Sunday, June 28, 2026
Home crime पुलिस की चेन ऑफ कमांड चढ़ चुकी है भ्रष्टाचार की भेंट।

पुलिस की चेन ऑफ कमांड चढ़ चुकी है भ्रष्टाचार की भेंट।

By – Prem Pancholi

यह हर कोई देख रहा है कि पिछले दो वर्षों से कोई पुलिस पेट्रोलिंग नहीं दिखाई दे रही है। इधर पुलिस की “चेन ऑफ कमांड” भ्रष्टाचार के कारण ध्वस्त दिख रही है। शिकायतो पर जनता की फीडबैक खत्म दिखाई दे रही है। जनता और पुलिस के मध्य का समन्वय टूट चुका है। तो यही कहा जाएगा कि इस कारण भी राजधानी देहरादून और अन्य जगह हिस्ट्रीशीटर, गैंगस्टर आदि बदमाशों के लिए यहां ऐशगाह का अड्डा बना हुआ है। जब परिस्थितियां ही ऐसी है तो ऐसे बदमाश यहां की जगह क्यों छोड़ेंगे? यहीं गुंडागर्दी फैलाएंगे। शांत वादियों को अशांत करेंगे।

उत्तराखंड की अस्थाई राजधानी देहरादून से लेकर कुमाऊं द्वार हल्द्वानी तक पिछले 14 दिनों के भीतर कई जघन्य अपराध और हत्याकांड की खबरें सामने आ रही है। जो राज्य शांति और सुकून के लिए जाना जाता है वहां अब सामान्य नागरिक डरा और सहमा सा दिखाई दे रहा है।

दरअसल यह घटना कोई कमतर नहीं है। यह घटनाएं राज्य की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर रही है। अर्थात ऐसे बदमाशों को कौन यहां “सह” दे रहा है? यथा एक मां ने बेटे को मरवाने के लिए सुपारी दी। झारखंड का बदमाश देहरादून में मारा जाता है। हल्द्वानी में दो प्रेमी जोड़ो को पत्थर से मौत के घाट उतार जाता है। यह दिल दहला देनी वाली घटना जितना फजीहत राज्य सरकार की कर रही है उससे अधिक राज्य की पुलिस की ओर संकेत कर रही है कि पुलिस की परफॉर्मेस कहां पर है। जबकि यह भी प्रश्न उठ रहा है कि जो ये बदमाश देहरादून आदि जगहों पर डेरा डाले हुए है उन्हें प्रवास कैसे मिल जाता है? क्या उन मकान मालिक की तरफ से किराया बाबत पुलिस वेरिबिकेशन नहीं होता है। अथवा यदि बदमाश यहां मकान या अपार्टमेंट खरीदकर भी रहा है तो रजिस्ट्री करते वक्त जमानती व्यक्ति ही बदमाश का नजदीकी है। यानी बदमाशों को जानने वाला सख्श पहले से ही यथा स्थान मौजूद है। पुलिस को चाहिए कि वे इस तरफ भी अपनी कार्रवाई तेज करें।

ज्ञात हो कि इस तरह की वारदाते कभी बीते जमाने में पश्चिम यूपी की तरफ से आती थी। जहां देशभर के बदमाश जड़े जमाए रखते थे। अब पिछले कुछ समय से देहरादून और हल्द्वानी आदि जगहों से गुंडों और बदमाशों द्वारा घटित वारदाते सबसे अधिक सामने आ रही है। माना कि एक महिला ने अपने बेटे को मरवाने बाबत सुपारी दी है। वह भी अपने चालक के मार्फत। इससे स्पष्ट हो रहा है कि उक्त परिवार का चालक गुंडों का एजेंट है और सुपारी लेने वाले गुंडों का अड्डा देहरादून में है। जो भविष्य में और भी वारदाते कर सकते है। समझना यही है कि जब इन गुंडों पर पुलिस कार्रवाई हो रही थी तो इन्होंने पुलिस पर पलटकर वार हमला किया है। अर्थात यह गुंडे देहरादून में ही फल फूल रहे है। और अपने को देहरादून में ही सुरक्षित रखे हुए है। ताज्जुब तब होती है जब इतने बड़े बदमाश देहरादून की पुलिस की नजर में नहीं आते है। इसीलिए बार बार सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्न खड़ा हो रहा है।

