Tuesday, June 9, 2026
Home lifestyle देहरादून : 80 स्वयं सहायता समूह की 1700 महिलाये कर रही है...

देहरादून : 80 स्वयं सहायता समूह की 1700 महिलाये कर रही है स्वरोजगार।

By – Prem Pancholi

– रानीपोखरी की महिलाओं द्वारा आकर्षक दीपावली गिफ्ट हैंपर से स्थानीय बाजार हुए गुलजार।

– 80 स्वयं सहायता समूह की 1700 महिलाओं को मिला मुख्यमंत्री सशक्त बहन उत्सव योजना के अंतर्गत रोजगार।

– गिफ्ट हैंपर में पहाड़ी और जैविक उत्पादों का रहता है मिश्रण।

राजधानी देहरादून की विकासखंड डोईवाला में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत समूह की महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के वोकल फॉर लोकल मुहिम को तेजी से आगे बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के अंतर्गत डोईवाला ब्लॉक रानीपोखरी की स्वाभिमान क्लस्टर लेवल फेडरेशन की महिलाओं ने आगामी दीपावली के त्यौहार पर अपने हुनर और परिश्रम से सुंदर एवं आकर्षक गिफ्ट हैंपर तैयार कर बाजार, सरकारी व निजी संस्थानों में उचित मूल्य पर बेच रही है। साथ ही प्राइवेट कंपनियों द्वारा बनाए जा रहे गिफ्ट हैंपरों को भी स्थानीय बाजारों व संस्थाओं में टक्कर दे रही है।

ग्रामीण महिलाओं के समूह द्वारा बनाई जा रही गिफ्ट हैंपरों में पहाड़ी व जैविक उत्पादों को खरीदने के साथ उपयोग करने का भी मौका दे रही है। महिलाओं को इन गिफ्ट हैंपरों के लिए स्थानीय ग्राहकों, बाजारों के साथ-साथ सरकारी विभागों से भी ऑर्डर प्राप्त हुए हैं, जिससे उन्हें अपने उत्पादों को व्यापक स्तर पर बेचने का अवसर मिल रहा है।

वोकल फॉर लोकल की मुहिम और पहाड़ी उत्पादों को घर-घर पहुंचने की दिशा में डोईवाला ब्लॉक की स्वाभिमान क्लस्टर लेवल फेडरेशन के अंतर्गत 80 स्वयं सहायता समूह की 1700 महिलाओं को योजना के अंतर्गत रोजगार मिला है। जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है साथ ही वह आत्मनिर्भर भी बनी है। ग्रामीण महिलाओं ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की मदद से उन्हें 8 लाख का कम्यूनिटी इन्वेस्टमेंट फंड प्रदान किया गया. जिससे महिलाओ ने 800 गिफ्ट हैंपर बनाने का लक्ष्य रखा था। जिसमें से उन्होंने अभी तक 600 से अधिक गिफ्ट हैंपर बना कर बाजारों में उचित दामों पर बेच दिए हैं। महिलाओं द्वारा बनाए गए गिफ्ट हैंपर 2000 से 3000 तक के वर्गों में विभाजित है। प्रत्येक गिफ्ट हैंपर से महिलाओं को 20% की बचत हो रही है।

महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे इन गिफ्ट हैंपर में रोस्टेड काजू, रोस्टेड बादाम, नमकीन, शहद, दीए, मोमबत्तियाँ, मठरी, एलईडी लाइट एवं अन्य हस्तनिर्मित सामग्री को शामिल किया गया है। येगिफ्ट हैंपर पूरी तरह से स्थानीय उत्पादों से सजे हुए हैं, जो न केवल स्वाद और सुंदरता की महक छोड़ रहे हैं, साथ ही महिला स्वावलंबन और ग्रामीण उद्यमिता का भी उत्कृष्ट उदाहरण पेश कर रहा है।

फेडरेशन की अध्यक्ष संगीता शर्मा ने बताया कि इस पहल से महिलाओं को अच्छी आमदनी के साथ आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्राप्त हो रहा है। साथ ही, यह प्रयास स्थानीय स्तर पर हस्तनिर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।

जिला मिशन प्रबंधक अपर्णा बहुगुणा ने बताया कि डोईवाला ब्लॉक की ग्रामीण महिलाओं द्वारा दीपावली के पर्व पर गिफ्ट हैंपर तैयार किए गए हैं। जिसमें अधिकतर पहाड़ी एवं जैविक उत्पादों के साथ हैंडमेड आइटम भी उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण महिलाओं के इस प्रयास से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है साथ ही वहा आत्मनिर्भर भी बन रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के अंतर्गत हमें प्रत्येक त्यौहार में ग्रामीण महिलाओं द्वारा बनाए जा रहे पहाड़ी उत्पादों को मार्केट में प्रदान करना है। साथ ही उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना भी है।

