Friday, March 6, 2026
Home lifestyle मुख्यमंत्री धामी के हल चलाने वाली गतिविधि को गंभीरता से लें योजनाकार,...

मुख्यमंत्री धामी के हल चलाने वाली गतिविधि को गंभीरता से लें योजनाकार, वरना…..।

By – Pankaj kushwah

पिछले दिनों मुख्यमंत्री धामी की धान की रोपाई, हल चलाते हुए फोटो वायरल हुई। कई लोगों ने जमकर तारीफ की कई लोगों ने मजाक उड़ाया।

खैर, इस फोटो को देखकर पहाड़ से भी लाख हेक्टेयर के करीब बंजर पड़ी जमीन ने भी आवाज लगाई और लोगों से कहा कि फोटोशूट के बहाने ही वह वापस लौटे और उन खेतों को स्थाई ठिकाना बना चुकी झाड़ियों को काटे, जमीन के उपर बंजर पड़ उस मोटी परत को हल और कुदाल से उलटकर उस मिट्टी को उतना ही कोमल बनाए जितना वह रहा करती थी। नर्म और कोमल मिट्टी में बीज सृजन करते हैं, सख्त और बंजर जमीन पर झाड़ियां ही उग आती है जो अंततः गुलदार, जंगली सुअर का रिहायश बनती है और वह गांव के दूसरे लोगों और खेतों के लिए खतरनाक साबित होती है।

एक अनुमान के मुताबिक राज्य में 2,15,982 हेक्टेयर भूमि राज्य गठन के बाद बंजर हो गई है। राज्य हर साल औसतन 3672 हेक्टेयर कृषि भूमि गंवा रहा है। तराई इलाकों में कृषि भूमि पर तेजी से प्लाटिंग, आवासी परियोजनाएं उग रही हैं, पलायन की मार से पहाड़ी भूमि बंजर हो रही है। जलवायु परिवर्तन और जंगली जानवरों का प्रकोप भी लोगों को खेती से दूर कर रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का खेत में उतरना भले ही सांकेतिक हो, लेकिन मिट्टी में उतरने का भी जज्बा ही चाहिए। हां, यह भी हकीकत है प्रदेश में कृषि मंत्रालय की कमान ऐसे मंत्री के हाथ पर है जिस पर उद्यान में हुए करोड़ों के घोटाले का आरोप लगता रहा है, कृषि को लेकर उनकी समझ उतनी ही है कि खाली जमीनें बस उन्हे प्लॉट की तरह दिखते होंगे। इस बात की तस्दीक इस बात से होती है कि उनके खिलाफ फिलहाल आय से अधिक संपति जोड़ने का भी मामला भी लगातार सुखिर्यों में बना हुआ है।


हम देहरादून समेत तराई इलाकों में मिट्टी को सीमेंट के फैलते समुद्र में खोते देख रहे हैं, पहाड़ों में बंजर जमीनों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। बाकी कृषि योग्य भूमि विकास की महापरियोजनाओं की भेंट चढ़ रही है। कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के लिए ही कुछ 800 हेक्टेयर कृषि भूमि का अधिग्रहण किया गया जिसमें से कई हेक्टेयर बेहद उपजाउ हिस्से भी थे जो अब रेलवे परियोजनाओं से उड़ रही धूल, मिट्टी से बंजर पड़ गई है। सुरंगों के निर्माण से पेयजल स्रोत खत्म हुए तो इस इलाके में धान की रोपाई भी भी बड़ा असर पड़ा। वहीं, 12 हजार करोड़ रूपए की लागत से बन रही 825 किमी लंबी ऑल वेदर रोड में भी हजारों हजार हेक्टेयर कृषि भूमि का अधिग्रहण किया गया।

RELATED ARTICLES

धराली आपदा : वैज्ञानिकों ने किया खुलासा, एक बड़े ग्लेशियर के टुकड़े के टूटने से हुई तबाही।

न बादल फटा, न ग्लेशियल झील… वैज्ञानिक अध्ययन में खुलासा: श्रीकांता ग्लेशियर से बर्फ का बड़ा हिस्सा गिरने से हुआ था धराली हादसा। ....................... 5 अगस्त...

