Saturday, March 7, 2026
Home lifestyle चाय छानने के बाद कूड़ेदान में फेंक देते हों चायपत्ती, जानिए इसे...

चाय छानने के बाद कूड़ेदान में फेंक देते हों चायपत्ती, जानिए इसे फिर से इस्तेमाल करने के तरीके 

सर्दी हो या गर्मी चाय पीना हर भारतीय का फेवरेट ड्रिंक है। कोई खुशखबरी है या फिर तबीयत नासाज है तो भी लोग एक कप चाय की डिमांड जरूर करते हैं। चाय के दीवाने एक प्याली चाय के लिए मीलों का सफर भी तय कर लेते हैं। सर्दी के मौसम में शरीर को गर्म करने के लिए लोग खूब चाय का सेवन करते हैं। इससे चाय की खपत भी दोगुनी हो जाती है। चाय छानने के बाद हम चाय पत्ती कूड़ेदान में फेंक देते हैं।  हालांकि, आज की इस खबर में हम आपको चाय पत्ती के इस्तेमाल और इसके फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे आप चाय की बची चायपत्ती को भी उपयोग में ला सकते हैं और इसे फिर से इस्तेमाल में ला सकती हैं। आइए जानते हैं।

खाद के रूप में करें यूज

आप चाय पत्ती को खाद के रूप में भी यूज कर सकते हैं। बता दें कि चाय पत्ती में टेनिक एसिड की मौजदूगी होती है। साथ ही कुछ ऐसे न्यूट्रिएंट भी होते हैं, जो मिट्टी को उपजाऊ बनाने में काफी मददगार होते हैं। यह एक तरह से नेचुरल फर्टिलाइजर होता है। जैसे ही चायपत्ती मिट्टी में जाकर सड़ जाती है और उसमें मिल जाती है तो अपने न्यूट्रिएंट को मिट्टी में छोड़ते जाती है।

इंफेक्शन से करता है बचाव

पौधों में अक्सर फंगल इंफेक्शन फैलने का खतरा बना रहता है। ऐसे में अगर आप बची हुई चायपत्ती को बाल्टी में भरकर इसका छिड़काव अपने गार्डन एरिया में करते हैं तो पौधों में लगने वाले फंगल इंफेक्शन से छुटकारा मिल जाता है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

बदबू को करें दूर

अगर आपके फ्रिज से बदबू आने की समस्या बनी रहती है आप इसे बची हुई चायपत्ती से दूर कर सकते हैं। इसके लिए आप बची हुआ चायपत्ती को एक कॉटन के कपड़े में लपेटकर रखें और कुछ दिन इसे पड़े रहने दें। इससे प्याज और लहसुन की बदबू मिनटों में चली जाती है।

स्किन के लिए है बहुत फायदेमंद

बची हुई चाय पत्ती स्किन के लिए भी काफी कारगर होती है। इससे एक खास स्क्रब भी बनाया जा सकता है। यही नहीं, इसे आप फेसवॉश की तरह भी यूज कर सकते हैं। साथ ही यह सनबर्न से भी काफी राहत देता है। बची हुई चाय पत्ती से आप फेस मास्क भी बना सकते हैं।

(साभार)

RELATED ARTICLES

धराली आपदा : वैज्ञानिकों ने किया खुलासा, एक बड़े ग्लेशियर के टुकड़े के टूटने से हुई तबाही।

न बादल फटा, न ग्लेशियल झील… वैज्ञानिक अध्ययन में खुलासा: श्रीकांता ग्लेशियर से बर्फ का बड़ा हिस्सा गिरने से हुआ था धराली हादसा। ....................... 5 अगस्त...

2017 तक स्टार्टअप की संख्या थी शून्य। वर्ष 2025 में बढ़कर हुई 1750

- 2024-25 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) ₹ 3,81,889 करोड़ का रहा - 2021-22 के मुकाबले जीएसडीपी में आया डेढ़ गुना से ज्यादा...

एक साधारण व्यक्ति में असाधारण व्यक्तित्व की जीवन्त जीवन जीने की शब्द-यात्रा है – BARLOWGANJ AND BEYOND

- साधारण व्यक्ति का असाधारण व्यक्तित्व : प्रो. बी. के. जोशी। - प्रो. बी. के. जोशी जी के जीवनीय आत्म-संस्मरणों पर केन्द्रित पुस्तक 'BARLOWGANJ...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

धराली आपदा : वैज्ञानिकों ने किया खुलासा, एक बड़े ग्लेशियर के टुकड़े के टूटने से हुई तबाही।

न बादल फटा, न ग्लेशियल झील… वैज्ञानिक अध्ययन में खुलासा: श्रीकांता ग्लेशियर से बर्फ का बड़ा हिस्सा गिरने से हुआ था धराली हादसा। ....................... 5 अगस्त...

2017 तक स्टार्टअप की संख्या थी शून्य। वर्ष 2025 में बढ़कर हुई 1750

- 2024-25 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) ₹ 3,81,889 करोड़ का रहा - 2021-22 के मुकाबले जीएसडीपी में आया डेढ़ गुना से ज्यादा...

एक साधारण व्यक्ति में असाधारण व्यक्तित्व की जीवन्त जीवन जीने की शब्द-यात्रा है – BARLOWGANJ AND BEYOND

- साधारण व्यक्ति का असाधारण व्यक्तित्व : प्रो. बी. के. जोशी। - प्रो. बी. के. जोशी जी के जीवनीय आत्म-संस्मरणों पर केन्द्रित पुस्तक 'BARLOWGANJ...

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान   By - Harishankar saini   कभी गड्ढों, कीचड़ और टूटे किनारों से जूझती सलान गाँव...

होली विशेषांक : खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर।

- खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर। - दून पुस्तकालय में संगीताजंलि की शानदार होली प्रस्तुति दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के एम्फीथियेटर में आज संगीतांजली शास्त्रीय...

बर्लोगंज एंड बियोंड पुस्तक का लोकार्पण

पुस्तक : बर्लोगंज एंड बियोंड   By - Dr. Yogesh dhasmana   देश के प्रसिद्ध शिक्षाविद प्रो बी के जोशी के संस्मरणों पर आधारित पुस्तक बर्लोगंज एंड बियोंड...

विज्ञान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में।

विज्ञान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में। By - Neeraj Uttarakhandi पुरोला विकासखंड के अंतर्गत राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में राष्ट्रीय...

स्पैक्स संस्था ने होली के प्राकृतिक रंगों पर दून पुस्तकालय में बच्चों को दी जानकारी।

स्पैक्स संस्था ने होली के प्राकृतिक रंगों पर दून पुस्तकालय में बच्चों को दी जानकारी। .......... दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में ‘स्पेक्स’ संस्था के सहयोग...

जनगणना की पूरी तैयारी, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगी जनगणना

जनगणना-2027 की डिजिटल तैयारियां शुरू, देहरादून में 25-27 फरवरी तक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू चार्ज अधिकारियों से लेकर सेन्सस क्लर्क तक, सभी ले रहे डिजिटल...

एक स्वस्थ परंपरा है स्कूल ऑफ थॉट्स – प्रो० पंवार

स्कूल ऑफ थॉट्स, श्रीनगर (गढ़वाल), भारतीय-हिमालयी ज्ञान परंपरा,  मुख्य वक्ता- प्रो. मोहन पंवार। भारतीय : हिमालय ज्ञान परंपरा पर अपनी बात शुरू करते हुए मुख्य...