Friday, March 6, 2026
Home स्वास्थ्य मलेरिया के इलाज के बाद भी रहती है कमजोरी और थकान, इन...

मलेरिया के इलाज के बाद भी रहती है कमजोरी और थकान, इन योगासनों का करे अभ्यास, मिलेगा लाभ

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, मलेरिया एक जानलेवा बीमारी है जो संक्रमित मादा एनाफिलीज मच्छरों के काटने से फैलती है। आमतौर पर मलेरिया वातावरण में नमी या बरसात के मौसम में जमा पानी के कारण हो सकता है। मलेरिया के मच्छर के काटने के कुछ सामान्य लक्षण हैं, जैसे बुखार, सिरदर्द, उल्टी आना, ठंड लगना, थकान होना, चक्कर आना और पेट में दर्द होना।

मलेरिया के इलाज के लिए करीब दो सप्ताह दवाइयां चलती हैं। हालांकि मलेरिया के इलाज के बाद भी कमजोरी और थकान बनी रहती है। मलेरिया के बाद शरीर बहुत कमजोर हो जाता है। ऐसे में जब दवाइयों से राहत मिल जाए तो धीरे-धीरे शरीर को फिर से ऊर्जा देने के लिए योगासनों का अभ्यास करना बहुत फायदेमंद हो सकता है। इस लेख में कुछ ऐसे योगासन दिए गए हैं जो मलेरिया से ठीक हो रहे मरीजों के लिए बेहद लाभकारी हैं।

वज्रासन

इस आसन के अभ्यास से पाचन ठीक होता है। ये आसन शरीर को आराम देता है और दवाइयों से हुए अपच को दूर करता है। वज्रासन के अभ्यास के लिए घुटनों के बल बैठकर अपने पैरों को पीछे की ओर मोड़ें। पीठ को सीधा रखें और हाथों को घुटनों पर रखें।  गहरी सांस लेते हुए 5-10 मिनट तक इसी स्थिति में बैठें।

भुजंगासन

मलेरिया के मरीजों को थकावट होती है, जिसे दूर करने के लिए भुजंगासन का अभ्यास किया जा सकता है। इससे रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और ऊर्जा मिलती है। भुजंगासन के अभ्यास के लिए पेट के बल लेटकर हथेलियों को कंधों के नीचे रखें। सांस लेते हुए छाती को ऊपर उठाएं और नजर सामने रहे। कुछ सेकंड इसी मुद्रा में रहने के बाद धीरे से नीचे आएं।

बालासन

बालासन शरीर को विश्राम देता है। तनाव कम करता है और मानसिक ऊर्जा लौटाता है। इसके अभ्यास के लिए घुटनों के बल बैठकर सिर को जमीन पर टिकाएं और हाथों को आगे की ओर फैलाएं।

(साभार)

RELATED ARTICLES

स्वयं सेवी प्रयास ही समाज का आईना होता है – बंशीधर तिवारी

देहरादून के मोथरोवाला में ‘विचार एक नई सोच’ सामाजिक संगठन और 17 अन्य सहयोगी संस्थाओं द्वारा आयोजित "स्वास्थ्य संवाद व स्वैच्छिक रक्तदान शिविर" में...

सुबह उठते ही करें ये आसान योगासन, बिना बिस्तर छोड़े पाएँ जबरदस्त फायदे

लोग फिट तो रहना चाहते हैं लेकिन अधिक मेहनत नहीं करना चाहते। योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का प्राकृतिक उपचार है।...

क्या नींद की कमी से बढ़ सकता है वजन, आइये जानते हैं क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ

वजन घटाना आज के समय में ज्यादातर लोगों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। बढ़ते वजन-मोटापे की समस्या के साथ कई प्रकार...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

धराली आपदा : वैज्ञानिकों ने किया खुलासा, एक बड़े ग्लेशियर के टुकड़े के टूटने से हुई तबाही।

न बादल फटा, न ग्लेशियल झील… वैज्ञानिक अध्ययन में खुलासा: श्रीकांता ग्लेशियर से बर्फ का बड़ा हिस्सा गिरने से हुआ था धराली हादसा। ....................... 5 अगस्त...

2017 तक स्टार्टअप की संख्या थी शून्य। वर्ष 2025 में बढ़कर हुई 1750

- 2024-25 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) ₹ 3,81,889 करोड़ का रहा - 2021-22 के मुकाबले जीएसडीपी में आया डेढ़ गुना से ज्यादा...

एक साधारण व्यक्ति में असाधारण व्यक्तित्व की जीवन्त जीवन जीने की शब्द-यात्रा है – BARLOWGANJ AND BEYOND

- साधारण व्यक्ति का असाधारण व्यक्तित्व : प्रो. बी. के. जोशी। - प्रो. बी. के. जोशी जी के जीवनीय आत्म-संस्मरणों पर केन्द्रित पुस्तक 'BARLOWGANJ...

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान   By - Harishankar saini   कभी गड्ढों, कीचड़ और टूटे किनारों से जूझती सलान गाँव...

होली विशेषांक : खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर।

- खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर। - दून पुस्तकालय में संगीताजंलि की शानदार होली प्रस्तुति दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के एम्फीथियेटर में आज संगीतांजली शास्त्रीय...

बर्लोगंज एंड बियोंड पुस्तक का लोकार्पण

पुस्तक : बर्लोगंज एंड बियोंड   By - Dr. Yogesh dhasmana   देश के प्रसिद्ध शिक्षाविद प्रो बी के जोशी के संस्मरणों पर आधारित पुस्तक बर्लोगंज एंड बियोंड...

विज्ञान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में।

विज्ञान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में। By - Neeraj Uttarakhandi पुरोला विकासखंड के अंतर्गत राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में राष्ट्रीय...

स्पैक्स संस्था ने होली के प्राकृतिक रंगों पर दून पुस्तकालय में बच्चों को दी जानकारी।

स्पैक्स संस्था ने होली के प्राकृतिक रंगों पर दून पुस्तकालय में बच्चों को दी जानकारी। .......... दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में ‘स्पेक्स’ संस्था के सहयोग...

जनगणना की पूरी तैयारी, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगी जनगणना

जनगणना-2027 की डिजिटल तैयारियां शुरू, देहरादून में 25-27 फरवरी तक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू चार्ज अधिकारियों से लेकर सेन्सस क्लर्क तक, सभी ले रहे डिजिटल...

एक स्वस्थ परंपरा है स्कूल ऑफ थॉट्स – प्रो० पंवार

स्कूल ऑफ थॉट्स, श्रीनगर (गढ़वाल), भारतीय-हिमालयी ज्ञान परंपरा,  मुख्य वक्ता- प्रो. मोहन पंवार। भारतीय : हिमालय ज्ञान परंपरा पर अपनी बात शुरू करते हुए मुख्य...