इन जगहों से है ज्यादा डिमांड

स्वाभिमान क्लस्टर लेवल फेडरेशन की ग्रामीण महिलाओं को रानी पोखरी स्थित उत्तरा एंपोरियम, जॉली ग्रांट एयरपोर्ट, हिमालयन हॉस्पिटल, ग्राम्य विकास विभाग एवं कृषि विभाग जैसे तमाम सरकारी संस्थानों से अधिक संख्या में आर्डर मिलते हैं।

RELATED ARTICLES

आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए सरकारी वर्जिश

वैज्ञानिक योजना, कुशल प्रशासन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के जरिए आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि...

पर्यावरण दिवस : पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा ने किया कृषि अनुसंधान संस्थान में वृक्षारोपण

विश्व पर्यावरण दिवस पर IATR देहरादून में पौधारोपण एवं गोष्ठी का आयोजन। पद्मश्री प्रेम चंद शर्मा ने छात्रों को मोरिंगा और पंच पल्लव के...

एक्शनएड की पहल : जलवायु परिवर्तन के खतरे और समाधान पर चिंतन

By - Prem Pancholi   सामाजिक एवं पर्यावरणीय मुद्दों पर कार्य करने वाली सामाजिक संस्था एक्शनएड एवं दून विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में "हिमालयी भविष्य की...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए सरकारी वर्जिश

वैज्ञानिक योजना, कुशल प्रशासन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के जरिए आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि...

पर्यावरण दिवस : पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा ने किया कृषि अनुसंधान संस्थान में वृक्षारोपण

विश्व पर्यावरण दिवस पर IATR देहरादून में पौधारोपण एवं गोष्ठी का आयोजन। पद्मश्री प्रेम चंद शर्मा ने छात्रों को मोरिंगा और पंच पल्लव के...

एक्शनएड की पहल : जलवायु परिवर्तन के खतरे और समाधान पर चिंतन

By - Prem Pancholi   सामाजिक एवं पर्यावरणीय मुद्दों पर कार्य करने वाली सामाजिक संस्था एक्शनएड एवं दून विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में "हिमालयी भविष्य की...

जलवायु परिवर्तन चर्चा : प्राकृतिक संसाधनों पर परंपरागत अधिकारों पर सरकारी कब्जा।

By - Prem Pancholi   दून विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित "हिमालयी एक्शन स्कूल" कार्यक्रम के दूसरे दिन प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, सुशासन, रोजगार, पलायन और...

स्थानीय समुदाय के बिना आपदा राहत कार्य अधूरा।

By - Prem Pancholi ................................... दून विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित "हिमालयी एक्शन स्कूल" कार्यक्रम के तीसरे दिन सामाजिक संस्था एक्शनएड और दून विश्वविद्यालय के संयुक्त...

सतत विकास और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण हेतु एक साथ आएंगे हिमालयीवासी

By - Prem Pancholi   सामाजिक एवं पर्यावरणीय मुद्दों पर कार्य करने वाली सामाजिक संस्था एक्शनएड एवं दून विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में "हिमालयी भविष्य की...

कहानी : दादी की चिट्ठी

आजकल छुट्टियों में गाँव जा रहे हो? मेरी इस कहानी को पढ़कर जाना - डॉ० ममता कुंवर By - Dr. Mamata Kunwar आज दादी सुबह से...

विश्लेषण : आखिर ज़ेन-जी (Gen-Z) पैसा क्यों नहीं बचा रही?

फाइनेंशियल निहिलिज्म (Financial Nihilism): आखिर ज़ेन-जी (Gen-Z) पैसा क्यों नहीं बचा रही? Dr. Nitin Upadhyay ।। आजकल अक्सर सुनने को मिलता है—"आजकल के बच्चे सेविंग्स नहीं...

यात्रा संस्मरण : जब एक 20 वर्षीय युवती सेल्फ स्टीक से अनजान थी, इस सवाल ने नए भारत के लिए नया सवाल खड़ा कर...

By - Prem Pancholi यह यात्रा मेरी अन्य यात्राओं से भिन्न हो सकती है। क्योंकि यह यात्रा पैदल, बस और रेल के माध्यम से संपन्न...

कहानी : बधाई हो, जज हुआ है, एक नर्स का यह कहना?

By - Deepa Shah  कुछ साल पहले का वो कार्टून आज भी याद आता है। नर्स ऑपरेशन थिएटर से बाहर निकलती है, चेहरे पर थकान...