्मृतियों में, खंडहरों में, और उन तरीकों में जीवित रहता है जिनसे वह आज भी हमारे अस्तित्व को...

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद से लेनी पड़ेगी अनुमति

चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने हेतु सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के संबंध में शासन से दिशा निर्देश जारी हुए हैं।...

देहरादून : धामी कैबिनेट की बैठक संपन्न, खास विषयों पर त्वरित निर्णय

।। राज्य कैबिनेट ने कुल 12 प्रस्तावों को दी मंजूरी ।। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता,...

इतिहास के पन्नो से : अपना दायां अंगूठा दिखाना चाहिए और हम दिखायेंगे भी – दादा दौलतराम खुगशाल

By - dr. Arun Kuksal   दादा दौलतराम खुगशाल (मार्च, 1891- 3 फरवरी, 1960) टिहरी रियासत के विरुद्ध जन-संघर्षों का अग्रणी व्यक्तित्व- ‘‘आज तक राजा ने हमको पढ़ने-लिखने...

जिलाधिकारी के शख्त निर्देश, कहा आपदा के दौरान सभी विभाग बनायें समन्वय

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद देहरादून में आगामी मानसून एवं संभावित आपदा परिस्थितियों के दृष्टिगत आपदा प्रबंधन संबंधी...

जब वरिष्ठ पत्रकार चारू तिवारी ने वैज्ञानिक डी० डी० पंत को देखा

सुप्रसिद्ध भौतिकशास्त्री और हिमालय के चिंतक प्रो. डीडी पंत की पुण्यतिथि (11 जून, 2008) पर विशेष हमारे हिस्से के प्रो. डीडी पंत - चारु तिवारी By...

केतन लाल की निर्मम हत्या की चहुंओर चर्चा, समाज पर बड़ा कलंक।

By - Prem Pancholi   सोशल मीडिया पर जिस तरह से प्रतापनगर के ओण पट्टी के देवल गांव निवासी अनुसूचित जाति के किशोर केतन लाल की...

आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए सरकारी वर्जिश

वैज्ञानिक योजना, कुशल प्रशासन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के जरिए आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि...

पर्यावरण दिवस : पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा ने किया कृषि अनुसंधान संस्थान में वृक्षारोपण

विश्व पर्यावरण दिवस पर IATR देहरादून में पौधारोपण एवं गोष्ठी का आयोजन। पद्मश्री प्रेम चंद शर्मा ने छात्रों को मोरिंगा और पंच पल्लव के...