Friday, March 6, 2026
Home पौड़ी गढ़वाल वरिष्ठ रंगकर्मी डॉ० राकेश भट्ट अमिताभ बच्चन के मुरीद भी है और...

वरिष्ठ रंगकर्मी डॉ० राकेश भट्ट अमिताभ बच्चन के मुरीद भी है और नाराज भी है, लिखा पत्र।

आदरणीय श्री अमिताभ बच्चन जी।
सादर प्रणाम।

मेरा ख़त आपतक पहुंचे इस बात की मुराद है।


ताज़ा मसला ये है कि मोबाइल फोन्स पर कॉलर ट्यून में प्रचलित आपकी गरगराती भारी सी आवाज़ की ख़िलाफ़त होने लगी है। लोग न्यायालय की शरण में हैं। कई संगठनों ने प्रोटेस्ट भी कर दिया है। दुनिया भर के मीम्स बनने लगे हैं। ये उसी आवाज़ के ख़िलाफ़ है, जिस आवाज़ के लोग दीवाने हुआ करते हैं।
दर असल मेरे लिए आपकी ख़िलाफ़त व्यक्तिगत रूप से असह्य है। क्योंकि मैं ये मानता हूं कि इस पृथ्वी पर मुझसे बड़ा आपका कोई प्रशंसक नहीं। मुझे याद है 1983 में आपकी फिल्म देखी थी ज़ंजीर। तब मैं दस बरस का रहा हूंगा। आपके पुलिस अफसर का किरदार मन मस्तिष्क पर इतना हावी हुआ कि मुझे उस अफसर से मिलने की प्रबल इच्छा हुई। बाद में मेरे पिता ने कहा उस इंस्पेक्टर का नाम अमिताभ बच्चन है। और वे प्रसिद्ध कवि हरिवंशराय बच्चन के ज्येष्ठ पुत्र हैं। हम लोग इनसे कभी नहीं मिल सकते। ये सिर्फ सिनेमा के इंस्पेक्टर हैं। वैसे ऐक्टर हैं और बहुत से किरदार निभाते है। सच कहूं बाल मन पर आपके अभिनय की इतनी छपास पड़ी कि फिर पागलों की तरह आपकी फ़िल्में देखीं। जब भी फिल्म देखने का अवसर होता तो शर्त थी कि अगर फिल्म में अमिताभ बच्चन हैं तभी देखूंगा वरना नहीं। ये सिलसिला बचपन से किशोर आयु, जवानी और अब प्रौढ़ावस्था तक बना हुआ है। फिर तो सात हिंदुस्तानी से लेकर ऊंचाई तक की शायद ही कोई फिल्म हो जो मैने न देखी हो। फिल्मों की कहानियां कितनी भी बोरिंग रही हों मगर जब आपकी मौजूदगी फिल्म में रही हो तो मेरे लिए फिर कहानी महत्व नहीं रखती थी। भारी आवाज, मर्दाना शख्सियत, घने काले बाल जो कानों को ढककर गालों पर तिरछी कलम तक आते थे, माथे के बीचों बीच की मांग। सम्मोहित कर देने वाली आँखें, दांतों पर चांदी का वर्क, प्यारी सी चितवन। एक- एक चीज़ मर मिट जाने का मन होता था। आपकी फ़िल्में शोले, शराबी, मुकद्दर का सिकंदर, खून पसीना, अमर अकबर एंथनी, काला पत्थर,सिलसिला, कुली, सत्ते पे सत्ता, अग्निपथ….. कितने नाम गिनाऊं जिन्हें आज भी देखता हूं तो इस तरह देखता हूं जैसे पहली बार देख रहा हूं। आप सिर्फ एक अभिनेता नहीं एक आकर्षक व्यक्ति हो। भाषा पर जितनी पकड़ आपकी है दूर दूर तक कोई अभिनेता आपका मुकाबला नहीं कर सकता। हिंदी की प्रांजलता, खालिस उर्दू, आकर्षक अंग्रेजी और जरूरत पढ़ने पर इलाहाबादी देसी भाषा। कसम से कोई जवाब नहीं आपका। अभिनेता एक अध्येता भी हो सकता है ये अपने सिद्ध किया। यद्यपि आपके भाषाई परिष्करण में श्री हरिवंशन राय बच्चन की छाया है इससे आप भी इनकार नहीं कर सकते। भारतीय सिनेमा में आप जैसा विराट व्यक्तित्व का होना दुर्लभ योग है।
किंतु हे अभिनय के देवता इस कॉलर ट्यून को आप स्वयं ही विराम दे दें। लोग इरिटेट हैं, दुखी हैं। क्योंकि इन तीन चार सेकंड में ही कई तरह की अनहोनियों के हो जाने का खतरा बना रहता है। तत्काल रूप से बात का न पहुंच पाना बेहद घातक सिद्ध हो रहा है।
मान्यवर आप स्वयं आगे आएं और दूरसंचार कंपनियों से इस चेतावनी जो कि हमने अच्छी तरह से समझ ली है जान ली है। उसे स्थगित करने की कृपा करें।
हम सभी भारतीय आपके ऋणी रहेंगे। दीवाने तो हम आपके हैं ही है।

