Thursday, May 14, 2026
Home entertainment कंगना रनौत की फिल्म 'इमरजेंसी' की ओटीटी रिलीज डेट से उठा पर्दा,...

कंगना रनौत की फिल्म ‘इमरजेंसी’ की ओटीटी रिलीज डेट से उठा पर्दा, इस दिन होगी रिलीज

कंगना रनौत की फिल्म ‘इमरजेंसी’ 17 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। दर्शक इस फिल्म के ओटीटी पर रिलीज होने का इंतजार कर रहे हैं। फिल्म की अभिनेत्री कंगना रनौत ने बताया है कि ये फिल्म जल्द ही ओटीटी पर रिलीज होने वाली है। कंगना रनौत ने शुक्रवार को अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपने फैंस और फॉलोवर्स को इस बारे में जानकारी दी है।

इस तारीख को ओटटी पर होगी रिलीज
कंगना ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर जो पोस्ट साझा की है, उसमें कंगना और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी नजर आ रही हैं। पोस्ट में कंगना रनौत ने लिखा है ’17 मार्च को नेटफिलिक्स पर रिलीज हो रही है।’ फैंस ‘इमरजेंसी’ को 17 मार्च को नेटफिलिक्स पर देख सकते हैं। फिल्म 17 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म ने भारत में 21.65 करोड़ की कमाई की है।

फिल्म के बारे में
फिल्म ‘इमरजेंसी’ में कंगना रनौत ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का किरदार अदा किया है। फिल्म की कहानी ऐतिहासिक आपातकालीन दौर के आस-पास घूमती है। भारत में 1975 से 1977 तक आपातकाल लगाया गया था। कंगना रनौत ने इस फिल्म में अदाकारी करने के साथ इस फिल्म का निर्देशन भी किया है। फिल्म में अनुपम खेर, श्रेयस तलपड़े, विशाक नायर और मिलिंद सोमन हैं।

‘इमरजेंसी’ पर विवाद
‘इमरजेंसी’ फिल्म काफी पहले रिलीज होने वाली थी, लेकिन सिख बिरादरी के विरोध की वजह से इसे वक्त पर रिलीज नहीं किया जा सका। सिख बिरादरी का इल्जाम था कि फिल्म में सिखों की छवि को गलत तरीके से पेश किया गया है। पिछले साल के अगस्त महीने में सिखों के संगठन एसजीपीसी ने फिल्म निर्माताओं को कानूनी नोटिस भेजा था। नोटिस में उन्होंने इल्जाम लगाया था कि फिल्म में सिखों को गलत तरीके से दिखाया गया है। उन्होंने मांग की थी कि फिल्म से विवादित सीन को हटाएं।

(साभार)

RELATED ARTICLES

भावनात्मक रूप से व्यवस्था पर चोट करती गढ़वाली फिल्म जलमभूमि

By - Prem Pancholi   "जलमभूमि" गढ़वाली शब्द है। जिसे हम जन्मभूमि भी कह सकते है। इस शब्द को कहानी का रूप दिया गया है। जी...

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि OTT प्लेटफार्म पर भी दुनियाभर में देखी जा रही है उत्तराखंडी फिल्म

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “आवाज सुनो पहाड़ों की" द्वारा आयोजित फिल्म फेस्टिवल 2026” में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र...

युवा लेखिकाओं की कहानीयां “शाम-सवेरे” पाठकों के बीच

युवा लेखिकाओं की कहानीयां "शाम-सवेरे" पाठकों के बीच उदयन केयर द्वारा संचालित उदयन शालिनी फ़ेलोशिप (USF), देहरादून चैप्टर के तत्वावधान में बाल एवं किशोर लेखिकाओं...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम। स्पार्क टेक्नोलॉजीज , स्पेक्स एवं...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

ट्राइकोग्रामा एक उत्तम प्राकृतिक खेती की तकनीकी। पढ़े पूरी रिपोर्ट

ट्राइकोग्रामा एक सूक्ष्म परजीवी ततैया है जो हानिकारक कीड़ों के अंडों पर हमला करता है। यह लगभग 200 प्रकार के नुकसानदायक कीटों के अंडों...

स्मृति शेष : बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान

बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान   By - Vinod Arya   सामाजिक न्याय, शिल्पकार चेतना और समानता के महान अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य जी (12 मई...

वरिष्ठ साहित्यकार राम प्रकाश अग्रवाल कण की पुस्तक का लोकार्पण।

पुस्तक लोकार्पण "मॉं जिसके गोद में सभ्यताएं पलीं" लेखक - राम प्रकाश अग्रवाल कण, प्रकाशन - समय साक्ष्य (देहरादून)   By - Neeraj Naithani ।।   लैंसडाउन चौक स्थित...

तुलसी माला को लेकर क्यों विरोध कर रहे हैं बद्रीनाथवासी? पढ़े पूरी रिपोर्ट

By - Sanjana bhagwat   बद्रीनाथ धाम में तुलसी माला को लेकर बामणी गांव के लोगों द्वारा किया जा रहा विरोध केवल एक व्यापारिक विषय नहीं,...

12 मई विशेषांक : शिल्पकारों के उत्थान के लिए लड़ते रहे बलदेव सिंह आर्य।

‘जातीय जड़ता जाने का जश्न मनायें’। उत्तराखण्ड के शिल्पकार वर्ग में सामाजिक-शैक्षिक चेतना के अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य (12 मई, 1912 से 22 दिसम्बर, 1992)...

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह : उफ्तारा

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह। फिल्म परिषद का कार्यालय शीघ्र। सी.ई.ओ. बंशीधर तिवारी का उफतारा ने जताया आभार। दूरदर्शन और संस्कृति विभाग को...