Sunday, September 13, 2026
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युवाओं में दृश्य कला की गहरी समझ विकसित कर रहा है बंगाणी आर्ट फाउंडेशन

By – Mohan Bangani/Prem Pancholi

बंगाणी आर्ट फाउंडेशन पहाड़ का, पहाड़ के लिए, और पहाड़ के द्वारा निर्मित एक ऐसा मंच है, जिसने पिछले तीन वर्षों में अपनी बहुआयामी, बहुरंगी छतरी के नीचे 52 नवोदित, संभावनाशील और संवेदनशील चित्रकारों को एकत्र किया है। इस मंच ने न केवल इन कलाकारों को तराशने का अवसर दिया है, बल्कि कुछ विशिष्ट प्रतिभाओं को अपनी सभी गतिविधियों में निरंतर सहभागी बनाकर उन्हें आगे बढ़ाने के प्रयास भी लगातार किए हैं। साथ ही, इन कलाकारों को दृश्य कला के क्षेत्र में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका भी निभाई है।

17 जून से 22 जून 2025 तक देहरादून स्थित “काया लर्निंग सेंटर” में आयोजित होने जा रहे ‘पड़ाव आर्ट मेंटरिंग कार्यक्रम’ के बारे में बंगाणी आर्ट फाउंडेशन के संस्थापक एवं प्रख्यात चित्रकार जगमोहन बंगाणी ने जानकारी दी है कि यह कार्यक्रम फाउंडेशन द्वारा संचालित एक प्रमुख पहल है। विगत तीन वर्षों से यह कार्यक्रम उत्तराखंड में सफलतापूर्वक आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य भारत के उत्तरी हिमालयी राज्यों के उभरते कलाकारों को एक रचनात्मक मंच प्रदान करना है। यह एक आवासीय फेलोशिप कार्यक्रम है, जिसमें चयनित युवा प्रतिभाओं को समकालीन कला के विभिन्न पक्षों से परिचित कराया जाता है। कार्यक्रम के दौरान अनुभवी मेंटर्स द्वारा कार्यशालाएं, संवाद सत्र और रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं, जिनके माध्यम से प्रतिभागियों को उनकी कलात्मक दृष्टि और अभिव्यक्ति को निखारने में मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।

आवासीय मेंटरशिप से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि महानगरों और राजधानियों में दृश्य कला में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए अवसरों की कोई कमी नहीं है, लेकिन पहाड़ी राज्यों के युवाओं के लिए न तो स्थानीय और न ही राष्ट्रीय स्तर पर इस प्रकार के आयोजन देखने को मिलते हैं। ऐसे अवसर अत्यंत दुर्लभ होते हैं जहाँ वे कला के क्षेत्र में मार्गदर्शन और संवाद के माध्यम से अपनी दिशा तय कर सकें। दृश्य कला में करियर के रास्तों को समझने में ही कई बार वर्षों का समय लग जाता है। बंगाणी आर्ट फाउंडेशन इस शून्यता को भरने की एक विनम्र और सृजनात्मक कोशिश कर रहा है।

जब युवाओं को अवसर देने के संदर्भ में पूछा गया तो बंगाणी ने बताया कि पिछले पाँच वर्षों में आयोजित छह कार्यशालाओं (तीन कार्यशालाएँ — “पहाड़ के रंग” नाम (अल्मोड़ा, ऋषिकेश और सुनकिया-मुक्तेश्वर) और तीन कार्यशालाएं “पड़ाव आर्ट मेंटरिंग प्रोग्राम” (काया लर्निंग सेंटर देहरादून, कलाधाम ग्रेटर नोएडा) और अब इस चौथे ‘पड़ाव’ कार्यक्रम सहित, अकेले उत्तराखंड के 52 युवा चित्रकारों को दृश्य कला की गहरी समझ और प्रशिक्षण प्राप्त हुआ है, जिनमें 22 महिला चित्रकार शामिल हैं। इसी प्रकार, हिमाचल प्रदेश के 6 युवा चित्रकारों को भी यह मंच मिला है, जिनमें 5 महिला चित्रकार हैं। उन्होंने आगे बताया कि हमारी आरंभिक कोशिशों में हम उत्तराखंड, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख तथा हिमाचल प्रदेश की प्रतिभाओं को एक साझा मंच पर लाने की दिशा में सक्रिय हैं। हालांकि, प्रतिभा को किसी क्षेत्र विशेष तक सीमित नहीं किया जा सकता। इस दौरान हमने यह भी अनुभव किया कि संसाधनों की कमी और अवसरों का अभाव केवल पर्वतीय क्षेत्रों की समस्या नहीं है — यह चुनौती देश के विभिन्न हिस्सों में समान रूप से विद्यमान है। हमारे सीमित संसाधनों और प्रयासों के बीच आए आवेदन-पत्रों में भी यह यथार्थ झलकता है।

उत्तरकाशी के सुदूरवर्ती मोण्डा गांव से आने वाले, अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त चित्रकार जगमोहन बंगाणी ने कहा कि यह चौथा अवसर है जब पहाड़ के युवा चित्रकार पड़ाव आर्ट मेंटरिंग कार्यक्रम के माध्यम से दृश्य कला की बारीकियों पर केंद्रित होंगे और कला के विविध पक्षों से सीधे संवाद करेंगे। पड़ाव कार्यक्रम में भाग लेने के लिए फाउण्डेशन की वैबसाईट और सोशल मीडिया के माध्यम से 11 मई तक ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किये गये थे। इस वर्ष 75 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 20 युवा कलाकारों का चयन तीन सदस्यीय जूरी में शामिल उत्तराखंड के कला शिक्षक मोहन चौहान, जगमोहन बंगाणी, और चित्रकार पूनम शर्मा द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया गया। चयनित कलाकारों में उत्तराखंड से अंकित सिंह, दिव्या गुप्ता, हर्षिता लोहानी,

नीरज बेबीरी, निखिल भंडारी, निशा रावत, प्रिंसी वर्मा, ऋषभ गिरी, ऋषिका नेगी, रुचिर पंत, साक्षी चमोली, साक्षी रावत, शालिनी भंडारी तथा हिमाचल प्रदेश से जमुना गुरुंग, राघव नाहर, रूपाली, सपना चौहान, सुषमा शर्मा, सुष्मिता राय, के साथ ही मध्य प्रदेश से आमंत्रित चित्रकार दिव्या पोरवाल सम्मिलित हैं। इसके अलावा 4 अन्य चित्रकार — आकर्षण बोरा, सुगम गौड़, आकाश और अमित चौहान — जो बंगाणी आर्ट फाउंडेशन की कोर टीम के रूप में जुड़े हुए हैं, भी इस कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। ‘पड़ाव आर्ट मेंटरिंग कार्यक्रम’ में मेंटर के रूप में जगमोहन बंगाणी, पूनम शर्मा, संतोष पासी, सुभाष रावत, निधि पाँता और हिमांशु त्रिवेदी शामिल रहेंगे।

Bharti Anand Ananta
शोध, समसामयिक विषयों पर लेखन, कविता/कहानी लेखन, कंटेंट राइटर, स्क्रिप्ट राइटर, थियेटर आर्टिस्ट
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