डा० राकेश भट्ट

RELATED ARTICLES

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान   By - Harishankar saini   कभी गड्ढों, कीचड़ और टूटे किनारों से जूझती सलान गाँव...

जनगणना की पूरी तैयारी, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगी जनगणना

जनगणना-2027 की डिजिटल तैयारियां शुरू, देहरादून में 25-27 फरवरी तक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू चार्ज अधिकारियों से लेकर सेन्सस क्लर्क तक, सभी ले रहे डिजिटल...

एक स्वस्थ परंपरा है स्कूल ऑफ थॉट्स – प्रो० पंवार

स्कूल ऑफ थॉट्स, श्रीनगर (गढ़वाल), भारतीय-हिमालयी ज्ञान परंपरा,  मुख्य वक्ता- प्रो. मोहन पंवार। भारतीय : हिमालय ज्ञान परंपरा पर अपनी बात शुरू करते हुए मुख्य...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

धराली आपदा : वैज्ञानिकों ने किया खुलासा, एक बड़े ग्लेशियर के टुकड़े के टूटने से हुई तबाही।

न बादल फटा, न ग्लेशियल झील… वैज्ञानिक अध्ययन में खुलासा: श्रीकांता ग्लेशियर से बर्फ का बड़ा हिस्सा गिरने से हुआ था धराली हादसा। ....................... 5 अगस्त...

2017 तक स्टार्टअप की संख्या थी शून्य। वर्ष 2025 में बढ़कर हुई 1750

- 2024-25 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) ₹ 3,81,889 करोड़ का रहा - 2021-22 के मुकाबले जीएसडीपी में आया डेढ़ गुना से ज्यादा...

एक साधारण व्यक्ति में असाधारण व्यक्तित्व की जीवन्त जीवन जीने की शब्द-यात्रा है – BARLOWGANJ AND BEYOND

- साधारण व्यक्ति का असाधारण व्यक्तित्व : प्रो. बी. के. जोशी। - प्रो. बी. के. जोशी जी के जीवनीय आत्म-संस्मरणों पर केन्द्रित पुस्तक 'BARLOWGANJ...

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान   By - Harishankar saini   कभी गड्ढों, कीचड़ और टूटे किनारों से जूझती सलान गाँव...

होली विशेषांक : खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर।

- खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर। - दून पुस्तकालय में संगीताजंलि की शानदार होली प्रस्तुति दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के एम्फीथियेटर में आज संगीतांजली शास्त्रीय...

बर्लोगंज एंड बियोंड पुस्तक का लोकार्पण

पुस्तक : बर्लोगंज एंड बियोंड   By - Dr. Yogesh dhasmana   देश के प्रसिद्ध शिक्षाविद प्रो बी के जोशी के संस्मरणों पर आधारित पुस्तक बर्लोगंज एंड बियोंड...

विज्ञान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में।

विज्ञान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में। By - Neeraj Uttarakhandi पुरोला विकासखंड के अंतर्गत राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में राष्ट्रीय...

स्पैक्स संस्था ने होली के प्राकृतिक रंगों पर दून पुस्तकालय में बच्चों को दी जानकारी।

स्पैक्स संस्था ने होली के प्राकृतिक रंगों पर दून पुस्तकालय में बच्चों को दी जानकारी। .......... दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में ‘स्पेक्स’ संस्था के सहयोग...

जनगणना की पूरी तैयारी, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगी जनगणना

जनगणना-2027 की डिजिटल तैयारियां शुरू, देहरादून में 25-27 फरवरी तक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू चार्ज अधिकारियों से लेकर सेन्सस क्लर्क तक, सभी ले रहे डिजिटल...

एक स्वस्थ परंपरा है स्कूल ऑफ थॉट्स – प्रो० पंवार

स्कूल ऑफ थॉट्स, श्रीनगर (गढ़वाल), भारतीय-हिमालयी ज्ञान परंपरा,  मुख्य वक्ता- प्रो. मोहन पंवार। भारतीय : हिमालय ज्ञान परंपरा पर अपनी बात शुरू करते हुए मुख्य...