ताज्जुब हो कि झारखंड का बदमाश भी देहरादून में शरण लिए हुए था। ऐसे में अंदेशा हो रहा है कि क्या ऐसे बदमाश और भी होंगे जो देहरादून में ही छुपे होंगे? इस तरह का संशय लोगो के मन में बार बार कौंध रहा है। जिसका जबाव पुलिस के पास ही हो सकता है। पर संशय बरकरार है कि क्या सरकार और पुलिस के मध्य समन्वय की कमी है। क्या पुलिस किसी राजनीतिक दबाव में काम कर रही है। क्या बदमाश सत्ता के नजदीक है। इन तमाम सवालों के ज़बाब बदमाशों पर की जाने वाली कठोर कार्रवाई ही दे सकती है।

RELATED ARTICLES

एथलीट संदीप गुसाई बना उत्तरकाशी विधिक सेवा प्राधिकरण एंबेसडर

जनसामान्य में नशा उन्मूलन, विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्थान एवं खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी द्वारा संदीप गुंसाई...

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद से लेनी पड़ेगी अनुमति

चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने हेतु सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के संबंध में शासन से दिशा निर्देश जारी हुए हैं।...

देहरादून : धामी कैबिनेट की बैठक संपन्न, खास विषयों पर त्वरित निर्णय

।। राज्य कैबिनेट ने कुल 12 प्रस्तावों को दी मंजूरी ।। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता,...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

एथलीट संदीप गुसाई बना उत्तरकाशी विधिक सेवा प्राधिकरण एंबेसडर

जनसामान्य में नशा उन्मूलन, विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्थान एवं खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी द्वारा संदीप गुंसाई...

अतीत का प्रतिशोध नहीं लिया जा सकता, उसे केवल समझा जा सकता है : IAS शशि रंजन कुमार

By - Prem Pancholi ।। अतीत हमारी स्मृतियों में, खंडहरों में, और उन तरीकों में जीवित रहता है जिनसे वह आज भी हमारे अस्तित्व को...

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद से लेनी पड़ेगी अनुमति

चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने हेतु सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के संबंध में शासन से दिशा निर्देश जारी हुए हैं।...

देहरादून : धामी कैबिनेट की बैठक संपन्न, खास विषयों पर त्वरित निर्णय

।। राज्य कैबिनेट ने कुल 12 प्रस्तावों को दी मंजूरी ।। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता,...

इतिहास के पन्नो से : अपना दायां अंगूठा दिखाना चाहिए और हम दिखायेंगे भी – दादा दौलतराम खुगशाल

By - dr. Arun Kuksal   दादा दौलतराम खुगशाल (मार्च, 1891- 3 फरवरी, 1960) टिहरी रियासत के विरुद्ध जन-संघर्षों का अग्रणी व्यक्तित्व- ‘‘आज तक राजा ने हमको पढ़ने-लिखने...

जिलाधिकारी के शख्त निर्देश, कहा आपदा के दौरान सभी विभाग बनायें समन्वय

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद देहरादून में आगामी मानसून एवं संभावित आपदा परिस्थितियों के दृष्टिगत आपदा प्रबंधन संबंधी...

जब वरिष्ठ पत्रकार चारू तिवारी ने वैज्ञानिक डी० डी० पंत को देखा

सुप्रसिद्ध भौतिकशास्त्री और हिमालय के चिंतक प्रो. डीडी पंत की पुण्यतिथि (11 जून, 2008) पर विशेष हमारे हिस्से के प्रो. डीडी पंत - चारु तिवारी By...

केतन लाल की निर्मम हत्या की चहुंओर चर्चा, समाज पर बड़ा कलंक।

By - Prem Pancholi   सोशल मीडिया पर जिस तरह से प्रतापनगर के ओण पट्टी के देवल गांव निवासी अनुसूचित जाति के किशोर केतन लाल की...

आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए सरकारी वर्जिश

वैज्ञानिक योजना, कुशल प्रशासन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के जरिए आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि...

पर्यावरण दिवस : पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा ने किया कृषि अनुसंधान संस्थान में वृक्षारोपण

विश्व पर्यावरण दिवस पर IATR देहरादून में पौधारोपण एवं गोष्ठी का आयोजन। पद्मश्री प्रेम चंद शर्मा ने छात्रों को मोरिंगा और पंच पल्लव के...