2017 तक स्टार्टअप की संख्या थी शून्य। वर्ष 2025 में बढ़कर हुई 1750

- 2024-25 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) ₹ 3,81,889 करोड़ का रहा - 2021-22 के मुकाबले जीएसडीपी में आया डेढ़ गुना से ज्यादा...

एक साधारण व्यक्ति में असाधारण व्यक्तित्व की जीवन्त जीवन जीने की शब्द-यात्रा है – BARLOWGANJ AND BEYOND

- साधारण व्यक्ति का असाधारण व्यक्तित्व : प्रो. बी. के. जोशी। - प्रो. बी. के. जोशी जी के जीवनीय आत्म-संस्मरणों पर केन्द्रित पुस्तक 'BARLOWGANJ...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

धराली आपदा : वैज्ञानिकों ने किया खुलासा, एक बड़े ग्लेशियर के टुकड़े के टूटने से हुई तबाही।

न बादल फटा, न ग्लेशियल झील… वैज्ञानिक अध्ययन में खुलासा: श्रीकांता ग्लेशियर से बर्फ का बड़ा हिस्सा गिरने से हुआ था धराली हादसा। ....................... 5 अगस्त...

2017 तक स्टार्टअप की संख्या थी शून्य। वर्ष 2025 में बढ़कर हुई 1750

- 2024-25 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) ₹ 3,81,889 करोड़ का रहा - 2021-22 के मुकाबले जीएसडीपी में आया डेढ़ गुना से ज्यादा...

एक साधारण व्यक्ति में असाधारण व्यक्तित्व की जीवन्त जीवन जीने की शब्द-यात्रा है – BARLOWGANJ AND BEYOND

- साधारण व्यक्ति का असाधारण व्यक्तित्व : प्रो. बी. के. जोशी। - प्रो. बी. के. जोशी जी के जीवनीय आत्म-संस्मरणों पर केन्द्रित पुस्तक 'BARLOWGANJ...

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान   By - Harishankar saini   कभी गड्ढों, कीचड़ और टूटे किनारों से जूझती सलान गाँव...

होली विशेषांक : खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर।

- खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर। - दून पुस्तकालय में संगीताजंलि की शानदार होली प्रस्तुति दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के एम्फीथियेटर में आज संगीतांजली शास्त्रीय...

बर्लोगंज एंड बियोंड पुस्तक का लोकार्पण

पुस्तक : बर्लोगंज एंड बियोंड   By - Dr. Yogesh dhasmana   देश के प्रसिद्ध शिक्षाविद प्रो बी के जोशी के संस्मरणों पर आधारित पुस्तक बर्लोगंज एंड बियोंड...

विज्ञान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में।

विज्ञान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में। By - Neeraj Uttarakhandi पुरोला विकासखंड के अंतर्गत राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में राष्ट्रीय...

स्पैक्स संस्था ने होली के प्राकृतिक रंगों पर दून पुस्तकालय में बच्चों को दी जानकारी।

स्पैक्स संस्था ने होली के प्राकृतिक रंगों पर दून पुस्तकालय में बच्चों को दी जानकारी। .......... दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में ‘स्पेक्स’ संस्था के सहयोग...

जनगणना की पूरी तैयारी, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगी जनगणना

जनगणना-2027 की डिजिटल तैयारियां शुरू, देहरादून में 25-27 फरवरी तक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू चार्ज अधिकारियों से लेकर सेन्सस क्लर्क तक, सभी ले रहे डिजिटल...

एक स्वस्थ परंपरा है स्कूल ऑफ थॉट्स – प्रो० पंवार

स्कूल ऑफ थॉट्स, श्रीनगर (गढ़वाल), भारतीय-हिमालयी ज्ञान परंपरा,  मुख्य वक्ता- प्रो. मोहन पंवार। भारतीय : हिमालय ज्ञान परंपरा पर अपनी बात शुरू करते हुए मुख्य...